मेरे विचार से इस साइट पर कम होती जा रही पोस्ट के पीछे कारण न तो मॉडरेटर हैं और न ही कुछ सदस्यों का व्यवहार. जब ये साइट शुरू हुई तो नए सदस्यों का एक लॉट इससे जुड़ा. वह लॉट कुछ दिनों तक खूब सक्रिय रहा. उन्होंने राजनीति पर चर्चा की, कौम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, किसी ने गजल कही, किसी ने चुटकुले. इसके बाद उस लॉट को लगा कि बस अब बहुत हुआ...अब कुछ कहने-सुनने, शेयर करने को बचा ही नहीं... और फिर वे एक तरह से ऊब गए...
इसके बाद हुआ यह कि सदस्यों का नया लॉट आ गया और फिर उन्होंने भी वही सब किया, जो कि पहले वाले लॉट ने किया था...इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा...
अब इस साइट के लगातार सूने होते जाने का मुख्य कारण यह है कि इससे सदस्यों का नया लॉट नहीं जुड़ा...पुराने लॉट के पास कहने-सुनने, शेयर करने को ज्यादा कुछ बचा ही नहीं...जब चुनाव या कुछ और ज्यादा चर्चित घटना होती है तो ही वे पोस्ट डालना पसंद करते हैं...अन्यथा पोस्ट देखते तो जरूर हैं, लेकिन पोस्ट डालते नहीं, क्योंकि कुछ खास कहने-सुनने को बचा ही नहीं...
स्मार्टफोन, व्हाट्सएप इत्यादि के बढ़ते प्रचलन के साथ इस साइट का सूनापन बढ़ा..यदि चैटिंग की बात की जाए तो फेसबुक की लोकप्रियता के सामने यह साइट कहीं भी नहीं ठहरती..फिर फेसबुक की तरह इस साइट का मकसद केवल चैटिंग या सदस्यों के बारे में जानकारी देना ही नहीं है, बल्कि कौम से जुड़ी जानकारी मुहैया कराना भी है...एक तरह से फोरम और सदस्यों के बारे में जानकारी देने का हिस्सा इस साइट पर कौम से जुड़ी जानकारी की तुलना में बहुत कम है, जबकि फेसबुक का तो आधार ही केवल सदस्यों के बारे में जानकारी देना और चैटिंग है...
कोई भी बड़ी शख्सियत इस साइट से नहीं जुड़ेगी, क्योंकि उसे लगेगा कि उसकी मशहूरी का फायदा साइट के संचालकों को मुफ्त में मिल सकता है...बड़ी शख्सियतें तो फेसबुक पर भी प्रत्यक्ष चैट नहीं करतीं, क्योंकि वहां उन्हें कोई भी कुछ भी कह सकता है...उन्हें ट्विटर ज्यादा सूट करता है और वहां भी वे अधिकतर अपनी तरफ से कमेंट डालते हैं, न कि दूसरों के कमेंट का लगातार जवाब देते हैं...
मेरे विचार से इस साइट का सूनापन ख़त्म करने के लिए इस साइट का किसी सकारात्मक वजह से चर्चा में आना जरूरी है, जिससे कि इसका जिक्र अखबारों के पहले पेज पर और न्यूज चैनल की हैडलाइन में हो...और यह जिक्र थोड़े-थोड़े दिनों के अंतराल पर चलते रहना चाहिए ...तब हो सकता है सदस्यों का नया लॉट इस साइट से जुड़े और फिर पुराने सदस्यों के लिए भी कुछ कहने-सुनने की गुंजाइश बने...