Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

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दो धोळी थी ,दो काळी थी ,
बानणी के सर पे चाली थी ,
बानणी सोवे सारी रात ,
पर उन् ने पींघ सजा ली थी |




बताओ के ?
 
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वे सें चार, में सूं एक ,में उनका सूं भाई देख ,वे सें कन्या कुंवारी ,मेरे बिना हीन बीचारी |बताओ के ?
 
वे सें चार, में सूं एक ,में उनका सूं भाई देख ,वे सें कन्या कुंवारी ,मेरे बिना हीन बीचारी |बताओ के ?
paheli ke upar paheli, priya ka jawab theek hai k ?
 
paheli ke upar paheli, priya ka jawab theek hai k ?


मन्ने जबाब छाप्प्या था , वो आया कोनी ,तन्ने उह के इनाम तें जल्दे -बल्दे ने किम्मे टूणा-टोटका कर राख्या स कम्पूटर के |
 
मन्ने जबाब छाप्प्या था , वो आया कोनी ,तन्ने उह के इनाम तें जल्दे -बल्दे ने किम्मे टूणा-टोटका कर राख्या स कम्पूटर के |
ना मै तो ज्यांतई पूच्छू था क्योंकि यो जवाब मन्नै बताया था उसतै
 
वे सें चार, में सूं एक ,में उनका सूं भाई देख ,वे सें कन्या कुंवारी ,मेरे बिना हीन बीचारी |बताओ के ?

Haath Ka Panja, Aik Angootha aur Char Aangli
 
तू जावे ते ,
हाम लड़ पडाँ ,
तू आवे ते ,
आपां दूर खडां|


बताओ के ?
 
धन हो सके से...???

हम्बे ... तू भी भर ले तिजोरी ....तेरी आर मेरी आई-क्यू फुस्स स जमा...:livid:
.... यो उपर इस Surender भाई ने जवाब दिया यो लवे लागता सा लाग्या कीमे ...
 
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हम्बे ... तू भी भर ले तिजोरी ....तेरी आर मेरी आई-क्यू फुस्स स जमा...:livid:
.... यो उपर इस Surender भाई ने जवाब दिया यो लवे लागता सा लाग्या कीमे ...

भाई लीले, धन जब दूर होया करे ते आपस में जूत बाज्या करे. रोज रोल्ला होया करे.. आर जब धोरे आ जावे ते मानस दुसरे की ज्यात भी न बुझे.. तुक्का मार्या था मन्ने तो.. आर तू इस बोरी का मुह बंद कर ले... किम्मे नहीं थ्याना अपने!! :singing:



PS : पहेली बुझ्निया दिखे विशाखापत्तनम जा लिया डाक्टर का बेरा काढन....;)
 
भाई लीले, धन जब दूर होया करे ते आपस में जूत बाज्या करे. रोज रोल्ला होया करे.. आर जब धोरे आ जावे ते मानस दुसरे की ज्यात भी न बुझे.. तुक्का मार्या था मन्ने तो.. आर तू इस बोरी का मुह बंद कर ले... किम्मे नहीं थ्याना अपने!! :singing:



PS : पहेली बुझ्निया दिखे विशाखापत्तनम जा लिया डाक्टर का बेरा काढन....;)

गरीबी माणस ने संगठीत कर्या करे | अर धन दुराव बधाया करे | जब जाट गरीब थे घणे संगठित थे ,जब धन आग्या ,ब्योंत माड़ा ठीक हो गया ते सब दुसर्यां ने न्यू कह दे सें अक तू कुण ? जा जट्टां का एक्का होंदा ते हरयाणा में भजनलाल इतने साल शाशन नि कर सके था |
 
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