jaatdaa kaatdaa aapney ne-a maare

ravinderjeet

New member
हाम सब किते ना किते आपण्ने( जट्टां के ) माणसआँ के धोखा धडी , विश्वासघात,जलन के शिकार जरूर होए होंगे | में भी उन् में तें एक सूँ | मेरी गेल एर मेरे दोस्ताँ की गेल इस्सी २०-२५ घटना होई होंगी जो आड़े लिखूंगा | बाकी भाई भी आपनी लिखें तो बढ़िया होगा | जयचंद हर कोम में हों सें | एर इससे बन्द्याँ तें बच के रहवन में जा मेरे अनुभव किस्से के काम आज्यां गे तो ,तो आड़े मेरा लिखना सफल होगा |

सरकारी नौकरी छोडें पाछे में आपना बिजनेस करण लाग्या | मेरा अधिकतर बिजनेस सरकारी विभागां में होवन लाग्या | मेरी घन्खरी जाण पिछान जित थी मन्ने उड़े-ए तें शुरू करना ठीक सम्झ्या | एक विभाग था एम्.ई.अस.| ऊँ तो ईह ने "मनी ईटिंग सर्विस " भी कह्या करें | उड़े आछ्या बिजनेस चाल पड्या कई जाट भाई भी थे , जिन्न ने उड़े का चाल चलन भी समझाया एर सहायता भी करी | दुनिया में सारे ढाल के मानस सें | उड़े एक सूबेदार मेजर आग्या ट्रांसफर हो के | रोहतक जिले के आसन गाम का हुड्डा था | एक दिन मेरे तें बोल्या अक तू कित का स एर मेरे pe saari jaankaari ले li | मन्ने बता दिया सब kimme | वो मेरे तें बोल्या तन्ने शरम नि आंदी तू जाट हो के बाणियां का काम करे | में नु बोल्या फेर शर्म ते आप ने भी आणि चाहिए जमींदार हो के नोकरी करे | फेर तो वो मेरे तें घणा चिडग्या | ऊँ भी बाकी गाम आले बताया करदे अक ईह के घमंड सा होर्या स | एर यो किस्से नु थापता कोणी | ईह की बीबी किस्से स्कूल में परिन्सिपल बन गी एर सारे यो ऊह बात ने गांदा हंडे जा स एर सर्विस में जिन्ने भी जाट थे उन् तें भी चिडे जांदा | हर दो-तीन दिन में मेरी गेरीसन इंजिनियर धोरे शिकात ले कें पोंच जांदा अक ईह बन्दे ने काम नि दे दोगे | उस विभाग के सारे बन्द्याँ धोरे जांदा एर सब ने कहंदा अक कोए भी ईह की सहायता नि करेगा एर जो करेगा में ऊह की भी लिखित में शिकायत कर दूंगा | उड़े घनखरे ईम्प्लोयी सिविलियन थे एर उसकी dhamki तें dar के ने उन् ने मेरे taahi काम denaa band कर दिया | एर मेरे aalaa काम एक malyaali taahi duwaa दिया | मेरा तो और भी कई thaan काम था मेरे तो कोए घना सा farak ना पड्या par एक sheekh milgi अक आपना samjh के किस्से pe घना viswaas ना kar ना चाहिए | जाटडा काटडा आपणे ने-ए मारे |
 
मेरा एक दोस्त था राजस्थान का जाट भाई | वो नेवी में कमांडर था ( ले.कर्नल ) | एर उसने अच् .आर में काफी ट्रेनिंग कर राखी थी | वो कई थां आनरेरी लेक्चर खातर भी बुलाया जाया करदा सेमीनार वगेरा में | म्हारे विभाग में एक डिपार्टमेंट था मानव संसाधन अवम शिक्षआ संस्थान ( h r t ) | ऊह विभाग का मुखिया का पद कोमोडोर (ब्रिगेडियर ) के रेंक का होया करदा | ईह भाई की योग्यता के कारण वो पद दे दिया गया ईह ताहि | इब्ब १५००० सिविलियन एर लगभग २०० डिफेन्स ओफ्फिसर की ट्रेनिंग का जिम्मा इन् के उप्पर आग्या | उड़े उच्च तकनीक तें ले कें एर हिंदी ताहि की क्लास चाल्या करदी | एक बे इस्सा होया एक क्लास लगभग एक मिन्हे की किस्से टोपिक पे डिफेन्स अफसरां खातर चलाई गई | ऊह क्लास में लेफ्टिनेंट तें ले के एर रियर एडमिरल( ले.जनरल ) ताहि के अफसर थे | बाकी सब तो ईह जाट भाई की तारीफ़ करदे ,बढ़िया विषय एर डिलीवरी ऑफ़ लेक्चर की | उन् ट्रेनिंग आले अफसरां में एक हरयाणा का जाट था ,वो ईह तें २ पोस्ट सीनियर था | हाम दोनु लंच टाइम में लगभग रोज मिल्या करदे | एर इस हरयाणवी जाट की वो रोज बात बतान्दा " ईह ने जीणा हराम कर राख्या स | एर बात बात पे मेरी अक्कल , ट्रेनिंग एर सलेबस में गलती काढ़े जावे स | जब की ऊह तें भी बड्डे अफसर मेरी तारीफ़ करें एर वो जल भुन के कटाक्ष मारे जांदा "| जाट हो के एर जट्टों की योग्ग्य्ता का मजाक उड़ान्दा | में नु कंदा अक इस्से जयचंद एर शिखंडी घणे हंडे सें आप चिंता ना करो बाकी गेल तें ऊह-ए का मजाक बनांदे होंगे | थोथे चण्ने |
 
