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एक फौजी रिटायर हुआ - काम-धाम कुछ था नहीं, सो उसने कुछ अच्छी नस्ल के कुत्ते पालने और बेचने का धंधा शुरू कर दिया, दिल्ली के पास । एक दिन उसके गाम के कुछ अळबादी बालक उसकै धोरै गए । एक लड़का पूछने लगा (मान लो उसका नाम सुंडू था) -
सुन्डू - काका, यो अलशेसन पिल्ला और यो दूसरा डोबरमैन कितणे का सै ?
फौजी - भाई, एक सै छः हजार का और दूसरा सात हजार का ।
सुन्डू - अर काका, यो एक और भूंडे-से मुंह आळा कितणे का सै ?
फौजी - अरै, इसनै भूंडे मुंह आळा मत कह, यो तै आंडी नसल का सै - पूरे ग्यारह हजार का बिक्कैगा ।
सुन्डू - काका, फिर यो बूढ़ा, खाजला कुत्ता कै का सै ?
फौजी - अरै, यो तै पूरे पचास हजार का सै ।
सुन्डू - जा नै काका, क्यूं भकावै सै - इसनै तै कोए फ्री में बी ना ले - इसके इतणे दाम क्यूं बतावै सै तू ?
फौजी - ये सारे पिल्ले इसनै काका कहया करैं !!!
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एक फौजी रिटायर हुआ - काम-धाम कुछ था नहीं, सो उसने कुछ अच्छी नस्ल के कुत्ते पालने और बेचने का धंधा शुरू कर दिया, दिल्ली के पास । एक दिन उसके गाम के कुछ अळबादी बालक उसकै धोरै गए । एक लड़का पूछने लगा (मान लो उसका नाम सुंडू था) -
सुन्डू - काका, यो अलशेसन पिल्ला और यो दूसरा डोबरमैन कितणे का सै ?
फौजी - भाई, एक सै छः हजार का और दूसरा सात हजार का ।
सुन्डू - अर काका, यो एक और भूंडे-से मुंह आळा कितणे का सै ?
फौजी - अरै, इसनै भूंडे मुंह आळा मत कह, यो तै आंडी नसल का सै - पूरे ग्यारह हजार का बिक्कैगा ।
सुन्डू - काका, फिर यो बूढ़ा, खाजला कुत्ता कै का सै ?
फौजी - अरै, यो तै पूरे पचास हजार का सै ।
सुन्डू - जा नै काका, क्यूं भकावै सै - इसनै तै कोए फ्री में बी ना ले - इसके इतणे दाम क्यूं बतावै सै तू ?
फौजी - ये सारे पिल्ले इसनै काका कहया करैं !!!
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