My fav mantra

pavrahi

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सरस्वती मंत्र
शुध्यम भ्रम विचार सार परमाम माध्याम
जगत व्यप्नी, वीणा पुस्तक धारिणी ,
आभुड्याम जाडयांद करा पहाम,
हस्तेस फाटक मलिकाम,
विद्हती पर्मन्ने सन्स्ते,
वन्देताम परमेश्वरीम भग्वातीम
बुद्धि प्रदान शारदाम
शांता कारम भुजंग शयनम
गगन शाहषम मेघ वरनम
शुभागम लक्ष्मी कानतम
सर्व लोके क् हरणम !!

-----------class 7th till class 12th-----------still remember it.
 
My favourite is also Gaytri Mantra-
ओ३म भूर्भुवः॒ स्वः॒ तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यम् भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥

कवितार्थ:
तुने हमे उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू,
तुझसे ही पाते प्राण हम, दुखियों के कष्ट हरता है तू.
तेरा महान तेज है छाया हुआ सब स्थान,
सृष्टि की वस्तु-२ में तू हो रहा है विद्यमान,
तेरा ही धरते ध्यान हम मांगते तेरी दया,
ईश्वर हमारी बुद्धियों को श्रेष्ठ मार्ग पर चला..
 
Gayatri Mantra and maha mrityunjaya mantra.
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ॐ त्रियम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मोक्षिय मामृतात्
 
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