A
andyjat
Guest
ND Joke
एक छोरा आपणी घर आळी नै ले कै सुसराड़ तैं उल्टा आपणे गाम में जावै था । वो साथ में आपणी घर आळी के लत्त्यां (कपड़ों) का ट्रंक भी ले रहया था । कोसळी रेलवे स्टेशन पै वे रेल की बाट में बैठे थे - एक ताई भी बैठी थी धोरै । ताई उसकी घर आळी गैल बतळावण लाग्गी, बोल्ली - बेटी कित जाओ सो ? बहू बोल्ली - ताई, सासरौली जाणा सै ।
ताई फिर बूझण लाग्गी - बेटी तू कित की सै ? बहू बोल्ली - ताई, मैं गुडियाणी की सूँ । ताई फेर बोल्ली - बेटी, सासरौली की बहू सै ?
न्यूं सुणतीं हें छोरा बोल्या - ताई, जै या सारी सासरौली की बहू सै, तै मैं के खामखाँ यो ट्रंक सिर पै धरीं हांडूं सूं ?
.[/quote]
maza aa gaya
एक छोरा आपणी घर आळी नै ले कै सुसराड़ तैं उल्टा आपणे गाम में जावै था । वो साथ में आपणी घर आळी के लत्त्यां (कपड़ों) का ट्रंक भी ले रहया था । कोसळी रेलवे स्टेशन पै वे रेल की बाट में बैठे थे - एक ताई भी बैठी थी धोरै । ताई उसकी घर आळी गैल बतळावण लाग्गी, बोल्ली - बेटी कित जाओ सो ? बहू बोल्ली - ताई, सासरौली जाणा सै ।
ताई फिर बूझण लाग्गी - बेटी तू कित की सै ? बहू बोल्ली - ताई, मैं गुडियाणी की सूँ । ताई फेर बोल्ली - बेटी, सासरौली की बहू सै ?
न्यूं सुणतीं हें छोरा बोल्या - ताई, जै या सारी सासरौली की बहू सै, तै मैं के खामखाँ यो ट्रंक सिर पै धरीं हांडूं सूं ?
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maza aa gaya