थोडे दिन पह्ल्या सानिया कै शोएब भा ग्या,
माडे से रासे पाच्छे उनका निकाह भी हो ग्या!
पर यो मसला दोनूं देशां की राजनीति पे छा ग्या,
अर एक दिन म्हारी नेतागिरी की क्लास में बी आग्या!!
बालकां ने बूझी थी अक मास्टरजी,
यो ते उन दोनुआं का अपणा मामला है,
इसने सारे नेता राजनैतिक रंग देन लाग रहे,
उनने के और कोए काम ना है!?!
इस पे गुरुजी ने समझाया,
बेटा या राजनीति बहोत बड्डी माया!!
जिसने बर्निंग टोपिक नहीं पकडा,
वो समझ ले इसमें खाम्खां आया!
ऐसे टोपिक पकडना थारा बढिया "आई क्यू लेवल" दर्शावे है,
अर उनके खिलाफ़ बयान देना तम्नै सच्चा हिंदुस्तानी बतावै है!
फ़ेर जाते जाते बोले:
समझ मैं आगी बात तै सारे बालक सिर हिलाओगे,
अर आगली क्लास मे इस टोपिक पे अपने विचार लिख के ल्याओगे!