jitendershooda
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What do you say about these steps? Should janta follow them?
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/haryana/4_6_4814563_1.html
प्रशासन ने लिया गेस्ट टीचर प्रकरण से सबक
लगता है, जिला प्रशासन ने गेस्ट टीचर प्रकरण से सबक ले लिया है। शहर के अंदरूनी भागों में अब बड़ी रैली व जनसभा नहीं होगी। प्रशासन ने रैली व बैठकों के लिए बाकायदा स्थान तय किए है। प्रशासन के इस कदम को कुछ दिन पहले हुए गेस्ट टीचर प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
रैली और धरने-प्रदर्शन की वजह से आमजन को होने वाली परेशान से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने हुडा कांप्लेक्स, मानसरोवर पार्क व सेक्टर एक स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में मीटिंग व सभा करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
इसके अलावा जनसभा व मीटिंग के आयोजन के लिए तीन स्टैडर्ड तय किए है; छोटी, मध्यम व बड़ी। छोटी मीटिंग के लिए श्रीराम धर्मशाला तय की गई है। पुराना बस अड्डा के पास ओल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड और श्रीराम रंगशाला मध्यम स्तर की मीटिंग के लिए निर्धारित किया गया है। विकास सदन में भी मीटिंग की इजाजत होगी, लेकिन आयोजक को एक हजार रुपये खर्च करने पड़ेगें।
बड़ी रैली व जनसभा शहर में तीन जगह की जा सकेंगी। सेक्टर-6 स्थित हुडा ग्राउंड और सेक्टर-34 के सनसिटी के बगल वाले ग्राउंड में ऐसे आयोजन प्रशासन की इजाजत से किए जा सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में छोटूराम स्टेडियम का इस्तेमाल किया जा सकता है। आयोजक को 20 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा कराने होंगे।
प्रदर्शन के लिए प्रशासन ने रूट भी तय किया है। प्रदर्शनकारी छोटूराम स्टेडियम, शीला बाई पास के रास्ते सचिवालय तक जा सकेंगे।
डीसी आरएस दून ने बताया कि जुलूस, धरने व प्रदर्शन से लोगों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। जगह और रूट के लिए आयोजक को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। प्रदर्शन के दौरान होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के लिए आयोजक जिम्मेदार होंगे। भरपाई भी आयोजक को ही करनी पड़ेगी। पेयजल व यातायात प्रबंध की जिम्मेदारी भी आयोजक के कंधों पर होगी। उन्होंने बताया कि बड़ी मीटिंग व जनसभा के बाद ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी मौके पर पहुंच जाएगा।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/haryana/4_6_4814563_1.html
प्रशासन ने लिया गेस्ट टीचर प्रकरण से सबक
लगता है, जिला प्रशासन ने गेस्ट टीचर प्रकरण से सबक ले लिया है। शहर के अंदरूनी भागों में अब बड़ी रैली व जनसभा नहीं होगी। प्रशासन ने रैली व बैठकों के लिए बाकायदा स्थान तय किए है। प्रशासन के इस कदम को कुछ दिन पहले हुए गेस्ट टीचर प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
रैली और धरने-प्रदर्शन की वजह से आमजन को होने वाली परेशान से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने हुडा कांप्लेक्स, मानसरोवर पार्क व सेक्टर एक स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में मीटिंग व सभा करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
इसके अलावा जनसभा व मीटिंग के आयोजन के लिए तीन स्टैडर्ड तय किए है; छोटी, मध्यम व बड़ी। छोटी मीटिंग के लिए श्रीराम धर्मशाला तय की गई है। पुराना बस अड्डा के पास ओल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड और श्रीराम रंगशाला मध्यम स्तर की मीटिंग के लिए निर्धारित किया गया है। विकास सदन में भी मीटिंग की इजाजत होगी, लेकिन आयोजक को एक हजार रुपये खर्च करने पड़ेगें।
बड़ी रैली व जनसभा शहर में तीन जगह की जा सकेंगी। सेक्टर-6 स्थित हुडा ग्राउंड और सेक्टर-34 के सनसिटी के बगल वाले ग्राउंड में ऐसे आयोजन प्रशासन की इजाजत से किए जा सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में छोटूराम स्टेडियम का इस्तेमाल किया जा सकता है। आयोजक को 20 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा कराने होंगे।
प्रदर्शन के लिए प्रशासन ने रूट भी तय किया है। प्रदर्शनकारी छोटूराम स्टेडियम, शीला बाई पास के रास्ते सचिवालय तक जा सकेंगे।
डीसी आरएस दून ने बताया कि जुलूस, धरने व प्रदर्शन से लोगों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। जगह और रूट के लिए आयोजक को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। प्रदर्शन के दौरान होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के लिए आयोजक जिम्मेदार होंगे। भरपाई भी आयोजक को ही करनी पड़ेगी। पेयजल व यातायात प्रबंध की जिम्मेदारी भी आयोजक के कंधों पर होगी। उन्होंने बताया कि बड़ी मीटिंग व जनसभा के बाद ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी मौके पर पहुंच जाएगा।