पाछे नै लटक ले
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राहुल का ये चुटकला तो इतना पसंद आया था कि पूछो मत । अब इसको हिन्दी में लिखने का दिल कर रहा है ।
फत्तू सवारी ढोवण खातिर नया-नया टैंपू ल्याया था । उसनै दिन-रात टैंपू ए टैंपू दीखण लाग-गे । एक रात वो सोता-सोता बोलण लाग-ग्या : आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चालै सै, तावळे आ-ज्याओ ।
फेर याह-ए बात वो जोर-जोर तैं बोलण लाग-ग्या, तै याह बात सुण कै उसकी बहू बोली: "के बात हो-गी जी, आज न्यूं क्यूकर बोलो सो?"
फत्तू नींद मैं बोल्या : कित जावैगी बेबे ?
या सारी बात फत्तू का बाबू भी सुणन लाग रहया था, वो बोल्या : अरै मेरा सुसरा, के बोलै सै बहू नै ?
फत्तू नींद में-ऐं बोल्या: "ताऊ, तू तै पाछे नै लटक ले" !!
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राहुल का ये चुटकला तो इतना पसंद आया था कि पूछो मत । अब इसको हिन्दी में लिखने का दिल कर रहा है ।
फत्तू सवारी ढोवण खातिर नया-नया टैंपू ल्याया था । उसनै दिन-रात टैंपू ए टैंपू दीखण लाग-गे । एक रात वो सोता-सोता बोलण लाग-ग्या : आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चालै सै, तावळे आ-ज्याओ ।
फेर याह-ए बात वो जोर-जोर तैं बोलण लाग-ग्या, तै याह बात सुण कै उसकी बहू बोली: "के बात हो-गी जी, आज न्यूं क्यूकर बोलो सो?"
फत्तू नींद मैं बोल्या : कित जावैगी बेबे ?
या सारी बात फत्तू का बाबू भी सुणन लाग रहया था, वो बोल्या : अरै मेरा सुसरा, के बोलै सै बहू नै ?
फत्तू नींद में-ऐं बोल्या: "ताऊ, तू तै पाछे नै लटक ले" !!
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