Maalik Aur Naukar

upendersingh

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मालिक (नौकर से) - "मैंने तुम्हें घर के सारे मच्छर मारने को कहा था।"
नौकर- "मालिक, मैंने तो सारे मच्छर मार दिए थे।"

मालिक - "तो फिर ये मरे क्यूं नहीं, देखो मेरे कानों में अभी भी कैसे भिनभिना रहे हैं।"
नौकर - "मालिक, दरअसल ये वे मच्छर नहीं हैं, ये तो उन मरे हुए मच्छरों की विधवाएं हैं, जो आपके कानों में जाकर रो रही हैं।"
:topsy_turvy:
 
सुनीता जी ,सोला दुनी आठ=नमस्कार ,स्वागत स आपका फेर तें |

Bachpann ki yaad duwa di aap nai to :topsy_turvy:
आछ्या तेरे बचपन में-ए माछरी विधवा होया करदी ,इब्ब ते वे देड दे सी ने दुसरे माछर का लत्ता ओढ़ लें सें केरा |
 
Na mera matlab tha akk bachpan mai Nandan arr CHampak mai padhya karte isse-isse chutkale:livid:
सुनीता जी ,सोला दुनी आठ=नमस्कार ,स्वागत स आपका फेर तें |


आछ्या तेरे बचपन में-ए माछरी विधवा होया करदी ,इब्ब ते वे देड दे सी ने दुसरे माछर का लत्ता ओढ़ लें सें केरा |
 
मालिक अपने नौकरों से-"मुझे आज शाम तक फ्रिज अंदर से बिल्कुल साफ चाहिए."
नौकर-"ठीक है, मालिक."
मालिक (शाम को घर आकर)-"क्या तुमने फ्रिज साफ कर दिया?"
पहला नौकर-"जी बिल्कुल साफ कर दिया, मालिक. बहुत ही लाजवाब आइसक्रीम थी."
दूसरा नौकर-"और विलायती शरबत पीकर तो जो मजा आया, वो बता ही नहीं सकता, मालिक.":singing::very_drunk:
 
तनख्वाह ना मिलने से परेशान एक नौकर ने मालिक से कहा - "मालिक, रात मुझे सपने में आपने 1000 रुपए एडवांस दिए."
मालिक भी पूरा चालाक था, बोला - "अच्छा, तो फिर तनख्वाह में से काट लिए जाएंगे.":livid:
 
बोदे बोदे चुटकल्या का गहटा तार दिया
 
काम मन मुताबिक़ पूरा न होने पर नौकरों को डांटते हुए मालिक - "यू फूल, तुम लोगों से कुछ भी काम ढंग से नहीं होता. एकदम उल्लू के पट्ठे हो तुम. कभी देखा है उल्लू का पट्ठा?"
नौकर नीचे सिर झुकाए हुए ना में गर्दन हिलाते हैं.
मालिक - "वहां नीचे क्या देख रहे हो, मेरी तरफ देखो.":nonchalance::stupid::star:
 
एच. आर. मैनेजर चपरासी की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने आए एक आवेदक से : तुमने पहली जगह से नौकरी क्यों छोड़ी?
आवेदक : वहां का मालिक बहुत ही घटिया आदमी था, साहब.
एच. आर. मैनेजर : क्या मतलब?
आवेदक : वह हमेशा लैदर शूज पहनता था, लेकिन एक दिन पता नहीं क्यों स्पोर्ट्स शूज पहनकर ऑफिस आ धमका...
एच. आर. मैनेजर : इससे वो घटिया कैसे हुआ?
आवेदक : घटिया नहीं तो और क्या था, साहब...मैं तो उस दिन कुर्सी पर यह सोचकर आंखें बंद किए बैठा था कि रोज की तरह उसके जूतों की आवाज सुनकर उठ जाऊंगा, लेकिन वो स्पोर्ट्स शूज पहन आया...मुझे उसके आने का पता ही नहीं चला और उसने मुझे सोता जान लात मारकर नौकरी से निकाल दिया, बिना हिसाब दिए ही...
एच. आर. मैनेजर : तो तुम्हें ड्यूटी पर सोने की आदत है?
आवेदक : नहीं, साहब क्या बात कर रहे हो आप? वो तो उस दिन मैं बस यूं ही ऊंघ रहा था....वैसे क्या यहां भी मालिक कभी-कभी स्पोर्ट्स शूज पहनता है...?
एच. आर. मैनेजर : नहीं, कील वाले जूते पहनता है...भाग यहां से...
 
