Really Valuable Information Sir
But Sir ye FASAL ka CHAKRA zara samajh me nahi aaya...
regards
Rahul Nadarya
In short, "फसल का चक्र" का मतलब है कि एक ही खेत में एक ही फसल हर साल पैदा नहीं करनी चाहिये । आपने देखा ही होगा कि एक खेत में हर साल पहले धान बोए जाते हैं (बरसात में) और उसके तुरन्त बाद गेहूं बो दिये जाते हैं । अगर हर साल यही होता रहे तो जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है और उसमें ज्यादा रासायनिक खाद डालना पड़ता है । अगर एक साल गेहूं आदि बो कर अगले साल उसमें सब्जियां या दालें बोई जायें तो मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और रासायनिक खाद भी नहीं डालनी पड़ेगी । पहले भी किसान ऐसा ही करते थे - वे एक साल या तो जमीन को खाली छोड़ देते थे या उसमें दालें आदि बो देते थे ताकि भूमि को आराम मिले या तबदीली हो । जैसे अगर हम रोजाना गेहूं की रोटी खाते हैं, तो बीच-बीच में किसी दिन दलिया, खिचड़ी या दूसरे अनाज खाने से पेट को आराम मिलता है और शरीर के लिये भी यह ठीक है । यही बात खेती वाली जमीन पर भी लागू होती है ।
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