मेरी याद आएगी जब दूर चला जाऊंगा
दूर इतना की लौट ना पाउँगा
अब तक उसके दिल मे रहता था
अब उसकी याद बन जाऊंगा
याद आयेंगी बाते और मुलाकाते
मगर कभी मिल ना पाउँगा
तडपेगी वो भी मुझे सोचकर
मगर मै नजर ना आऊंगा
उसे जान से ज्यादा चाहता हू
पर कभी साबित न कर पाउँगा
कहते है दोस्ती अमर होती है
तब तो मै अमर हो जाऊंगा
दोस्ती को सहारा देना तब
जब आखिरी दम पर तुझे भुलाऊंगा
रात को छत पर जाकर देखना
चमकता हुआ सितारा बन जाऊंगा
दूर चला जाऊंगा तुझसे, पर
दिल तेरे पास छोड़ जाऊंगा
सुना है सात जनम होते है इंसान के
वादा है,बाकी छः मे भी तुम्हारा
डिटेक्टिव ht बनकर आऊंगा