देश को आजाद हुऐ 60 साल हो गये पर खेती और किसान की हालत बुरी है। सरकारे आती जाती रहती है और कृषि बजट भी बढता है पर हाल पहले से और बुरा। गलती कहां हो रही है। ऐसा नही की किसान के पास बिल्कुल पैसा नही पर सुविधा नाम की कोई चीज वह अपने गांव मे नही जुटा सकता। इसी लिए कोई नही चाहता की उसका बेटा खेती करे। कोई नही चाहता उसकी लडकी की सादी गांव में हो। गाव की परेशानी किसी सरकार को क्यों नही दिखती। इस फोरम में भी मैने कोई सी*रियस लेख इस विषय में नही देखा। क्या ये वाकई समस्या नही है। क्या गांव में खेती मे लगे लडके की सादी आसानी से होती है क्या कोई पढा लिख लडका खुशी खुशी खेती मे लगना चाहता है मेरे ख्याल से तो इन सबका उत्तर नही ही है। चलो इस विषय पर इस फोरम के माध्*यम से कुछ चर्चा हो जाये।