मन्ने कई साल हो गे थे बिजनेस करदे ने | एक बे एक छोरा आया मरे धोरे उह का पूरा नाँ तो बेरा कोणी पर गोत था भालोठिया राजस्थान का था वो | में उहने जानू कोणी था पर एक मेरा दोस्त था वो उह की गेल्याँ आया था | वो बोल्या सर जी मन्ने भी बिजनेस करना स एर मन्ने माडी मोटी टिप दे दो अक कुकर के करणा स | मन्ने ऊह ताहि एक दो डिपार्टमेंट बता दिए जित मेरा बिजनेस ना था एर ऊह में जान पिछान भी करवा दी | एर ऊह ताहि हिदायत दे दी अक जो फिल्ड में में काम करू सूं ऊह में नि बड़ना स | एर ऊह का कंपनी रजिस्ट्रेसन तें ले के जितने हो सके थे सारे काम करवाए | २-३ साल ताहि वो मेरे धोरे आंदा रह्या एर ठीक ठाक आपना बिजनेस जमा लिया | ४-५ साल पाछे उस डिपार्टमेंट का एक २०-२५ लाख का ठेका मेरे धोरे आया था ( ईह ढाल के छोटे-मोटे ठेके पहलम-ए बात चीत कर के घंखरी बे फिक्स हो जाया करें ) | मन्ने ऊह भालोठिये धोरे फोन कर्या अक भाई मेरे ओफ्फिस तें तो दूर पड़े स एर वो काम में ले लूंगा एर तू संभाल लिए, में तन्ने सम्भालन के नाम की हिस्सेदारी दे द्यूंगा ( वो काम कई मिन्हे चालना था ज्यां तें ) | वो बोल्या ठीक स मन्ने सारी बात मंजूर सें आपां कर ल्यां गे | १०-१५ दिन पाछे जब में उड़े आगे की बात करण खातर गया तो बेरा पाट्या अक वो ठेका ईह भाई ने ले लिया | जब मन्ने ईह धोरे फोन कर्या तो ठाना -ए बंद कर दिया | जब भी मन्ने ऊह तें बात करण की कोशिश करी वो मेरा आवण का बेरा पाट्दें-ए पहलम-ए उड़े तें भाज लेंदा आर आज ताहि मन्ने नि फेट्या स ७-८ साल हो गे | आस्तीन का सांप |
 
