khundhe ki dukaandaari

ravinderjeet

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राकेश खूंढ़े ने कई बिजनेस कर के देख लिए पर आई बरियाँ किम्मे ना किम्मे खटेबा हो जा था | इबके उहने काकडीयाँ की रेहड़ी ला ली | पह्ल्डा -ए दिन था | समरू लांडा उड़े के जावे था |
समरू लांडा ------- आ भाई ये काकडी के भा दी ?
राकेश खूंढ़ा ------- १० रपिये किलो |
समरू लांडा ---------- जा सारी मोल ले ल्यूं तो , के भा दे गा ?
राकेश खूंढ़ा ---------- सारी ना बेचूं |
समरू लांडा -----------क्यूँ ?
राकेश खूंढ़ा -------------- फेर साबत दन में के करूंगा |
 
राकेश खूंढ़े ने कई बिजनेस कर के देख लिए पर आई बरियाँ किम्मे ना किम्मे खटेबा हो जा था | इबके उहने काकडीयाँ की रेहड़ी ला ली | पह्ल्डा -ए दिन था | समरू लांडा उड़े के जावे था |
समरू लांडा ------- आ भाई ये काकडी के भा दी ?
राकेश खूंढ़ा ------- १० रपिये किलो |
समरू लांडा ---------- जा सारी मोल ले ल्यूं तो , के भा दे गा ?
राकेश खूंढ़ा ---------- सारी ना बेचूं |
समरू लांडा -----------क्यूँ ?
राकेश खूंढ़ा -------------- फेर साबत दन में के करूंगा |

:):)......jaatan k bas ki dukandari kad h .. :)
 
राकेश खूंढ़े ने कई बिजनेस कर के देख लिए पर आई बरियाँ किम्मे ना किम्मे खटेबा हो जा था | इबके उहने काकडीयाँ की रेहड़ी ला ली | पह्ल्डा -ए दिन था | समरू लांडा उड़े के जावे था |
समरू लांडा ------- आ भाई ये काकडी के भा दी ?
राकेश खूंढ़ा ------- १० रपिये किलो |
समरू लांडा ---------- जा सारी मोल ले ल्यूं तो , के भा दे गा ?
राकेश खूंढ़ा ---------- सारी ना बेचूं |
समरू लांडा -----------क्यूँ ?
राकेश खूंढ़ा -------------- फेर साबत दन में के करूंगा |

the to inn joke bana diyo khamkha,dar-asal khunda ek kahawat su rakhi thi k lalach boori bala hai,lalach kabhi na karna....
 
कचरे

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भाई, घणी पुराणी बात सै - बड्डे बताया करते । गर्मियाँ के दिन थे । एक लीलूराम दिल्ली में कचरे बेचै था । एक दिन उसके गाम के कई आदमी आ-ग्ये अर बूझण लागे - भाई लीलू, कचरे किस भाव बेचै सै ?

लीलू - चार आने सेर ।

गाम आळे - पर यार, हम तै तेरे गामौली सां, म्हारे ताहीं के भाव देगा ?

लीलू - कोए ना, तुम और चार आने कम दे दियो !

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भाई, घणी पुराणी बात सै - बड्डे बताया करते । गर्मियाँ के दिन थे । एक लीलूराम दिल्ली में कचरे बेचै था । एक दिन उसके गाम के कई आदमी आ-ग्ये अर बूझण लागे - भाई लीलू, कचरे किस भाव बेचै सै ?

लीलू - चार आने सेर ।

गाम आळे - पर यार, हम तै तेरे गामौली सां, म्हारे ताहीं के भाव देगा ?

लीलू - कोए ना, तुम और चार आने कम दे दियो !

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:rock:rock:boxing:boxing mast tha deshwal sabb ...

char aane ka discount hammne bhi dilvayiooo ..
 
राकेश खूंढ़े ने कई बिजनेस कर के देख लिए पर आई बरियाँ किम्मे ना किम्मे खटेबा हो जा था | इबके उहने काकडीयाँ की रेहड़ी ला ली | पह्ल्डा -ए दिन था | समरू लांडा उड़े के जावे था |
समरू लांडा ------- आ भाई ये काकडी के भा दी ?
राकेश खूंढ़ा ------- १० रपिये किलो |
समरू लांडा ---------- जा सारी मोल ले ल्यूं तो , के भा दे गा ?
राकेश खूंढ़ा ---------- सारी ना बेचूं |
समरू लांडा -----------क्यूँ ?
राकेश खूंढ़ा -------------- फेर साबत दन में के करूंगा |

HaHaHaHa.........Good one!
 
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