एक बार एक लुगाई परचून का सामान लेन एक बनिए की दुकान पे जा सै.....लुगाई गैला उसका बालक भी था.......लुगाई के बालक ने देख के बनिया बोले सै " छि: कितना गन्दा बच्चा है.....इतनी बुरी शकल मैंने आज तक नहीं देखि "
.........लुगाई के छो उठ जा सै
...अररर वा गाल बकती ....बनिए त आगली दुकान पे चली जा सै....या दुकान एक जाट की थी......जाट बोले सै ...के होया बेबे क्यों छो मे आ रही सै....लुगाई बोले सै...भाई वो बनिया बतमीजी त बात करे सै......
जाट बोले सै....अर्र तू सुन के आ गयी......जा इब्बे उलटी जा अर्र उसने सुना के आ....जिब ताई तेरे काटडे नै मै संभाल लूँगा.....
जाट बोले सै....अर्र तू सुन के आ गयी......जा इब्बे उलटी जा अर्र उसने सुना के आ....जिब ताई तेरे काटडे नै मै संभाल लूँगा.....