एक मेरा दोस्त हे कर्नाटक का सेठी ,बड्डा बिजनेस मेन ,ऊह धोरे लगभग १०००-१२०० इम्प्लाई होंगे | ७-८ साल पहलम की बात स | एक दिन ऊह ने में अर्जेंट बुलाया एर एक बन्दे तें फिटाया | ऊह बन्दे का नाम तो में कोणी लिखूं ( मान लो गोबर सिंह ) पर वो झाझर कानी का था एर म्हारे साहरे अजयाब-भरान गाम स उड़े का वो भांजा था एर अपने माम्म्याँ के गाम में-अ पढ्या-लिख्या था | वो सेठी बोल्या "यो तेरी जात आल्या जाट भाई स एर ईह ने जब यो सर्विस में था जब मेरी मेरे बिजनेस में घणी सहायता करी थी | यो इब्ब स्वेच्छया निव्रती ( वाल्य्न्तरी रिटायरमेंट ) ले कें आ गया स | एर मन्ने आज ताहि दोस्ती में तेरे ताहि कोए काम नि बताया था , मन्ने एक कंपनी गोबर सिंह के नाम पे खरीदी स जो शिप रिपेयरिंग के काम कार्या करदी एर इब्ब बंद पड़ी थी | वा उड़े ( जित में बिजनेस करूँ था ) शिपयार्ड में रजिस्टर्ड स एर तन्ने इह कंपनी के नाम पे टेंडर इन्कुवारी काढवानी सें , एर यो तेरा जिम्मा स अक ईह कंपनी ने काम मिले |" उम्र में भी वो मेरे-ए हान- दिवाण का था | फेर हाम दोनु एक-ए डिपार्टमेंट के | ते मन्ने हाँ कह दी | इब्ब ईह डिपार्टमेंट में कंपनी तो हजारां रजिस्टर्ड थी पर टेंडर इन्कुआरी तो ५-७ आं ने-ए मिल्या करदी | महारा यो समझोता होया ऊह सेठी के सामी-ए , अक जहाज का इलेक्ट्रिकल एर एलोक्त्रोनिक्स का काम में करूंगा ( गोबर सिंह का सब कोन्ट्रेक्टर ) एर बाकी काम वो करेगा | आगले दिन ऊह की उस डिपार्टमेंट के अधिकार्यीआं गेल्याँ मीटिंग करवा दी | उड़े तें हर हफ्ते कई करोड़ के टेंडर लिकड़या करदे | एक हफ्ते में-ए इन्कुआरी आणि शुरू होगी | एर उह ने टेंडर भर दिए | इस परकिर्या में वर्क ऑर्डर बणन में पांच छे मिहने लाग ज्यां सें |
मन्ने गोबर सिंह धोरे कई बे फोन करे एर एक दो बे फेट्या भी अक किम्मे दिक्कत हो तो बता दिए वो बोल्या ना कती ठीक चाल रया स बढ़िया होग्या | फेर ऊह ने अचानक फोन लेणे बंद कर दिए | मन्ने ऊह सेठी ताहि भी कही एक मन्ने इस्सा लागे स अक गोबर सिंह ने काम मिलग्या एर इब्ब वो फोन नि ठानदा , वो बोल्या ना माणस ठीक से और किम्मे बात होगी | फेर सेठी ने एक दिन वो बुला लिया एर मेरे धोरे भी फोन कर दिया अक आज्या गोबर सिंह आवण लाग्र्या स | हाम दोनु बोले अक भाई के बात स | वो बोल्या अक किम्मे बात ना भाजम- भाज में था ज्यां तें फोन पे बात ना करण पाया था | में बोल्या अक तन्ने कम कितना मिलग्या ,वो बोल्या इब्बे कोणी मिल्या स | पर वो आँख चुरावे था | में सेठी ताहि एकाड्वासी बोल्या मखा किम्मे पाणी मरे स | ऊह ने वो चेता दिया अक जिस्सी बात होई थी ऊह पे कायम रहना स | मन्ने बेरा पाड्या डिपार्टमेंट में तो भाई ने दो जहाज्याँ का काम ले राख्या था एर जोर शोर तें काम चाल रया था | मन्ने बुझी एक रे तू ते नु कहवे था अक इब्बे काम कोणी मिल्या स एर वो जो काम मन्ने करना था वो कीह ताहि दे दिया | वो बोल्या अक कोए जान पिछान का मुसलमान था ऊह की कंपनी ताहि दे दिया ऊह धोरे काम ना था ज्यां ताहि | मखा मेरे तें तन्ने वो मुसलमान घणा आछ्या लाग्या | मन्ने सेठी ताहि कही तो सेठी बोल्या देख ले तेरा-ए जाट भाई से में के करूँ इब्ब तो मेरा भी फोन कोणी ठानदा | फेर मन्ने वो एक दिन शिपयार्ड में फेट ग्या | में ऊह ने सुनावण लाग्या अक भले माणस मेरी तो छोड़ तन्ने यो के कर्या जिह बन्दे ने ४०-५० लाख ला कें या कम्पनी तेरे ताहि खरीद के दी ऊह की तो शर्म कर | वो बोल्या अक तू कूण स मन्ने ना बेरा एर ना में तन्ने पिछान्दा | एर मन्ने ना बेरा तू किस सेठी का जीकर करे स | में बोल्या गोबर सिंह या बात ठीक ना स जो बन्दा तन्ने उप्पर ठा सके स वो तन्ने धरती में भी गाड सके स | वो बोल्या अक में गोबर सिंह कोणी तेरे धोखा होया स मन्ने तो तू पहली बार देख्या स |
छे: मिन्हा पाछे ऊह की गेल मुंबई पुलिस लाग री थी ,ऊह की कम्पनी बलेक लिस्ट हो गी थी इह शिपयार्ड में | एर नु सुनी थी अक वो किते गुजरात कानी भाज्ग्या | आज ताहि तो ऊह का बेरा कोणी पाट्टया स | सफलता बदहजमी का करण बन गी |
 
