आप की या डाक (पोस्ट ) सही ढाल संतुलित स | आप जुकर न्यू कहो सो अक आप साम्यवाद के समरथक रहे सो | समर्थक रहन में कोए खराबी नहीं स क्यूंकि समर्थक रहन का मतलब विचारों में समानता होना स | में भी किस्से बखत पे साम्यवादी साहित्य पढया करदा | पर दो चार साल में में न्यू समझ ग्या था अक या चीज कती भी परेकटीकल कोणी | अर कुछ साल पाछे साम्यवाद के सब तें बड्डे गढ़ , सोवियत संघ का पतन भी हो ग्या था |बी,जे.पि में, में खुद इतणी गलती काढ दयूं अक आप ने आज ताहि सोची भी ना होगी ,अक इन् ने इतने बड्डे-बड्डे काण्ड करे सें | ये भी जट्टां के कोए कम दुश्मन ना सें | पर कम तें कम भारत के दुश्मन कोणी | भारतीयता के दुश्मन कोणी | कांग्रेस अर साम्यवादी दल भारत के देशद्रोही सें | भारत की जनता के दुश्मन सें | भारत के दुशमन सें | भारतीय संस्क्रती ,भाषा और समाज के दुश्मन सें | कांग्रेस आज भी अंग्रेजोंको रिप्रेजेंट करती हे, मन से ,कर्म से | साम्यवादी दल आज भी चीन को रिप्रेजेंट करते हैं ,मन से , कर्म से | १९६२ ने भूल गे केरा जब सारा देश एक ओड़ ने था अर साम्यवादी चीन का समर्थन करण लाग रे थे | अर जिस थाली में खावें थे उससे ने फोडन लाग रे थे |जहां -जहां पर साम्यवादी रहे हैं ,वहां -वहां गरीबी पैर पसारे बेठी रही ,रहेगी |
आप समय की धारा के विरोध में एक ठूंठ के रूप में अड़े हुए हैं , आज नहीं तो कल आप को अपने विचार बदलने पड़ेंगे | बदल लेंगे तो समय की धारा के साथ बह कर कहीं पहुंच जायेंगे ,अड़े रहेंगे तो आप के उप्पर अडंगे के रूप में गलेट ( इब्ब मन्ने इह की अंग्रेजी अर हिंदी कोणी आंदी ) कठठआ हो ज्यागा | अर फेर धारा का प्रवाह सब क्याएं ने पाड ले जा गा | मर्जी आप की | विचारां की स्वतंत्रता सब कानी स |