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एक आदमी ने अखबार में विज्ञापन डाल दिया -

एक नौकर चाहिये जिसके पास अपनी साइकिल हो । बस, सुबह-शाम एक घंटे का काम है । तनख्वाह कुछ नहीं मिलेगी । बस, दोनों टाइम का खाना मिलेगा ।

यह पढ़कर एक साइकिल वाला उसके पास आ गया और पूछने लगा - बताओ साहब, क्या काम है ?

उसने जवाब दिया - भाई, यहां से एक कोस दूर एक देवी-माता का मंदिर है । वहां सुबह-शाम पूजा होती है और लंगर भी लगता है । वहां दोनों टाइम अपनी रोटी खा लेना और मेरे लिए दो रोटी ले आया करना !

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एक आदमी ने अखबार में विज्ञापन डाल दिया -

एक नौकर चाहिये जिसके पास अपनी साइकिल हो । बस, सुबह-शाम एक घंटे का काम है । तनख्वाह कुछ नहीं मिलेगी । बस, दोनों टाइम का खाना मिलेगा ।

यह पढ़कर एक साइकिल वाला उसके पास आ गया और पूछने लगा - बताओ साहब, क्या काम है ?

उसने जवाब दिया - भाई, यहां से एक कोस दूर एक माता-देवी का मंदिर है । वहां सुबह-शाम पूजा होती है और लंगर भी लगता है । वहां दोनों टाइम अपनी रोटी खा लेना और मेरे लिए दो रोटी ले आया करना !

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बड़ा ही चालाक मालिक था !
 
नौकरी की तलाश में पहुंचे एक नौकर से मालिक की बातचीत;

मालिक-"भई, यह नौकरी तो तुम्हें मिल सकती है, लेकिन हमें एक बहुत ही जिम्मेदार आदमी की जरूरत है."

नौकर-"मेरे से ज्यादा जिम्मेदार आदमी तो आपको मिल ही नहीं सकता सर जी."

मालिक-"हुम्म, वो कैसे?"

नौकर-"सर जी, जहां मैं पहले नौकरी करता था, वहां सबसे ज्यादा जिम्मेदार मैं ही था...साला कोई भी नुकसान हो जाए, कुछ भी बुरा हो जाए, जिम्मेदार मुझे ही ठहराया जाता था.":triumphant:
 
नौकरी की तलाश में पहुंचे एक नौकर से मालिक की बातचीत;

मालिक-"भई, यह नौकरी तो तुम्हें मिल सकती है, लेकिन हमें एक बहुत ही जिम्मेदार आदमी की जरूरत है."

नौकर-"मेरे से ज्यादा जिम्मेदार आदमी तो आपको मिल ही नहीं सकता सर जी."

मालिक-"हुम्म, वो कैसे?"

नौकर-"सर जी, जहां मैं पहले नौकरी करता था, वहां सबसे ज्यादा जिम्मेदार मैं ही था...साला कोई भी नुकसान हो जाए, कुछ भी बुरा हो जाए, जिम्मेदार मुझे ही ठहराया जाता था.":triumphant:

उपपी भाई,
जाटलैंड पे इस्से इस्से चुट्कुले छापन की ज़िम्मेदारी भी तन्ने ही ले राखी दिखे
 
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