vikasphougat
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एक बे एक बहु धार काडे थी त उसका छोरा रोन लग गया
आर उड़े ऐ बैठ क उसका सुसरा अकबार पडे था
आर उसने वो छोरा ना चुप करवाया
बहु ने सोची अक जे धारां के बिच में उठ गी त भेंस दुबारा न बेठन दे
आर वा धार कड़े गई आर वो छोरा रोये गया
अर बुडा नु सोच क अकबार पड़े गया क बहु ऐ ले ले बालक ने
उसने धार काढ क वो छोरा ले लिया
एक हाथ में दूद की बाल्टी आर दुसरे में छोरा त दुखी हो री थी
बुडे न देख्या अक बहु त दुखी हो रही है त वो बोल्या ला बेटी छोरा मने दे दे
वा पल्या ऐ दुखी हो री थी छूटतीये नु बोली अक कोई जरूरत न से मेरे छोरे क हाथ लान की
बुडा भी अपने टीम का नकलचीथा
बोल्या में ते तेरे छोरे क हाथ न लाऊ पर तने जब मानु अक तू भी मेरे छोरे क हाथ न लावे





आर उड़े ऐ बैठ क उसका सुसरा अकबार पडे था
आर उसने वो छोरा ना चुप करवाया
बहु ने सोची अक जे धारां के बिच में उठ गी त भेंस दुबारा न बेठन दे
आर वा धार कड़े गई आर वो छोरा रोये गया
अर बुडा नु सोच क अकबार पड़े गया क बहु ऐ ले ले बालक ने
उसने धार काढ क वो छोरा ले लिया
एक हाथ में दूद की बाल्टी आर दुसरे में छोरा त दुखी हो री थी
बुडे न देख्या अक बहु त दुखी हो रही है त वो बोल्या ला बेटी छोरा मने दे दे
वा पल्या ऐ दुखी हो री थी छूटतीये नु बोली अक कोई जरूरत न से मेरे छोरे क हाथ लान की
बुडा भी अपने टीम का नकलचीथा
बोल्या में ते तेरे छोरे क हाथ न लाऊ पर तने जब मानु अक तू भी मेरे छोरे क हाथ न लावे