Hello Friends !
I wrote this gazal few months back when Mumbai was attacked but was away from Net for a while so couldn't post. I hope this is appropriate time to post it when our Politician are coming to you for votes. Let me remind you what they are so that you ask few questions to them. I hope you will like it.
हिन्दुस्तान पर हमला !
’हिन्दुस्तान पर हमला’ खबर जानी-पह्चानी है
घाव हर रोज़ नये लेकिन तलवार वही पुरानी है ॥
एक गाल पर थप्पड मारो हम दुसरा पेश करेंगे
हथियार नहीं उठायेंगे हम गाँधी के खानदानी है ॥
दरिंदों से इंसानियत की उम्मीद लगाये बैठे हो
भैंस के आगे बीन बजाना हरकत बचकानी है ॥
मासूम सडकों पर चाहे कत्ल-ए-आम होते रहें
हमें तो कुछ खास लोगों की सुरक्षा बढानी है ॥
आतँकवाद से भी निबट लेंगे, पहले ये फ़ैसला हो
कब कहाँ और कैसे साहबजादे को कुर्सी थमानी है ॥
अमन हो गया तो क्या बेरोजगार नहीं हो जायेंगे
लाशों पर सियासत की दुकान भी तो चलानी है ॥
चाणक्य, विदूर की राजनीति, बाते है इतिहास की
चोर-लूटेरों से मिलकर सेक्यूलर सरकार बनानी है ॥
अगर लहू होता तो कभी का उबल पडता ’विजय’
सियासतदानों की रगों में दौड रहा महज़ पानी है ॥
I wrote this gazal few months back when Mumbai was attacked but was away from Net for a while so couldn't post. I hope this is appropriate time to post it when our Politician are coming to you for votes. Let me remind you what they are so that you ask few questions to them. I hope you will like it.
हिन्दुस्तान पर हमला !
’हिन्दुस्तान पर हमला’ खबर जानी-पह्चानी है
घाव हर रोज़ नये लेकिन तलवार वही पुरानी है ॥
एक गाल पर थप्पड मारो हम दुसरा पेश करेंगे
हथियार नहीं उठायेंगे हम गाँधी के खानदानी है ॥
दरिंदों से इंसानियत की उम्मीद लगाये बैठे हो
भैंस के आगे बीन बजाना हरकत बचकानी है ॥
मासूम सडकों पर चाहे कत्ल-ए-आम होते रहें
हमें तो कुछ खास लोगों की सुरक्षा बढानी है ॥
आतँकवाद से भी निबट लेंगे, पहले ये फ़ैसला हो
कब कहाँ और कैसे साहबजादे को कुर्सी थमानी है ॥
अमन हो गया तो क्या बेरोजगार नहीं हो जायेंगे
लाशों पर सियासत की दुकान भी तो चलानी है ॥
चाणक्य, विदूर की राजनीति, बाते है इतिहास की
चोर-लूटेरों से मिलकर सेक्यूलर सरकार बनानी है ॥
अगर लहू होता तो कभी का उबल पडता ’विजय’
सियासतदानों की रगों में दौड रहा महज़ पानी है ॥