एक बे एक पि.अन.सी (प्राइस नेगोसिअसन कमेटी) मीटिंग थी | जिस अफसर की गेल वा मीटिंग थी वो था हिसार का जाट भाई मारिया गोत था उह का, मन्ने तो पहली बार सुन्या था यो गोत | मन्ने देख कें वो बोल्या अक तू कित का स | मन्ने बता दी | फेर नु बोल्या आड़े तो सारे बिजनेस गुजरातियाँ धोरे सें तू नु कुकर बडग्या ईह काम में | मखा काम करना स ,किते कर के खा ले | फेर बात चाल्दें -चाल्दें वो बोल्या अक तू इह काम के इन्ने पिसे मांगे स ये तो घणे सें ,इह तें आधे पिस्स्याँ में काम कर ( वो किस्से तें सेट्टिंग करें बेठ्या था ) | मन्ने कही अक मन्ने तो ओपन टेंडर भर्या स | औरां का मेरे तें बाध आया स जिब्बी आप नु क्यों कहो सो | वो बोल्या "अक तू ते इतने पिस्से मांगे स अक मेरे बर्ग्यां ने भी नोकरी पर राख ले | जा में रिटायरमेंट ले ल्यूं ,तो तू मन्ने राखे गा अक नि |" वो ऊँ तो हांसी मखोल करण लाग्र्या था ( मेरा मजाक उडावे था ) एर ऊँ उह के कसुती चिरडान उठ रि थी ,ऊह के हाव भाव तें बेरा पाटे था |में घणा ना बोल्या एक तो बिजनेस स ज्यां तें अर एक मखा जाट भाई स इह की तो ओराँ तें बाध इजत करणी चाहिए | एर किम्मे मेरे तें उम्र में भी घणा बड्डा था रिटायर होवण के लोवे लाग्र्या था | मन्ने भी मखोल में कह दी अक हाँ राख ल्यूँगा | फेर तो ऊह के आग लाग गी एर उस्से बखत रि- टेंडरिंग की लिख दी | जब की मन्ने पहलम आले जो रेट थे उन् तें सस्ता कोटेसन गेरा था | ४-५ मिन्हा पाछे ऊह की हार्ट-अटेक तें मोत हो गी | एर ऊह की थां दुसरा बन्दा आ ग्या | एर मन्ने उसे भा तें वो टेंडर फेर ले लिया | बता , भुंड के सिवाय गेल्याँ के बाँध ले गा |जाटडा- काटडा आपने ने -ए मार:|
 
मेरा एक जाट भाई दोस्त( मान ल्यो ज्ञान सिंह ) अड़े मुंबई में किस्से इल्क्त्रिकल आइटम का डिस्ट्रीबुटर स | ऊह धोरे तीन जिल्यान की डिस्ट्रीबुटरशिप थी | उह का भाई ( मान ल्यो शान सिंह )फोज में तें सेवानिवर्त हो के ने आया तो नु बोल्या अक में ट्रक ल्यूँगा | ज्ञान सिंह बोल्या अक के धरया स टर्कआँ में , जिन्न ने ले राखे सें उनका भुंडा हाल हो रया स कर्जे में एर तेरा भी हो ज्या गा ,ऊँ भी फोजियाँ ने कोए हो भका दे स फेर वे आपना रिटायरमेंट का पिस्सा नु-अ खराब कर दे सें | अर ना तन्ने बेरा ईह बिजनस का | तू मेरे धोरे आज्या में तन्ने मेरे आला सिखा द्यूंगा एर तन्ने भी इससे काम में किते की डीलर शिप दुआ द्यूंगा | छह मिन्हे ताहि शान सिंह ने ज्ञान सिंह धोरे काम धाम सीख लिया | शान सिंह का परिवार भी ज्ञान सिंह के फ्लेट में -ए रह्या सारा खर्चा पानी भी ज्ञान सिंह ने-ए ओट्या | शान सिंह ताहि ज्ञान सिंह ने एक जिले की डिस्ट्रीबुटरशिप दुआ दी | एर उस जिले के आपने ग्राहक नही ऊह कानी फेर दिए | इब्ब फोजी भाई नया-नया बिजनेस मेन बन्या था | ऊह के के शान्ति थी मन में ,एक जिले के बंधे - बंधाये बिजनेस में भी ऊह का भरे कोणी था | ऊह ने फोन कर कर कें अर भाव कम कर कें आपने भाई ज्ञानं सिंह के ग्राहक तोड़ने शुरू कर दिए | ऊह धोरे स्टोक भी कम था अर केपेसिटी भी कम थी | सामान भी आपने भाई ज्ञान सिंह धोरे उधार था ले जा अर ज्ञान सिंह के-ए ग्राहक ताहि बेच दे अर कई-कई मिहने ताहि सामान के पिस्से भी कोणी दे ,नु कर कें शान सिंह ने कई लाख रपिये भी ज्ञान सिंह के दाब लिए | जब ज्ञान सिंह की आपने इलाके में सेल कम होवन लागी जब ऊह के कान खड़े होए अर आपने पुराने ग्राहकां तें उहने बात करी तो बेरा पाट्टया अक उह का भाई नु कह के अक हामने यो दुसरा ओफ्फिस खोल्या स अर आपना सामान आपने-ए भाई तें उधार ले कें ने बेचन लाग्र्या | फेर ज्ञान सिंह ने ऊह ताहि सामान देना बंद कर दिया तो श्याम सिंह ने आपना बाबू बुला लिया अक ज्ञान सिंह मेरे बिजनेस ने देख कें राजी कोणी अर टांग अडावे स | ऊह का बाबू ज्ञान सिंह तें नाराज होग्या अर ज्ञान सिंह तें बमबई आया तो फेटन भी कोणी आया | फेर एक दिन ज्ञान सिंह घणा दुखी सा दिखे था मन्ने बुझ ली अक र के बात स | तो उहने बात बताई अक मेरा-ए भाई मन्ने-ए बिजनेस जमावाया अर मन्ने-ए बदनाम करदा अर मेरे पिस्से दाबें हंडे स अर पहलम आप बोलचाल बंद कर दी अर इब्ब माँ बाप की भी बोलचाल बंद करवा दी झूठ बोल-बोल कें | मन्ने ऊह ताहि कही अक बोलबाला बेठा रहवेगा तो नु-ए होवेगा एक दिन तम दोनु पति -पत्नी आपने भाई के घरां जाओ अर सारे घर्क्याँ की सामी बात बताओ | उन् ने नु-ए कर्या जब जा कें उन् के बाबू ने असलियत का बेरा पाट्टया | ज्ञान सिंह ने आपने सारे ग्राहक वापस खींच लिए इब्ब फोजी भाई सुबकन लाग्रा स | बांदर के हाथ में उस्तरा देवोगे तो नु-ए होवेगा | इह तें आछा तो ट्रक में घल जांदा वो बढ़िया होंदा | जाटडा काटडा आपने ने-ए मारे |
 
