मुझे मत मारो
( एक कन्या भ्रूण की पुकार )
मैं कुदरत का वरदान, वस्तु नहीं बेकार की
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
माँ, आप खुद भी तो एक नारी हो
किसलिये मेरी बलि को तैयार हुई ।
ममता की वो जीती जागती मूरत
कैसे इस महापाप में भागीदार हुई ।
मुझे अपनाओ, मुझे तो जरुरत है दुलार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
पिताजी, क्या दूध का कर्ज़ भूल गये
आपको भी जन्म दिया एक नारी ने ।
अपने दिल के टुकडे को मार डालोगे
इतना वहशी बनाया किस लाचारी ने ।
मुझे स्वीकारो, मैं मूरत आपके संस्कार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
डॉक्टर जी, आप तो रहम कीजिये
आपको तो जीवनदाता कहा जाता है ।
एक लाचार व मासूम को मारते हुए
क्या आपको भी दर्द नहीं आता है ।
मुझे जीने दो, मैं तो रचना हूँ पालनहार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
वकील जी, आप न्याय के पहरेदार
अनेक बेगुनाहों को रोज़ बचाते हो ।
कितना अन्याय हो रहा मेरे साथ
फ़िर आप किसलिये मुँह छिपाते हो ।
मुझे बचाओ, सजा करवाओ गुनाहगार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
पुलिस जी, आप जनता के रखवाले
क्या मैं जनता में गिनी नहीं जाती ।
किसलिये खामोश है आपका डंडा
क्यों मेरी चीत्कार सुनी नहीं जाती ।
रक्षा कीजिये एक बेजुबान और लाचार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
सब चुपचाप देख रहे हैं मेरी हत्या
मुझे बचाने कोई क्यों नहीं भागता ।
एक मासूम बच्ची की पुकार सुनके
क्या किसी का जमीर नहीं जागता ।
रोक दो आज से रिवाज ये अत्याचार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
प्रक्रति के बनाये नियम मत तोडो
नारी के बिना ये जीवन अधूरा है ।
जरा अपने आप से पूछ कर देखो
कौन-सा नर, नारी के बिना पूरा है ।
मुझे पह्चानो, मैं तो नींव हूँ हर परिवार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
अगर आज मारोगे आप बेटियों को
कल को फ़िर बेटे कहाँ से लाओगे ।
जीवनदायिनी को यूं बलि चढाकर
किसके साथ नयी दुनियाँ बसाओगे ।
जरा कल्पना करो, बिना नारी के संसार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
Save the Girl Child. Stop Female Foeticide.
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( एक कन्या भ्रूण की पुकार )
मैं कुदरत का वरदान, वस्तु नहीं बेकार की
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
माँ, आप खुद भी तो एक नारी हो
किसलिये मेरी बलि को तैयार हुई ।
ममता की वो जीती जागती मूरत
कैसे इस महापाप में भागीदार हुई ।
मुझे अपनाओ, मुझे तो जरुरत है दुलार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
पिताजी, क्या दूध का कर्ज़ भूल गये
आपको भी जन्म दिया एक नारी ने ।
अपने दिल के टुकडे को मार डालोगे
इतना वहशी बनाया किस लाचारी ने ।
मुझे स्वीकारो, मैं मूरत आपके संस्कार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
डॉक्टर जी, आप तो रहम कीजिये
आपको तो जीवनदाता कहा जाता है ।
एक लाचार व मासूम को मारते हुए
क्या आपको भी दर्द नहीं आता है ।
मुझे जीने दो, मैं तो रचना हूँ पालनहार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
वकील जी, आप न्याय के पहरेदार
अनेक बेगुनाहों को रोज़ बचाते हो ।
कितना अन्याय हो रहा मेरे साथ
फ़िर आप किसलिये मुँह छिपाते हो ।
मुझे बचाओ, सजा करवाओ गुनाहगार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
पुलिस जी, आप जनता के रखवाले
क्या मैं जनता में गिनी नहीं जाती ।
किसलिये खामोश है आपका डंडा
क्यों मेरी चीत्कार सुनी नहीं जाती ।
रक्षा कीजिये एक बेजुबान और लाचार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
सब चुपचाप देख रहे हैं मेरी हत्या
मुझे बचाने कोई क्यों नहीं भागता ।
एक मासूम बच्ची की पुकार सुनके
क्या किसी का जमीर नहीं जागता ।
रोक दो आज से रिवाज ये अत्याचार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
प्रक्रति के बनाये नियम मत तोडो
नारी के बिना ये जीवन अधूरा है ।
जरा अपने आप से पूछ कर देखो
कौन-सा नर, नारी के बिना पूरा है ।
मुझे पह्चानो, मैं तो नींव हूँ हर परिवार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
अगर आज मारोगे आप बेटियों को
कल को फ़िर बेटे कहाँ से लाओगे ।
जीवनदायिनी को यूं बलि चढाकर
किसके साथ नयी दुनियाँ बसाओगे ।
जरा कल्पना करो, बिना नारी के संसार की ।
मुझे मत मारो, मैं तो जननी हूँ संसार की ॥
Save the Girl Child. Stop Female Foeticide.
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