Incident that shocked Delhi

I think worth to share:

Auto driver's daughter is national topper in Chartered Accountancy exams


Mumbai: The dream of a lifetime materialised for Prema Jayakumar yesterday, when the 24-year-old topped the nation-wide Chartered Accountancy exam in her first attempt. Prema, whose father drives an auto for a living, is now determined to use the milestone as a stepping-stone towards providing her parents with a life of comfort.

Prema's four-member family squeezes itself into a 300 sq ft room in S B Khan Chawl, Malad. Beaming over her success after the results were declared yesterday, she said, "The day I start working, I will ensure that my father can rest at home. He has always toiled for my welfare." Prema, who outshone her peers in academics since her school days, scored a remarkable 607 on 800 in the CA exam.
 
दिल्ली गैंगरेप के सबसे बड़े गुनाहगार को सबसे कम सजा होने के आसार काफी हैं। इस मामले के सबसे बड़े गुनाहगार पर फिलहाल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड सुनवाई कर रहा है। गुरुवार को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रहमण्यम स्वामी की याचिका को खारिज करने के बाद अब इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अपने को नाबालिग बताने वाला यह गुनाहगार महज तीन वर्ष की कैद काट कर खुली हवा में सांस लेने लगेगा। हमारे देश के कानून के मुताबिक 18 वर्ष से कम आयु के आरोपी का मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के तहत सुना जाता है। लेकिन यहां पर बड़े से बड़े अपराध के लिए अधिकतम तीन वर्ष की सजा का ही प्रावधान है। यहां से सजा होने के बाद दोषी को बाल सुधार गृह में भेज दिया जाता है, जहां पर वह अपनी सजा पूरा करता है।

लेकिन यहां पर एक बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली गैंगरेप मामले में, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था उसमें सबसे बड़े आरोपी को सिर्फ यह कहकर तो नहीं बख्शा जा सकता है कि वह नाबालिग है। जबकि पूरा देश उसके घिनौने काम को अच्छी तरह जानता है। दरअसल यही वह इकलौता शख्श था जिसने इस पूरी कहानी को अंजाम देने की तैयारी की थी।
 
कानून मे जरूर बदलाव होना चाहिए... और यह माँग समय समय पर उठती भी रही है, .... कि 16 वर्ष से कम आयु के आरोपी का मामला ही जुवेनाइल कोर्ट मेँ आए|
 
कानून मे जरूर बदलाव होना चाहिए... और यह माँग समय समय पर उठती भी रही है, .... कि 16 वर्ष से कम आयु के आरोपी का मामला ही जुवेनाइल कोर्ट मेँ आए|

लीजिए हो गया न्याय | जिसका अपराध सबसे जयादा था उसे अब सबसे कम सजा मिलेगी, या फिर ना मिले ( भारत में सब कुछ हो सकता है ) | दिल्ली गैंगरेप मामले में जुवेनाइल बोर्ड ने अहम फैसला सुनाते हुए छठे आरोपी को नाबालिग करार दिया है। बोर्ड ने यह फैसला स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर सुनाया | स्कूल के सर्टिफिकेट का तो क्या कहना | हालांकि दिल्ली पुलिस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएगी पर कुछ होगा ये नहीं कहा जा सकता | अपराधी को अपराध की प्रवृत्ति के हिसाब से सजा दी जानी चाहिये ना की उम्र के हिसाब से |
 
घटिया लोगो पर किसी भी चीज का असर नहीं होता | अभी इस केस पर तो सुनवाई चल ही रही है ओर दिल्ली में ऐसा ही दुबारा दोहराया गया |लाजपत नगर में युवक ने युवती के साथ रेप की कोशिश की। विरोध करने पर युवती के मुंह में लोहे का रॉड डाल दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गई। युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है। वर्मा समिति की कड़ी सिफारिशों को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हस्ताक्षर के साथ ही कानून बनने के महज 48 घंटे के अंदर ही एक दर्दनाक घटना घटी है। कोई नहीं डरता हमारे कानून से | ऐसे कमीनों को फांसी कब मिलेगी पता नहीं ............
 
ऐसे कमीनों को फांसी कब मिलेगी पता नहीं ............