मेरा एक जाट भाई दोस्त स हिसार का | मान ल्यो मेहर सिंह | उह का कई ढाल का बिजनेस स | कई सो करोड़ का सामी स | वो आपणे गाम में तें किहे के कहे तें एक बन्दे ने ले आया(मान लो गरीब सिंह ) अर पहलम आपणे धोरे आपणी कंपनी में काम सीखाया , अर फेर किहे और की कंपनी में लुआ दिया आछी तनखा पे | उड़े भी कोए प्रोब्लम हो जांदी ते मेहर सिंह उह की सहायता करदा | जिह धोरे गरीब सिंह काम करे था वो भी जाट भाई था राजस्थान का | तीन चार साल पाछे गरीब सिंह ,मेहर सिंह तें फेटन आया अर जब मेहर सिंह किहे और काम में बीजी था ते उह की चाह में जहर की गोली मिल्या के ने चाल्या गया | दो घूँट भरदे-ए मेहर सिंह के शक होग्या अर उह ने वा चाह फेंक दी, पर उह के उचाटी सी होगी | अर दो तीन दिन में-ए उह का वजन १० किल्लो घट ग्या | अर वो गरीब सिंह रोज उह का हाल चाल बुझे फोन कर के ने | फेर मैहर सिंह के शक हो ग्या अक उह दिन चाह पीऐन पाछे-ए उह के खराबी बणी स , अर यु उह दिन का-ए मेरा हाल चाल बुझे स | फेर मेहर सिंह ने टेस्ट करवाए अर उह में एक स्लो पाइजन पाया गया | जो लगभग १० से पन्दरा दिनाँ में आदमी ने सहज-अहज मार देवे स | यु जुकर हस्पताल में दाखिल होया वो गरीब सिंह भाज गा | मेहर सिंह बच ते गया पर आज ताहि नु सोचे जा स अक मन्ने उह की जिन्दगी बनाई अर उह ने मेरी जिन्दगी घटाई ,अर आज ताहि बात समझ में ना आई | पर फेर इस्सा होया अक वो गरीब सिंह जो की भोत बढ़िया कमाण लागर्या था बरबाद होग्या | अर इब्ब भीख मांगण की नौबत आरी स उह की | जाटडा काटडा आपणे ने-ए मारे |
 
