पढ़िए आज की कुछ मजेदार खबरे अलग अंदाज़ में
**मुझे शक है दिग्विजय सिंह अब कसाब के मेमोरियल
की मांग न कर दे
**कसाब की मौत पर ज्यादा चुटकुले न बनाएं हो सकता है
'किसी की' भावनाएं आहत हो जाएं@Digvijay
**'सलमान खुर्शीद' अभी टीवी पर कह रहे थे कि कसाब
को जिस तरह सज़ा हुई उससे
दुनिया को पता लगा गया कि भारत में कानून का राज है! मेरे
मानना है ऐसे मौकों पर टीवी वालों को background
laughter डाल देना चाहिए।
**कांग्रेस वाले बड़े चालाक है। वो नहीं चाहते
किसी भी चीज़ का क्रेडिट मनमोहन सिंह को मिले। कसाब
को फांसी भी तब दी गई जब वो देश से बाहर हैं।
**ख़बर है आख़िर इच्छा की पूर्ति के तौर पर कसाब
को 'जब तक है जान दिखा गई' और उसके बाद
फांसी की नौबत नहीं आई
**इस बीच ख़बर है कि स्टार क्रिकेट ने
दर्शकों की दया याचिका खारिज कर दी है और अगले मैच में
भी सिद्दू और रमीज राजा से hindi commentary
करवाई जाएगी।
**शिंदे के मुताबिक फांसी के बारे मे PM
को पता नही था,सोनिया को बताया नही था तो कसाब
को फांसी क्या नेपाल के राष्ट्रपति से पूछकर दी गई थी।
**अफज़ल गुरू की हालत अभी वैसी हो रही है जैसे बड़ी बहन
की शादी के बाद सभी छोटी के पीछे पड़ जाते हैं।
**जिस तरह चुपचाप कसाब की फांसी को अंजाम
दिया गया इसका नाम 'ऑपरेशन एक्स' की बजाए 'ऑपरेशन
मनमोहन सिंह' होना चाहिए था।
**कसाब को फांसी पर लटकाने के प्लान को 'ऑपरेशन
एक्स' नाम दिया गया। शुक्र है किसी चम्मचे ने इसका नाम
'ऑपरेशन राजीव गांधी' नहीं सुझा दिया।
**पाकिस्तान कसाब को बीर पुत्र के तौर पर याद
रखेगा और भारत बिरयानी पुत्र।
**क्या ये सिर्फ इत्तेफाक है कि कसाब को खाने
(बिरयानी) का शौक था और प्रतिभा पाटिल को पकाने का,
और उनके रहने तक कसाब को फांसी नहीं दी गई।
**कसाब की फांसी के लिए चारों तरफ प्रणब दा की तारीफ
हो रही है। मगर दिक्कत ये है इस अच्छे काम के लिए चाहकर
भी उन्हे प्रमोशन नही दिया जा सकता।
**प्रधानमंत्री को टीवी पर कसाब
की फांसी का पता चला:शिंदे। मगर राहुल
बाबा को टीवी देखने के बाद
भी पता नहीं चला क्योंकि पोगो पर न्यूज़ नहीं आती।