Don't know about the e-mail id but the show is MTV-Roadies:Shortcut To Hell Season 8
यो सौद्दा तो एक बै मन्नै भी देख्या था. मेरी सासू के 2 गंजे सै एक जिसी शकल के...सिर पै उस्तरा फिरवाए रह हैं 12 मास...छोरियां न बारी-बारी कुर्सी पै बठा कै नै न्यू पूछण लाग गे कि बता छोरे घणी गाळ कूण-कूण सी बकै सै....अर छोरी भी जमा बेशर्म...बतावण लाग गी अक मां की ***...बाहण की ***...कती क्लियर ...मैं तो हैरान रह गया अक यूं हो के रह्या सै...एम टी.वी. चैनल तो सब किंघै नै देख्या जा सै...जमा कलियुग सै भाई... जितना बुरा हो जा, उतना ही घाट सै आजकल तो...किसी नै कुछ समझावण का धर्म नि रह रह्या सै...तमाशा देखो अर जी से लो इस दुनिया के...
90% chorriya ke mms ban jawe hai in jasie shows main.
भाई, ये ऐसी-ऐसी छोरी तो बेचारी धर्म का काम करती हैं. इनका नारा है कि हम किसी भी छोरे को प्यासा नहीं रहने देंगी. कोई लिव-इन रिलेशनशिप के तहत रखना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं, कोई केवल प्यास बुझाने के लिए दोस्त बनाना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं...चाहे कोई पड़ोस में हो, स्कूल-कॉलेज में हो, दफ्तर में हो...और तो और चचेरा, ममेरा, फुफेरा भाई (मैं कई केस देख चुका) भी हो तो भी कोई दिक्कत नहीं...बस थोड़ा नहा-धोकर रहता हो और जेब में 2 पैसे भी रखता हो...फिर शादी के बाद जब पति कहे कि मुझे तो तुम्हारी ये समाज सेवा पसंद नहीं आई तो उनका तर्क होता है कि तुमने भी तो इस समाज सेवा का मजा लिया होगा...हाल-फिलहाल दुनिया का केवल एक ही मकसद है...ज्यादा से ज्यादा मजा...चरित्र, कर्मों का फल, सदाचार-संयम गए भाड़ में...
aaj kal to India main aam si baat ho gai hai Delhi,Mumbai,Chandigarh jasie cities main.
भाई, ये ऐसी-ऐसी छोरी तो बेचारी धर्म का काम करती हैं. इनका नारा है कि हम किसी भी छोरे को प्यासा नहीं रहने देंगी. कोई लिव-इन रिलेशनशिप के तहत रखना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं, कोई केवल प्यास बुझाने के लिए दोस्त बनाना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं...चाहे कोई पड़ोस में हो, स्कूल-कॉलेज में हो, दफ्तर में हो...और तो और चचेरा, ममेरा, फुफेरा भाई (मैं कई केस देख चुका) भी हो तो भी कोई दिक्कत नहीं...बस थोड़ा नहा-धोकर रहता हो और जेब में 2 पैसे भी रखता हो...फिर शादी के बाद जब पति कहे कि मुझे तो तुम्हारी ये समाज सेवा पसंद नहीं आई तो उनका तर्क होता है कि तुमने भी तो इस समाज सेवा का मजा लिया होगा...हाल-फिलहाल दुनिया का केवल एक ही मकसद है...ज्यादा से ज्यादा मजा...चरित्र, कर्मों का फल, सदाचार-संयम गए भाड़ में...
सुशील कुमार त्रिपाठी
लिव इन रिलेशनशिप आपको जीवनभर के लिए बांझ बना सकता है। दिल्ली सहित मेट्रो शहरों में जिस तरह से लिव इन का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, महिलाओं खासकर कम उम्र की लड़कियों में इन्फर्टिलिटी का भी खतरा बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण बन रहा है असुरक्षित गर्भपात। लंबे समय तक लिव इन में रहने और फिर गर्भपात से पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) यानी गर्भाशय, अंडाशय और दूसरे पेल्विक अंगों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है और इनसे जुड़ी नलियों के सामान्य टिशू आपस में चिपकने लगते हैं।
इससे इन्फर्टिलिटी की समस्या पैदा हो जाती है। यह एक तरह का यौन रोग होता है, जो मल्टिपल सेक्स पार्टनर के अलावा गर्भपात की वजह से भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है इन्फर्टिलिटी को लेकर आने वाली महिलाओं में से ज्यादातर पहले गर्भपात करा चुकी होती हैं। पीआईडी से परेशान 20 पर्सेंट महिलाएं इनफर्टिलिटी की शिकार हो जाती हैं।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/11445814.cms
भाई, ये ऐसी-ऐसी छोरी तो बेचारी धर्म का काम करती हैं. इनका नारा है कि हम किसी भी छोरे को प्यासा नहीं रहने देंगी. कोई लिव-इन रिलेशनशिप के तहत रखना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं, कोई केवल प्यास बुझाने के लिए दोस्त बनाना चाहे तो कोई दिक्कत नहीं...चाहे कोई पड़ोस में हो, स्कूल-कॉलेज में हो, दफ्तर में हो...और तो और चचेरा, ममेरा, फुफेरा भाई (मैं कई केस देख चुका) भी हो तो भी कोई दिक्कत नहीं...बस थोड़ा नहा-धोकर रहता हो और जेब में 2 पैसे भी रखता हो...फिर शादी के बाद जब पति कहे कि मुझे तो तुम्हारी ये समाज सेवा पसंद नहीं आई तो उनका तर्क होता है कि तुमने भी तो इस समाज सेवा का मजा लिया होगा...हाल-फिलहाल दुनिया का केवल एक ही मकसद है...ज्यादा से ज्यादा मजा...चरित्र, कर्मों का फल, सदाचार-संयम गए भाड़ में...
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