मेरा एक जाट भाई दोस्त स हिसार का | मान ल्यो मेहर सिंह | उह का कई ढाल का बिजनेस स | कई सो करोड़ का सामी स | वो आपणे गाम में तें किहे के कहे तें एक बन्दे ने ले आया(मान लो गरीब सिंह ) अर पहलम आपणे धोरे आपणी कंपनी में काम सीखाया , अर फेर किहे और की कंपनी में लुआ दिया आछी तनखा पे | उड़े भी कोए प्रोब्लम हो जांदी ते मेहर सिंह उह की सहायता करदा | जिह धोरे गरीब सिंह काम करे था वो भी जाट भाई था राजस्थान का | तीन चार साल पाछे गरीब सिंह ,मेहर सिंह तें फेटन आया अर जब मेहर सिंह किहे और काम में बीजी था ते उह की चाह में जहर की गोली मिल्या के ने चाल्या गया | दो घूँट भरदे-ए मेहर सिंह के शक होग्या अर उह ने वा चाह फेंक दी, पर उह के उचाटी सी होगी | अर दो तीन दिन में-ए उह का वजन १० किल्लो घट ग्या | अर वो गरीब सिंह रोज उह का हाल चाल बुझे फोन कर के ने | फेर मैहर सिंह के शक हो ग्या अक उह दिन चाह पीऐन पाछे-ए उह के खराबी बणी स , अर यु उह दिन का-ए मेरा हाल चाल बुझे स | फेर मेहर सिंह ने टेस्ट करवाए अर उह में एक स्लो पाइजन पाया गया | जो लगभग १० से पन्दरा दिनाँ में आदमी ने सहज-अहज मार देवे स | यु जुकर हस्पताल में दाखिल होया वो गरीब सिंह भाज गा | मेहर सिंह बच ते गया पर आज ताहि नु सोचे जा स अक मन्ने उह की जिन्दगी बनाई अर उह ने मेरी जिन्दगी घटाई ,अर आज ताहि बात समझ में ना आई | पर फेर इस्सा होया अक वो गरीब सिंह जो की भोत बढ़िया कमाण लागर्या था बरबाद होग्या | अर इब्ब भीख मांगण की नौबत आरी स उह की | जाटडा काटडा आपणे ने-ए मारे |

Ravinder jee, I have read many of your posts where you complain about the negativity around you. How is that working out for you?
 
में जब सिक बिजनेस शुरू करण की सोचे रहया था | ते मेरा एक बेच मेट जाट भाई आपणे रोहतक जिले का-ए ( मान ल्यो मनोज सिंह ) न्यू बोल्या अक हाम मिल के कर ल्यांगे , जहाज समारन का काम | वो जब ताहीं शिप्पिंग में पिस्से कमाण लाग ग्या था | फेर वो न्यू बोल्या अक मेरे दो दोस्त सें वे भी पार्टनर राखणे सें अर सब का बराबर का हिस्सा | उन् में तें एक इलाहबाद का भैया था अर एक हिसार का जाट भाई था (मान ल्यो जगबीर सिंह ) मेरे तें ७-८ बेच जूनियर |बात न्यू होई अक में वर्क फ़ोर्स संभालूँगा ,भैया एक शिप्पिंग कम्पनी में काम कार्या करदा ,अर उह की घणी जाण-पिछाण थी ज्यां तें वो काम दुवावेगा | अर मनोज पिस्से लावेगा ,जगबीर परचेज अर लाइजनिग का काम देखेगा |
१५ दिन में-ए हामने एक जहाज का ठेका ले लिया १८ लाख में ये लगभग १५ साल पहलम की बात सें | काम इलेक्त्रोनिकस का था | अर में-ए इलेक्त्रोनिकस आला था ये दोनु ते मकेनिकल साइड के थे | बीचाले वे दोनु सेलिंग कर गे अर ४०-५० हजार रपिये मन्ने भी लाणे पड़गे | मन्ने बन्दे ले के ने काम शुरू कर दिया अर डेड लाइन ते पहलम काम भी ख़तम कर दिया लगभग ४५ दिन लागे होंगे | में एक-एक हफ्ता घरां भी कोणी आया करदा ,घराली अर बालक भी जमा दुखी हो लिए थे | बिल जमा कर दिया गया | म्हारा खर्चा चार-एक लाख आया होगा जो घंखरा मनोज सिंह ने वहन कर्या | क्यूंकि कंपनी नई-नई खड़ी करी थी अर कोए रजिस्ट्रेसन नि होया था ज्यां तें मनोज सिंह ने आपणे नाम तें प्रोपराईटरशिप में कम्पनी के नाम तें खाता खोल लिया था | मेरे तें वे बोले अक दो-तीन मिहने लाग ज्यांगे पिस्से आवण में |


