naveenmalik90
New member
एक बै नफ्फे आवे है घरां अर आपणी घर आली नै कवे है अक भागवान आज तो तू हालवा पूरी अर अंडी अंडी चीज़ बना ले .......तो वा बोली किस खुशी मैं बनाऊं .......तो वो बोल्या अक आज मैं शर्त जीत के आ रया सूँ .....
घर आली : किसी शर्त जीत आया तू आज
नफ्फे : मन्ने आपने गाम आले रामेहर गेल्याँ शर्त लायी थी अक बकरी के तीन थण हो़वे हैं
घर आली : या कुकर हो सके है , बकरी के तो दो इ थण होवे हैं
नफ्फे : ना तीन होवे हैं
घर आली : सारयाँ नै बेरा अक बकरी के दो इ थण होवे हैं , मैं तेरी या बात कुकर मान ल्यू
नफ्फे छो मैं आ के बोल्या अक तू बहू मेरी है अक रामेहर की ......
घर आली : जाये रोये बहू तो तेरी ए हूँ , फेर तेरी या बात कुकर मानूं ........
नफ्फे फेर बोल्या ना तीन
नफ्फे की घर आली जामा कोनी मान्ने थी तो .........
नफ्फे नै गेर के आडी आच्छी समार दी वा
फेर वा पड़ी पड़ी रोवे
अम्भे मान गी ... मान गी भाई रोई के अक बकरी के तीन थण होवे हैं
नफ्फे बोल्या रामेहर भी न्यूं ए मान्या था ............
घर आली : किसी शर्त जीत आया तू आज
नफ्फे : मन्ने आपने गाम आले रामेहर गेल्याँ शर्त लायी थी अक बकरी के तीन थण हो़वे हैं
घर आली : या कुकर हो सके है , बकरी के तो दो इ थण होवे हैं
नफ्फे : ना तीन होवे हैं
घर आली : सारयाँ नै बेरा अक बकरी के दो इ थण होवे हैं , मैं तेरी या बात कुकर मान ल्यू
नफ्फे छो मैं आ के बोल्या अक तू बहू मेरी है अक रामेहर की ......
घर आली : जाये रोये बहू तो तेरी ए हूँ , फेर तेरी या बात कुकर मानूं ........
नफ्फे फेर बोल्या ना तीन
नफ्फे की घर आली जामा कोनी मान्ने थी तो .........
नफ्फे नै गेर के आडी आच्छी समार दी वा
फेर वा पड़ी पड़ी रोवे
अम्भे मान गी ... मान गी भाई रोई के अक बकरी के तीन थण होवे हैं
नफ्फे बोल्या रामेहर भी न्यूं ए मान्या था ............