ज्युकर आपणा यो राकेश बातूनी बहुत स किसा ऐ टोपिक हो किसी ऐ चर्चा हो राकेश त बोले बिना रुक्या कोणी जा इसने पूंझड़ लाणी ऐ लाणी .......
इसा ऐ काम इसकी सासु का स वा बात फोड़न में इस्ते भी किम्मे उप्पर के स .......
एक बार यो आपकी सुसराड़ डिगर ज्ञा , इब उड़े इसने समस्या होगी इसकी सासु इसने बोलन का मौका ऐ ना दे .......
मौका लागते ही यो हो ज्ञा शुरू , इब इसकी सासु न समस्या होगी कई बार बाँट देखि के दिखा बटेऊ बोलन त थम ऐ जा तो आखिर में हार के बोली ''बेटा सुसराड़ में इतना नहीं बोल्या करे '''
यो पड़ता ऐ बोल्या ''तू के मामा क आरी स """""'
इसा ऐ काम इसकी सासु का स वा बात फोड़न में इस्ते भी किम्मे उप्पर के स .......
एक बार यो आपकी सुसराड़ डिगर ज्ञा , इब उड़े इसने समस्या होगी इसकी सासु इसने बोलन का मौका ऐ ना दे .......
मौका लागते ही यो हो ज्ञा शुरू , इब इसकी सासु न समस्या होगी कई बार बाँट देखि के दिखा बटेऊ बोलन त थम ऐ जा तो आखिर में हार के बोली ''बेटा सुसराड़ में इतना नहीं बोल्या करे '''
यो पड़ता ऐ बोल्या ''तू के मामा क आरी स """""'