मनोज मारुती कार खरीद ल्याया १५ दिन पाछे ,घर में महंगा आला फर्नीचर अर बेरा ना के-के महीने भर में खरीद लिया | में न्यू बोल्या अक रे तू इन्ना खर्चा किथों करण लाग्र्या स | वो बोल्या अक बस सब तेरे बरग्याँ की मेहरबानी स | तीन महीने होगे में लाग्या बुझ्न अक भाई मेरे पिस्से भी लाग रे सें अर तावले से पिस्से काढो | वे न्यू बोले आवेंगे माड़ी और बाट देख ले | लाइजनिंग का काम उनका था में कम्पनी में किहे ने जानू भी कोणी था | पांच मिहने होगे जब मन्ने कही अक पिस्से लाणे थारी जिम्मेदारी थी ते तम पहलम मेरे पिस्से दे दयो | ते वे न्यू बोले अक पिस्से ते म्हारे भी फंश रे सें अर तन्ने बढ़िया काम कोणी कर्या ज्यां तें कम्पनी ने पिस्से रोक दिए | में बोल्या तम बावली बूच सो के ,सर्वेयर पे मन्ने वर्क कम्प्लितिशन एंड अप्रोवल के सार्टिफिकेट दे राखे कंपनी इह बात पे पिस्से रोके नि सकदी | मेरे शक हो ग्या अर मेरे एक दोस्त जो उह कंपनी के मालिक ने जान्ने था ताहीं जब या बात बताई ते वो न्यू बोल्या इब्बे फोन कर के बुझ्ल्यांगे | जब बेरा पट्ट्या अक पिस्से ते १५ दिन में आ लिए थे अर ये तीनू आपस में बांड के ने खा पदडा गे थे | फेर मन्ने इन् दोनु जाट भाइयां गेल्याँ अर इन् दोनुआँ के भाई भी इन् धोरे आरे थे उनकी गेल्याँ इस्सी करी अक दो जाणे ते बम्बई छोड़ गे सदा खातर | अर दो जाणे जा में दीख जाऊं ते आज ताहि राह बदल ज्यां सें,अर वो भैया जब उह ने सुणी अक इन् गेल्याँ के बणी ते म्हारे घरां आ के ने पाँ पकड़ के माफ़ी मांग के गया | जाटडा काटडा आपणे ने-ए मारे |
 
में जब सिक बिजनेस शुरू करण की सोचे रहया था | ते मेरा एक बेच मेट जाट भाई आपणे रोहतक जिले का-ए ( मान ल्यो मनोज सिंह ) न्यू बोल्या अक हाम मिल के कर ल्यांगे , जहाज समारन का काम | वो जब ताहीं शिप्पिंग में पिस्से कमाण लाग ग्या था | फेर वो न्यू बोल्या अक मेरे दो दोस्त सें वे भी पार्टनर राखणे सें अर सब का बराबर का हिस्सा | उन् में तें एक इलाहबाद का भैया था अर एक हिसार का जाट भाई था (मान ल्यो जगबीर सिंह ) मेरे तें ७-८ बेच जूनियर |बात न्यू होई अक में वर्क फ़ोर्स संभालूँगा ,भैया एक शिप्पिंग कम्पनी में काम कार्या करदा ,अर उह की घणी जाण-पिछाण थी ज्यां तें वो काम दुवावेगा | अर मनोज पिस्से लावेगा ,जगबीर परचेज अर लाइजनिग का काम देखेगा |
१५ दिन में-ए हामने एक जहाज का ठेका ले लिया १८ लाख में ये लगभग १५ साल पहलम की बात सें | काम इलेक्त्रोनिकस का था | अर में-ए इलेक्त्रोनिकस आला था ये दोनु ते मकेनिकल साइड के थे | बीचाले वे दोनु सेलिंग कर गे अर ४०-५० हजार रपिये मन्ने भी लाणे पड़गे | मन्ने बन्दे ले के ने काम शुरू कर दिया अर डेड लाइन ते पहलम काम भी ख़तम कर दिया लगभग ४५ दिन लागे होंगे | में एक-एक हफ्ता घरां भी कोणी आया करदा ,घराली अर बालक भी जमा दुखी हो लिए थे | बिल जमा कर दिया गया | म्हारा खर्चा चार-एक लाख आया होगा जो घंखरा मनोज सिंह ने वहन कर्या | क्यूंकि कंपनी नई-नई खड़ी करी थी अर कोए रजिस्ट्रेसन नि होया था ज्यां तें मनोज सिंह ने आपणे नाम तें प्रोपराईटरशिप में कम्पनी के नाम तें खाता खोल लिया था | मेरे तें वे बोले अक दो-तीन मिहने लाग ज्यांगे पिस्से आवण में |


