R ritu New member May 29, 2009 #21 अच्छा बुररा सब मालूम है फेर भी हम फितरत के मारे है गम हम को भूल भी जाए हम उनको ढूंड लाते है ये शौक शौक की बात है सुकून दर्द के आदि है किसकी ह मजाल जो किसी को दर्द दे जाए दर्द हमको और हम दर्द को अज़ीज़ है
अच्छा बुररा सब मालूम है फेर भी हम फितरत के मारे है गम हम को भूल भी जाए हम उनको ढूंड लाते है ये शौक शौक की बात है सुकून दर्द के आदि है किसकी ह मजाल जो किसी को दर्द दे जाए दर्द हमको और हम दर्द को अज़ीज़ है
A aryasatyadev New member May 29, 2009 #22 Jaatan me bhi shayar haowen sain........ bhai baat samajh me naa aayi baaki shayari badhiya hai...... kutch lagta hai original bhi hai
Jaatan me bhi shayar haowen sain........ bhai baat samajh me naa aayi baaki shayari badhiya hai...... kutch lagta hai original bhi hai