Kya kar sakte hai hum ?

This is good initiative by Narvir bhai.
We can request people to take pledge to:

- Not to waste electricity and switch off fan/light when leaving a room
- Not to waste water and use it Judicially
- Stop using tap water for shaving, instead use a Mug
- Use Shower instead of using a Bucket
- Use AC condensate for watering of plants
- Ensure installation of float valve in overhead and underground tanks
- Prompt action / report for leakage/ wastage of water
- Request builder to provide dual pipe line (recycled water for flush and gardening which consumes 50% of the water)
​
- Carry your own bag for vegetable / fruit or if unavoidable use only one big polythene instead of multiple small plastic polythene
- Educate people to dispose of plastic properly or store it and keep it with you
- Not to litter and educate children to do so.

BTW -- please strengthen hands of Navin Gulia (www.adaa.in), who has already taken lot of these measure by joining him.

Regards to all,

Sir,

Thank you very much for your valuable consideration here about all these things.

Mr.Navin Gulia is a great guy.
He is inspiring us at any stages.
Our goals are same,they are doing it at a hard & large scale.

Like They are wholesaler and we retailers here.
We will try our best to understand & support them overall.

Thanks
With regards
 
धन्यवाद नरवीर भाई,
मैंने भी यहाँ पर पहली बार हिंदी में लिखा है. भाषा की गलतियों पर मत जाओ. विचारों को वयक्त करना आना चाहिए. आप तो बस लिखते रहो.
सुनील लोर
 
धन्यवाद भाई नरवीर आप एक बहुत ही अच्छा प्रयास कर रहे हैं और मैं आप के सुझावों से पूरणतया सहमत हूँ |दूसरा मेरा तातपर्य आप को निरोत्साहित करना बिलकुल भी नहीं था | मैंने तो जाटलैंड के प्रचलन के बारे में
आपको अवगत करवाया है | आपको अच्छा ना लगा हो तो माफ़ करना |


एक बार फिर कहना चाहूँगा की आप का प्रयास सराहनीय है |
 
Hello friends,


यह एक शाश्वत सत्य है कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में हम जिस चीज पर ध्यान केन्द्रित करते हैं उस चीज में आश्चर्यजनक रूप से विस्तार होता है . इसलिए सफल होने के लिए हमें अपने चुने हुए लक्ष्य पर पूरी तरह से focussed होना होगा ; और तभी हम उसे हकीकत बनते देख पायेंगे .
Friends, उपरोक्त कथन स्वामी विवेकानंद के हैं और मुझे लगता है कि Focus शब्द को शायद ही इससे अच्छे ढंग से समझा जा सकता है .

इतना याद रखिये कि अपने जीवन में एक normal focussed व्यक्ति एक talented unfocussed व्यक्ति से कहीं ज्यादा achieve कर सकता है .
इसलिए बड़े लक्ष्य बनाइये और उस पर focussed होकर उसे achieve करिए ….तभी जीने का असली मजा है

I believe in action,more than speech.
Because Action is the foundational key to all success.

Thanks
With regards
 
भाई नरवीर तेरे प्रयासों से प्रेरित हो कर मैं एक धागा टेकक टॉक में शुरू कर रहा हूँ |
 
भाई नरवीर तेरे प्रयासों से प्रेरित हो कर मैं एक धागा टेकक टॉक में शुरू कर रहा हूँ |

Sir,

Emotions come and go and can't be controlled so there's no reason to worry about them. That in the end, people should be judged by their actions since in the end it was actions that defined everyone.

with regards
 
दोस्तों ,
जब यहाँ पर किसी बात पर बहस होती है तो ये देख कर ख़ुशी होती है और लगता है की हमारा समाज जागरूक हो रहा है!
हम अपनी उर्जा और समझ को इस्तेमाल कर रहे है ये अच्छी बात है!
लेकिन हम उन बातो में ज्यादा बहस कर रहे है जिनका हमें ज्ञान कम है और हमारे पास जिनका परमाण नहीं है !
मुझे नहीं लगता की हमें खुद को बातो से साबित करने की जरुरत है जब की हम अपने आप को काम करके भी साबित कर सकते है !
लेकिन हम बहस करते है कावड़ियों पर अरे भाई जो कवाड लेकर आ रहा है उसे आने दो ये उसकी समझ है !
हमें ये गलत लगता है तो हमें नहीं करना है और इसको बढ़ावा भी नहीं देना है बस !
ऐसी बहोत सी बाते है जो हमें पता है और वो बिलकुल सही भी है और हमें उनके लिए परमाण देने की जरुरत भी नहीं है !
लेकिन हम उन बातो को भुला रहे है और बिना मतलब की बहस बाजी में उलझे हुए है !
हम बात करते है कवाड लाने से होने वाले आर्थिक नुकसान की,बहोत सी और भी बातो की,पर हम खुद ही पराक्र्तिक संसाधनों का दुरूपयोग करते जा रहे है !
वो दीखता है आपको सब नुकसान और ये जो हमारे आस पास जो कुछ हो रहा है इसकी तरफ से हम सब आखे बंद कर लेते है !
अब बताइए क्या मुझे इस बात का सबूत देने की जरुरत है ?
मेरी गुजारिश है आप सभी से की सुरुआत हमें खुद से ही करनी चाहिए तभी कुछ सुधर हो सकता है हमारे देश का,हमारे समाज का और हमारा खुद का !

धन्यवाद्
 
दोस्तों ,
जब यहाँ पर किसी बात पर बहस होती है तो ये देख कर ख़ुशी होती है और लगता है की हमारा समाज जागरूक हो रहा है!
हम अपनी उर्जा और समझ को इस्तेमाल कर रहे है ये अच्छी बात है!
लेकिन हम उन बातो में ज्यादा बहस कर रहे है जिनका हमें ज्ञान कम है और हमारे पास जिनका परमाण नहीं है !
मुझे नहीं लगता की हमें खुद को बातो से साबित करने की जरुरत है जब की हम अपने आप को काम करके भी साबित कर सकते है !
लेकिन हम बहस करते है कावड़ियों पर अरे भाई जो कवाड लेकर आ रहा है उसे आने दो ये उसकी समझ है !
हमें ये गलत लगता है तो हमें नहीं करना है और इसको बढ़ावा भी नहीं देना है बस !
ऐसी बहोत सी बाते है जो हमें पता है और वो बिलकुल सही भी है और हमें उनके लिए परमाण देने की जरुरत भी नहीं है !
लेकिन हम उन बातो को भुला रहे है और बिना मतलब की बहस बाजी में उलझे हुए है !
हम बात करते है कवाड लाने से होने वाले आर्थिक नुकसान की,बहोत सी और भी बातो की,पर हम खुद ही पराक्र्तिक संसाधनों का दुरूपयोग करते जा रहे है !
वो दीखता है आपको सब नुकसान और ये जो हमारे आस पास जो कुछ हो रहा है इसकी तरफ से हम सब आखे बंद कर लेते है !
अब बताइए क्या मुझे इस बात का सबूत देने की जरुरत है ?
मेरी गुजारिश है आप सभी से की सुरुआत हमें खुद से ही करनी चाहिए तभी कुछ सुधर हो सकता है हमारे देश का,हमारे समाज का और हमारा खुद का !

धन्यवाद्

Introspection is good but putting ones views before the public on open platform leads to better results as our ideas and views get additional input from the ideas and perspective of others. Hence debate and discussion becomes an inseparable component of democratic functioning of a society or nation.
 
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