R
ritika
Guest
[FONT=times new roman, new york, times, serif]शहर कि इस दौड मॆ दौड कॆ क*रना क्या है..
अग*र यहि जिना है दॊस्तॊ, तॊ फिर म*रना क्या है..
पहले बरिश मै ट्रैन् लॆट हॊनॆ कि फिक्र है..
भुल गयॆ भिगतॆ हुऎ टहलना क्या हॊता है..
सिरिअल्स कॆ किरदारॊ का सारा हाल है मालुम..
पर मा का हाल पुछनॆ कि पुरसत कहा है..?
अब रॆत पॆ नन्गै पैर ट*ह*ल*तॆ क्यॊ नही..?
108 है चैनल प*र* दिल बहलतॆ क्यॊ नही..?
इन्ट*र*नॆट पॆ सारी दुनिया सॆ तॊ ट*च मैन् है
लॆकीन* पडॊस मै कौन रहता है जानतॆ तक नही.
मॊबाईल,लैन्डलाईन स*ब की भरमार् है..
लॆकीन* जीगरी दॊस्त तक पहुचॆ ऐसॆ तार कहा है..?
कब डूबतॆ हुऎ सुरज कॊ दॆखा था याद है.??
कब जाना था वॊ शाम का गुजरना क्या है..??
तॊ दॊस्तॊ शहर कि ईस दौड* मै दौड कॆ करना क्या है..
अग*र* यही जीना है तॊ मरना क्या
[/FONT]
(not self-composed)
अग*र यहि जिना है दॊस्तॊ, तॊ फिर म*रना क्या है..
पहले बरिश मै ट्रैन् लॆट हॊनॆ कि फिक्र है..
भुल गयॆ भिगतॆ हुऎ टहलना क्या हॊता है..
सिरिअल्स कॆ किरदारॊ का सारा हाल है मालुम..
पर मा का हाल पुछनॆ कि पुरसत कहा है..?
अब रॆत पॆ नन्गै पैर ट*ह*ल*तॆ क्यॊ नही..?
108 है चैनल प*र* दिल बहलतॆ क्यॊ नही..?
इन्ट*र*नॆट पॆ सारी दुनिया सॆ तॊ ट*च मैन् है
लॆकीन* पडॊस मै कौन रहता है जानतॆ तक नही.
मॊबाईल,लैन्डलाईन स*ब की भरमार् है..
लॆकीन* जीगरी दॊस्त तक पहुचॆ ऐसॆ तार कहा है..?
कब डूबतॆ हुऎ सुरज कॊ दॆखा था याद है.??
कब जाना था वॊ शाम का गुजरना क्या है..??
तॊ दॊस्तॊ शहर कि ईस दौड* मै दौड कॆ करना क्या है..
अग*र* यही जीना है तॊ मरना क्या
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(not self-composed)