शतरंजी चाल से कांग्रेस ने रामदेव को फिर फं
विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने के लिए बाबा रामदेव 5 जून से सत्*याग्रह शुरू कर रहे हैं। असल में यह सत्*याग्रह केंद्र सरकार के ही खिलाफ है, जिसकी बागडोर कांग्रेस के हाथ में है। ऐसे में कांग्रेस के ही नेता कमलनाथ का बाबा को समर्थन देना कुछ अटपटा नहीं लगता! दरअसल यह कांग्रेस की वो चाल है, जिसमें उसने ना केवल बाबा को फंसाने की कोशिश की है, बल्कि देश की जनता को बरगलाने के भी भरपूर प्रयास किये हैं। आप सोच रहे होंगे, कि आखिर कांग्रेस ऐसा क्*यों कर रही है? तो आइये हम आपको बताते हैं।
यूपीए-2 के दो साल पूरे होने के ठीक पहले पेट्रोल के दामों में सीधे 5 रुपए की वृद्धि की गई। डीजल और रसोई गैस के दाम भी इसी सप्*ताह बढ़ने हैं। इस बात को लेकर देश की जनता में पहले की खासा गुस्*सा भरा हुआ है और कांग्रेस की सबसे बड़ी प्रतिद्वन्*द्वी भारतीय जनता पार्टी इसे भुनाने निकल पड़ी। भाजपा ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किये और आंदोलन की चेतावनी दे दी। ऐसे में कांग्रेस के लिए जनता का ध्*यान भटकाना जरूरी हो गया, क्*योंकि अगर एक बार जनता के मन में भाजपा के लिए अच्*छी छवि बन गई, तो उत्*तर प्रदेश तो दूर अगली बार केंद्र में भी उसे जगह नहीं मिलेगी।
इसी लिए कांग्रेस ने बैक डोर से शतरंज के उस प्*यादे को निकाला जिसे कमलनाथ कहा जाता है। केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने बाबा को ऐसा मक्*खन लगाया कि जनता तो दूर पूरा मीडिया उसी की तरफ डाइवर्ट हो गया। बस कांग्रेस यही चाहता भी था। अब भाजपा कुछ भी करे, जनता का ध्*यान पेट्रोल की कीमतों पर से हट गया है। यानी जब तक बाबा रामदेव और कांग्रेस का पाठ चलेगा तब तक भाजपाईयों का सुर्खियों में आना मुश्किल है।
कांग्रेस की इस चाल में मनमोहन सिंह से लेकर सोनिया गांधी तक सब शामिल हैं। एक तरफ कमलनाथ बाबा का जप कर रहे हैं, दूसरी तरफ मनमोहन, सोनिया दोनों ही कनिमोझी, ए राजा, शाहिद बलवा, सुरेश कलमाड़ी आदि को सलाखों के पीछे डाल अपनी पीठ थपथपा रही है। कांग्रेस ने इस बार यह अकलमंदी दिखाई कि कमलनाथ की जगह दिग्विजय को नहीं चुना, वो इसलिए क्*योंकि सत्*ताधारी पार्टी ने शतरंज के इस घोड़े को नकारात्*मक बातें बोलने के लिए ही रख रखा है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस पहले भी बाबा रामदेव को निशाना बनाकर भाजपा को दबा चुकी है। आपको याद होगा, जब भाजपा बाबा रामदेव के साथ जुड़ने के प्रयास कर रही थी, तब दिग्विजय बनाम रामदेव की लड़ाई ने ही भाजपा को किनारे कर दिया था। उस दौरान भी मीडिया का पूरा ध्*यान भाजपा से हट गया था। और हिन्*दुस्*तान में एक बार अगर मीडिया ने अपना कैमरा हटाया नहीं कि देश की जनता भी आंखे फेर लेती है। शायद यही कारण है कि तमाम घोटालों और महंगाई के बाद भी कांग्रेस ने हाल ही में तीन राज्*यों पर विजय प्राप्*त की है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो यूपी की जनता भी अगले साल भ्रष्*ट कांग्रेस को अपना मसीहा मान बैठेगी।
http://thatshindi.oneindia.in/news/...-for-baba-ramdev-political-stunt-aid0046.html