b.l.lakhlan
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जाट -किसान सभी का पेट भरता है लेकिन खुद भिखारियो की तरह क्यों ?
उसके बारे मैं सोचने के लिए किसी के पास समय नही ।
उसके बारे मैं सोचने के लिए किसी के पास समय नही ।
जाट -किसान सभी का पेट भरता है लेकिन खुद भिखारियो की तरह क्यों ?
उसके बारे मैं सोचने के लिए किसी के पास समय नही ।
जाट -किसान सभी का पेट भरता है लेकिन खुद भिखारियो की तरह क्यों ?
उसके बारे मैं सोचने के लिए किसी के पास समय नही ।
जाट -किसान सभी का पेट भरता है लेकिन खुद भिखारियो की तरह क्यों ?
उसके बारे मैं सोचने के लिए किसी के पास समय नही ।
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