ravinderjeet
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जमीन अधिग्रहण विषय पर पहले भी कई बार विचार विमर्श हो चुका हे | क्या कारण हे की इस समस्या का निदान नही हो पा रहा | जनता की सरकार ,जनता ले लिए ना होकर भ्रष्टआचार के लिए काम कर रही हे | विभिन्न प्रदेशों की विभिन्न नीतियाँ हैं जमीन अधिग्रहण के बारे में | कोई अध्यादेश हे जो पुरे देश में जमीन अधिग्रहण निति के बारे में हे जिस को संसद में रखना हे पर सरकार कई साल से उसको लटका कर बेठी हे मेरा मानना हे की :-
१) विकास के लिए अधिग्रण होना जरूरी हे पर उचित मुआवजे के साथ |
२) विस्थापितों को अधिग्रहण से पहले फिर से बसाया जाना चाहिए ,वरना वे सालों तक भटकते रह जाते हैं |
३) किसानों के पास जमीन के अलावा और कोई कमाई का साधन नहीं हे ,उनको रोजगार पहले दे देना चाहिए |
नेता मैले गमछे हैं ,
अफसर उनके चमचे हैं ,
सिपाही हो या किसान ,
मरता गरीब का बेटा जवान |
नोएडा के भट्ठा और अन्य गाँव में जो हे रहा हे वो एक प्रकार का सरकारी आतंकवाद हे और इसका विरोध होना चाहिए राष्ट्रीय स्तर पर |
१) विकास के लिए अधिग्रण होना जरूरी हे पर उचित मुआवजे के साथ |
२) विस्थापितों को अधिग्रहण से पहले फिर से बसाया जाना चाहिए ,वरना वे सालों तक भटकते रह जाते हैं |
३) किसानों के पास जमीन के अलावा और कोई कमाई का साधन नहीं हे ,उनको रोजगार पहले दे देना चाहिए |
नेता मैले गमछे हैं ,
अफसर उनके चमचे हैं ,
सिपाही हो या किसान ,
मरता गरीब का बेटा जवान |
नोएडा के भट्ठा और अन्य गाँव में जो हे रहा हे वो एक प्रकार का सरकारी आतंकवाद हे और इसका विरोध होना चाहिए राष्ट्रीय स्तर पर |