Meera Jat arr Seth

anilsangwan

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एक म्हारे गाम का पुराना किस्सा याद आ गया .... म्हारे गाम में एक दारुखोरा आदमी होया करता ...नाम था मीरा ( मिर सिंह ) ..... एक दिन मीरा तडके तड़क खेत में तें घरां जान लाग रा ... गाम के अड्डे पे एक कुवा स ... उस कुवे की मुंडेर पे एक बानिया खड्या...घर आलां तें रूस के आ रह्य था ..... मीरे ने देख के बानिया बोल्या, "अड़ मीरा, म्हारे घर ने जा के न्यू कह दिए आक सेठ कुवे में कूद गया" ..... (बानिया तो था न सयाना, सोची आक मीरा तेंने समझावेगा... एर न्यू कह्वेगा आक न्यू नहीं करया करें)....... पर मीरा बोल्या, " न्यू क्यूकर कह दयूंगा सेठ थारे घर आलां ने, पहलम पड़ कुवे में... नहीं तो में झूठा पाट जांगा ...".....

बानिया मरता के न करे.... डाक मारनी पड़ी..... एर सेठ ने तो डाक मारी,... मीरा बोल्या - " हाँ इब कह दयूंगा"
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एक म्हारे गाम का पुराना किस्सा याद आ गया .... म्हारे गाम में एक दारुखोरा आदमी होया करता ...नाम था मीरा ( मिर सिंह ) .....

meeraa to baaniye kaa baap likdaa.
 
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