सुनील श्योरान का यह बलिदान, याद करेगा जाट....
JAT SHAHEED "SUNIL SHEORAN" ASTHI KALASH YATRA FROM HISAR TO GARH GANGA, UTTAR PRADESH..There were 1000 vehicle in this "Asthi kalash"Yatra" सुनील शेओरान का यह बलिदान, याद करेगा जाट तमाम"
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सुनील की अस्थियां विसर्जित
जाट आंदोलन में गोली लगने से हुई थी मौत17 sept,गढ़मुक्तेश्वर। जाट आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए सुनील सोरान की अस्थियां गंगा में विसर्जित की गईं। इस मौके पर आसपास के जनपदों सहित हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान एवं पंजाब राज्य से जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी ब्रजघाट पहुंचे। हरियाणा के हिसार जनपद के मय्यर क्षेत्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर बड़े स्तर पर हो रहे आंदोलन के दौरान 13 सितंबर को पुलिस की गोली लगने से इंटरमीडिएट के 19 वर्षीय छात्र सुनील सोरान पुत्र वजीर सिंह निवासी लाडवा की मौत हो गई थी। शुक्रवार को सुनील का अस्थि कलश लेकर सैकड़ों कारों के काफिले के साथ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, सैकड़ो पदाधिकारी, परिजन एवं रिश्तेदार ब्रजघाट तीर्थ नगरी में पहुंचे। हरियाणा से कारों का काफिला आते समय रास्ते में विभिन्न स्थानों पर जाट समुदाय के लोग बड़ी संख्या में खड़े हुए थे, जिन्होंने शहीद सुनील को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बिजनौर, जेपीनगर, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, गाजियाबाद सहित पश्चिमी यूपी के विभिन्न जनपदों के जाट नेता दोपहर को ही ब्रजघाट तीर्थ नगरी में पहुंच गए थे, जिन्हें सुनील के अस्थि कलश आने को लेकर कई घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव रामकरण हुड्डा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह एवं एचपी परिहार, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दहिया, इफ्को निदेशक शीशपाल सिंह, डीएम स्कूल प्रबंधक राजेन्द्र सिंह, महावीर सिंधू, राजकुमार चौधरी, वीरेन्द्र सिंह, प्रधान संदीप, पूर्व डीएसपी उम्मेद सिंह, मास्टर रामनाथ सिंह, देवेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
आंदोलन की चेतावनी
गढ़मुक्तेश्वर। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने आरक्षण को अपना अधिकार बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ढंग में आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है। सुनील की अस्थियां विसर्जन के मौके पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि 13 सितंबर को 62 स्थानों पर आरक्षण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चल रहा था, परंतु एसएसपी हिसार की तानाशाही से ही सुनील की मौत हो गई।
सुनील की शहादत बेकार नहीं जाएगी: मलिक
हापुड़। जाट आरक्षण चेतना आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से शहीद हुए सुनील श्योरान की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे। जब तक जाटों को केंद्र में आरक्षण नहीं मिलता तब तक दिल्ली जाने वाले दूध एवं पानी की सप्लाई को बंद रखा जाएगा। राष्ट्रमंडल खेलों में हर हाल में बाधाएं उत्पन्न की जाएंगी। इन बातों का उल्लेख अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने किया। शुक्रवार को सुनील श्योरान की अस्थि विसर्जन कलशयात्रा के दौरान यशपाल मलिक ने कहा कि हिसार में 13 सितंबर को चेतना आंदोलन में पुलिस की गोली से मरे गांव लावड़ा के सुनील श्योरान को हरियाणा सरकार ने तो शहीद घोषित कर दिया है। जब तक जाटों को आरक्षण नहीं मिल जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा।