Jit is back to Perth

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मेरी दिल्ली यात्रा समरनीय रही | जाट भाइयां ने खूब सवागत कर्या | इब्बी इस्सा लागे स जाणु आपणे कोलेज के दोस्ताँ तें फेट के आया सूँ | अक्षय मलिक , समर कादयान , राकेश सहरावत , संजय मलिक , उप्पेंदर लाकडा एर मोरखेडी आले लाकडा भाई का डूनघे दिल तें धन्यवाद |
bhai Ravinder, tu kyu paaachhe rahve hai? nyaari khichdi raandh tu bhi. chala de nyaara taagga :rock
 
bhai Ravinder, tu kyu paaachhe rahve hai? nyaari khichdi raandh tu bhi. chala de nyaara taagga :rock

विवेक भाई ,आपां तो दुसर्यां की हांडी में तें एक कटोरी ले के-ए संतुस्ट होल्याँ सां | एर कई भाइयां का कहणा स अक न्यारा तागा चलान खातर मशहूर होना जरूरी स | आपां तो कोणी |
 
मेरी दिल्ली यात्रा समरनीय रही | जाट भाइयां ने खूब सवागत कर्या | इब्बी इस्सा लागे स जाणु आपणे कोलेज के दोस्ताँ तें फेट के आया सूँ | अक्षय मलिक , समर कादयान , राकेश सहरावत , संजय मलिक , उप्पेंदर लाकडा एर मोरखेडी आले लाकडा भाई का डूनघे दिल तें धन्यवाद |

न्यू तो बताई इ कोणी अक दिल्ली पहुचे क्यूकर? :rolleyes:
 
यू जहाज के पहिये के जुड़ राख्या था अड्वेंचर यात्रा करता आया है
 
Btani thi na ak jahaj me gye ak bus me gaye, ak rehduwa thyaa gya tha koe??
details bhi bujhaa hai fer ak rahh me ke ke dekhya, paya, falana-dhimka...ak nahi!! ;)

ये बात तो "कूलजाट"बताया करे | ले फेर भी तेरा जी ना लागता तो बता द्यूं सूँ अक में उड़निये रहडुए में गया था | ऊह में आगे दो बलध जुड़ र थे पर यो रह्डुआ अजीब था बलध भी रहडुए के माह बेठ के ने चलावें थे वे भी धोले बलध थे | बस फरक इतना था अक उनके गले में गलामी ना थी पर थुई धोरे तीन चार सुनहरे पट्टे से लाग र थे |जवारे की रोटी हामने खेत में पोंचन की बजाय रहडुए में-ए खाई | जवारे आली भी रहडुए में गेल्याँ बेठी आई |फेर दिल्ली पोंच के उन् बल्धां ने रहडुए के डही ला दी | एर हाम उतर गे | बलध पढाये होड़ लागें थे | आ -बर्र करण की जरूत ना पड़ी | आपे आपणे आप ने हांक लायाए |
 
Er Delhi ka Weather ???

वेदर के था भाई बस नु समझ ले अक वो ज़िम्म में एक सोना बाथ होया करे बस उसा-ए लाग्या | माड़ा सा फरक था अक बीचाले ठाडी ताती बाल की गेल्याँ पोडर भी लाग जा था |
 
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"jaware aali" ke baare me aapki kyaa raaye hai??
1. uska latta odhna-pahrna kis trah ka tha??
2. uska bolna, chalna,

jaware aali" ke baare me aapki kyaa raaye hai?? ----- जवारे आली तो जिस्सा बेरा स सब ने ,आपना काम भोत आछी ढाल कर्या | बस टूक तोड़ के मूंह में ना दिए |
1. uska latta odhna-pahrna kis trah ka tha??--------- वे भारत के गरीबां खातर लत्ते बचावन लाग री सें खुद सेक्रिफाई कर कें |
2. uska bolna, chalna,------------------------------ बोलना तो उन् ने आवे कोणी था बस मुस्कारे जावें थी बिना बात भी जाणु ते मुस्करानी लिपस्टिक ला री हों|अर चालन खातर तो रहडुए में जगां ना बची थी बस भींची-भींची सरकें थी |मेरे ख्याल में वे सारी गूंगी थी | जब स्पीकर बोले था तो वे हाथां ने हिला-हिला कें एर किम्मे सामान सा ठा के दिखावें थी | मन्ने इस्सा लाग्या अक नु कहवें थी अक यो सामान थारे बाप का ना स कदे ठा ले जाओ |
 
मन्ने इस्सा लाग्या अक नु कहवें थी अक यो सामान थारे बाप का ना स कदे ठा ले जाओ |

Or to sari baat samjh me aagi suthri dhaal par nyu btao--> Rehduwe me bhi pichaan karwa di apni???
Laage se "jaware aali" ne "albaadi balkaan ke kise" padh liye the ha ha ha :rock
 
Last edited:
Or to sari baat samjh me aagi suthri dhaal par nyu btao--> Rehduwe me bhi pichaan karwa di apni???
Laage se "jaware aali" ne "albaadi balkaan ke kise" padh liye the ha ha ha :rock

हा हा हा हा | भाई माणस पिछाण में आणा चाहिए | एक बे में विदेश जाऊं था तो मेरे साहरे एक छोरा बेठा था | वो माड़ी-माड़ी वार में जुवारे आली ने बुलावे था किब्बे किम्मे काम कहवे किब्बे किम्मे फ़ालतू के | उप्पर एक बट्टन सा दाब दे था |तावाली-तावाली जब वा पांच छह बे आली तो उहने एक बलध खंदा दिया | फेर उह बलध ने ओपरी सी बोली में उह ताहि किम्मे कही ( राम्भ्या )जब जा कें उह गाभरू के शान्ति पई |सीधा-साधा माणस ने कुण आ कें बुझे नु |
 
तन्ने दिख तो गयी जे किसे ने अल्बद्दी बालक पढ़ राख्या होता तो कहती " आन ए लुक जाओ आज बाहर न लिकदियो रबिंदर आ रहया है "फेर कोए सी ओल्हा करके पूछती मन्ने भी दिखाइए कुणसा है ढेड! जे अल्बादी बालका आले की किताब काढ दे तो जनानी तन्ने देख के न्यू भाजे ज्युकर प्राण अर रणजीत ने देख के भाज्या करती!
 
तन्ने दिख तो गयी जे किसे ने अल्बद्दी बालक पढ़ राख्या होता तो कहती " आन ए लुक जाओ आज बाहर न लिकदियो रबिंदर आ रहया है "फेर कोए सी ओल्हा करके पूछती मन्ने भी दिखाइए कुणसा है ढेड! जे अल्बादी बालका आले की किताब काढ दे तो जनानी तन्ने देख के न्यू भाजे ज्युकर प्राण अर रणजीत ने देख के भाज्या करती!

यो काम भी हो लिया भाई ....किताब दे दी स छपनी.....
 
jaware aali" ke baare me aapki kyaa raaye hai?? ----- जवारे आली तो जिस्सा बेरा स सब ने ,आपना काम भोत आछी ढाल कर्या | बस टूक तोड़ के मूंह में ना दिए |
1. uska latta odhna-pahrna kis trah ka tha??--------- वे भारत के गरीबां खातर लत्ते बचावन लाग री सें खुद सेक्रिफाई कर कें |
2. uska bolna, chalna,------------------------------ बोलना तो उन् ने आवे कोणी था बस मुस्कारे जावें थी बिना बात भी जाणु ते मुस्करानी लिपस्टिक ला री हों|अर चालन खातर तो रहडुए में जगां ना बची थी बस भींची-भींची सरकें थी |मेरे ख्याल में वे सारी गूंगी थी | जब स्पीकर बोले था तो वे हाथां ने हिला-हिला कें एर किम्मे सामान सा ठा के दिखावें थी | मन्ने इस्सा लाग्या अक नु कहवें थी अक यो सामान थारे बाप का ना स कदे ठा ले जाओ |
hahahahahaha...muskarani lipstick...
 
तन्ने दिख तो गयी जे किसे ने अल्बद्दी बालक पढ़ राख्या होता तो कहती " आन ए लुक जाओ आज बाहर न लिकदियो रबिंदर आ रहया है "फेर कोए सी ओल्हा करके पूछती मन्ने भी दिखाइए कुणसा है ढेड! जे अल्बादी बालका आले की किताब काढ दे तो जनानी तन्ने देख के न्यू भाजे ज्युकर प्राण अर रणजीत ने देख के भाज्या करती!
hahahahaha
 
ये बात तो "कूलजाट"बताया करे | ले फेर भी तेरा जी ना लागता तो बता द्यूं सूँ अक में उड़निये रहडुए में गया था | ऊह में आगे दो बलध जुड़ र थे पर यो रह्डुआ अजीब था बलध भी रहडुए के माह बेठ के ने चलावें थे वे भी धोले बलध थे | बस फरक इतना था अक उनके गले में गलामी ना थी पर थुई धोरे तीन चार सुनहरे पट्टे से लाग र थे |जवारे की रोटी हामने खेत में पोंचन की बजाय रहडुए में-ए खाई | जवारे आली भी रहडुए में गेल्याँ बेठी आई |फेर दिल्ली पोंच के उन् बल्धां ने रहडुए के डही ला दी | एर हाम उतर गे | बलध पढाये होड़ लागें थे | आ -बर्र करण की जरूत ना पड़ी | आपे आपणे आप ने हांक लायाए |
bhai thoda or 'describe' kar Dilli ne, Dilli bhi 'laidback' se ke? , Dilli me bhi koye 'don' se ke jukar perth me haandan laag re hain.
 
bhai thoda or 'describe' kar Dilli ne, Dilli bhi 'laidback' se ke? , Dilli me bhi koye 'don' se ke jukar perth me haandan laag re hain.

ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha.................. Pannu, best place to live s Dilli bhi Perth ki dhaal............ weather ki bhi maujjj ho ri s ki imagine nahi kar saktey.............. er 'lion king' bhi khulley haandey sein pinjraaa tudaaa ke.................. CHOOOON ki bhi maujjj s..... er PR liye paachhey 3 mahine mein compulsary gedda maar ke Outback Delhi bhi koni likhnaa pade Delhi mein .... :rock :rock :rock
 
तन्ने दिख तो गयी जे किसे ने अल्बद्दी बालक पढ़ राख्या होता तो कहती " आन ए लुक जाओ आज बाहर न लिकदियो रबिंदर आ रहया है "फेर कोए सी ओल्हा करके पूछती मन्ने भी दिखाइए कुणसा है ढेड! जे अल्बादी बालका आले की किताब काढ दे तो जनानी तन्ने देख के न्यू भाजे ज्युकर प्राण अर रणजीत ने देख के भाज्या करती!

ओल्हा काढें गी क्या तें | उन् धोरे इन्ना गाभा कोणी होन्दा| ना तो फेर वा मेरी ताई आली हो जांदी | एक घटना सुनो | म्हारे घरां में एक मेरी ताई थी | उनकी घोड़ी खुला गी | तो और कोए था कोणी तो उहने ओटडे पर के बोल दे के मेरा दादा बुला लिया अक बालकां के दादा आइये एक बे | एर वा सीढ़ी पे चढ़ रि थी एर जब मेरा दादा उनके बगड़ में गया तो ऊह धोरे चुन्दडी ना थी , उहने आपनी घाघरी ठा कें ओहला कर लिया | मेरा दादा उड़े तें भाज्या अर मेरी दादी खंदाई अक उह बावली ने तार तले जा कें ने | तो भाई देख ले ओहला काढेंगी तो फेर घाघरी कित जा गी |
 
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