अगर फाँसी अपराध रोकने का एक़मात्र तरीका होती तो आज हमारे देश मैं खून जैसे घिनोने अपराध ना होते
 
In agreement----Hang till death -----not the solution( for now )

However dear "खून जैसे घिनोने अपराध ना होते"
murder is nothing comparing to this heinous crime .

So to set the right example----n till we have no other alternative -----To be hang till death-------is the only way out .
 
Last edited:
अगर फाँसी अपराध रोकने का एक़मात्र तरीका होती तो आज हमारे देश मैं खून जैसे घिनोने अपराध ना होते

विकास भाई वैसे तो कड़े कानून या फांसी से किसी को भी कोई अपराध करने से नहीं रोका जा सकता क्योकि जिसको जो करना है वो करता ही है | लेकिन अगर इनको कड़ी सजा ना मिली तो क्या सन्देश जायेगा ओर लोगो में? यही देख लो अभी दामिनी वाला केस कोई भूला नहीं है ओर बिलकुल इसी तरह का इक और वाकया हो गया, वो लड़की भी जीवन ओर मौत के बीच झूल रही है| अगर कानून इनको कड़ी सजा देता है तो अपराध खत्म बेशक ना हो पर कम तो जरुर हो जायेंगे |

अब सवाल कड़ी सजा क्या होगी ?
सबके अपने विचार हो सकते है इस कड़ी सजा को परिभाषित करने के |
 
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अब सवाल कड़ी सजा क्या होगी ?
सबके अपने विचार हो सकते है इस कड़ी सजा को परिभाषित करने के |

असल में कड़ी सजा दोषी को दण्डित करने से भी ज्यादा समाज में खौफ पैदा करने करने के लिए होनी चाहिए , इस केस में मैं चाहूँगा की इन सभी दर्निदो को लोहे की मोटी संकलो में बांध कर देश के हर शहर में घुमाया जाये, साथ में कोड़े भी बरसाए जाये. तभी समाज में अच्छा सन्देश जायेगा , जब कोई भी शख्स इस परकार के कृत्य की तरफ बढेगा तो हर किसी के मन में इनकी या छवि आएगी. इनको मर्त्यु दंड देने से समाज में इतना अच्छा सन्देश नहीं जायेगा, भारत में बहुत बड़ा तबका टीवी, अख़बार रेडियो आदि से दूर है , फानसी कब हुइ बेर भी ना पाट्टे , साथ में इन्हें भी ना बेरा पाट्टे की के कुकरम करा था , फानसी तो सबसे आसान मौत है इन्हें तो इस्सा राक्खे की ये गिडगीडावे की हम्मे फांसी दे दो
 
Last edited:
Welcome to Rape India .. Rapistan main aapka haardik swagat hai !

Slogan of Tourism department should be changed with above line.


[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]दतिया में विदेशी सैलानी तो देवास में शादीशुदा महिला से गैंग रेप

[/FONT]
http://www.bhaskar.com/article/MP-OTH-swiss-woman-gang-raped-in-madhya-pradesh-4209414-NOR.html


 
In our society we need to bring a new social change
Discourage Alcohol Drinking - Do not give respect to persons who believe in drinking
Discourage persons who use abusive language - most educated persons are more of this habit
Do not show money power , it encrouges the poor section of society for doing wrong
Accept your age, even persons who are most educated hesitate in saying "beti" to young girls
Today people do not have respect for the word "Behan" , We need to give respect for this word

Regards
Krishan Lakra, Village Mundka
 
Vikas Ji,
Auto Driver to ek Kisan se jayada kamata hey, din me Rs.600/- se jayada, Ek Kisan with 40 Bigha land average earning will be less than Rs.600/- per day. You will also find some son /daughter of farmers living in villages and doing good in study.
I think you have not visited your vilages , please visit and enocourage the student there.

Regards
Krishan Lakra, Village Mundka
 
desijat - the lawyer

अगर फाँसी अपराध रोकने का एक़मात्र तरीका होती तो आज हमारे देश मैं खून जैसे घिनोने अपराध ना होते
 
You're talking like Moron Singh.

Solution is to hang such evil ba$tards publicly. That's the only way to stop such heinous crime!


We are becoming a brutal society, law makers, reformers and society icons seriously need to think over societal reforms now.
 
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