मनोज मारुती कार खरीद ल्याया १५ दिन पाछे ,घर में महंगा आला फर्नीचर अर बेरा ना के-के महीने भर में खरीद लिया | में न्यू बोल्या अक रे तू इन्ना खर्चा किथों करण लाग्र्या स | वो बोल्या अक बस सब तेरे बरग्याँ की मेहरबानी स | तीन महीने होगे में लाग्या बुझ्न अक भाई मेरे पिस्से भी लाग रे सें अर तावले से पिस्से काढो | वे न्यू बोले आवेंगे माड़ी और बाट देख ले | लाइजनिंग का काम उनका था में कम्पनी में किहे ने जानू भी कोणी था | पांच मिहने होगे जब मन्ने कही अक पिस्से लाणे थारी जिम्मेदारी थी ते तम पहलम मेरे पिस्से दे दयो | ते वे न्यू बोले अक पिस्से ते म्हारे भी फंश रे सें अर तन्ने बढ़िया काम कोणी कर्या ज्यां तें कम्पनी ने पिस्से रोक दिए | में बोल्या तम बावली बूच सो के ,सर्वेयर पे मन्ने वर्क कम्प्लितिशन एंड अप्रोवल के सार्टिफिकेट दे राखे कंपनी इह बात पे पिस्से रोके नि सकदी | मेरे शक हो ग्या अर मेरे एक दोस्त जो उह कंपनी के मालिक ने जान्ने था ताहीं जब या बात बताई ते वो न्यू बोल्या इब्बे फोन कर के बुझ्ल्यांगे | जब बेरा पट्ट्या अक पिस्से ते १५ दिन में आ लिए थे अर ये तीनू आपस में बांड के ने खा पदडा गे थे | फेर मन्ने इन् दोनु जाट भाइयां गेल्याँ अर इन् दोनुआँ के भाई भी इन् धोरे आरे थे उनकी गेल्याँ इस्सी करी अक दो जाणे ते बम्बई छोड़ गे सदा खातर | अर दो जाणे जा में दीख जाऊं ते आज ताहि राह बदल ज्यां सें,अर वो भैया जब उह ने सुणी अक इन् गेल्याँ के बणी ते म्हारे घरां आ के ने पाँ पकड़ के माफ़ी मांग के गया | जाटडा काटडा आपणे ने-ए मारे |

भाई रविंदर जी इन् का नाम हो स "किवाड़ खोल्लू" ये म्हारे ताहि नए दरवाजे खोल क सफलता का रास्ता बनावं सं | जै ये न मिलते त हो सके था थम आड़े ताहीं न पहुँच पान्द्दे |
मै त ईन का धन्यवाद् करना चाहूँगा |


धन्यवाद् सहित |
 
भाई रविंदर जी इन् का नाम हो स "किवाड़ खोल्लू" ये म्हारे ताहि नए दरवाजे खोल क सफलता का रास्ता बनावं सं | जै ये न मिलते त हो सके था थम आड़े ताहीं न पहुँच पान्द्दे |
मै त ईन का धन्यवाद् करना चाहूँगा |


धन्यवाद् सहित |

सही कहो सो राणा जी ,आज १५ साल पाछे सामाजिक हेसियत तें ले के ऩे अर संम्पत्ति ताहीं के मामले में वे मेरे लव धोरे भी कोणी | इन्ने बर्गयाँ ऩे म्हारे ताहीं आँख कान खुल्ले राख के ऩे चालणा सिखाया | अर एक बात और स भाई जी , अक आपणे न्यू कह्या करें अक हांडी ते फूटी पर कुत्ते की ज़ात पिछाणी गई |
 
सही कहो सो राणा जी ,आज १५ साल पाछे सामाजिक हेसियत तें ले के ऩे अर संम्पत्ति ताहीं के मामले में वे मेरे लव धोरे भी कोणी | इन्ने बर्गयाँ ऩे म्हारे ताहीं आँख कान खुल्ले राख के ऩे चालणा सिखाया | अर एक बात और स भाई जी , अक आपणे न्यू कह्या करें अक हांडी ते फूटी पर कुत्ते की ज़ात पिछाणी गई |

एक बात और जै मन्नो त - इस्सी इस्सी बात्ता प माट्टी गेरो | जो जिस्सा करेगा ( जाण बूझ क ) ऊस ने ब्याज समेत उल्टा जरूर मिल्लेगा | लख्मीचंद न कही स के " जिस न करी दग्गा के कार दग्गा उस के गल आन पड़ीं" | ना त ये याद negative energy फलावें स |

बाक्की आप मेरे त समझदार सो जिस्सा आछा लागे |


धन्यवाद् सहित |
 
जीत भाई साहब ,

इस तरह के आदमी सभी जगह पर मिलजाएंगे। नेकि केर ओर कुवै मैं डाल । आगे बढ्ने वालों को कोई न रोक सके।
 
जीत भाई साहब ,<br><br>इस तरह के आदमी सभी जगह पर मिलजाएंगे। नेकि केर ओर कुवै मैं डाल । आगे बढ्ने वालों को कोई न रोक सके।
 
Back
Top