ravinderjeet
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राकेश खूंढ़ा(कंडेकटर ताहीं ) ---- यु नोट बदल दे भाई |कंडेकटर ------ क्यूँ इह की के आँख दुखणी आरी सें |
राकेश खूंढ़ा(कंडेकटर ताहीं ) ---- यु नोट बदल दे भाई |कंडेकटर ------ क्यूँ इह की के आँख दुखणी आरी सें |
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एक ताऊ हरयाणा रोडवेज की बस में आगे कै चड्ढ़ण लाग्या । कंडक्टर बोल्या - ताऊ, पाच्छे कै !
ताऊ - क्यूं, आगै के लीप राक्खी सै ?
देशवाल जी के पुन्झडी ,१-२-३ |
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