rammalik2011
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एक बे रामलू नाइ धोरे एक बलध था ...वो बलध अंडी गच देहि ले रह्य था ...पैर नाथ घालते ए बैठ जाया करता ..
नुए दुसरे गाम के खाती धोरे एक भैंस थी ....वा भी कती दोकके न दिया करती ..उं थी वा खारकी झोटी ...
ते दोनु मानस अपने जुगाड़ ने जहाजगढ़ के मेले मैं बेचन चल पडे...एर वा कह्य करे ने के ढेढ़ ने ढेढ़ गंगाजी के घाट पे तोह लिया करे...ते मेले मैं डाक्की आपस मैं फेट गए...एर दोनु कसायियाँ ने आपस मैं बदला कर लिया भैंस एर बलध का, एर सुत्तम सूट हो लिए अपने गाम केन्या.
जब खाती रामलू आला बलध ले के खाती के गाम मैं के लिकद्या ते कुछ जाट बैठे थे ते वे बोले यो ते रामलू आला जुगाड़ से...ते खाती बोल्या भाई के दिक्कत से इस जुगाड़ मैं.....चौधरी बोले यो ते नाथ घालते ए बैठ जया से...तो खाती बोल्या- भाई बोल दियो नई ते वो भी इससे ए दोकके काढे गा गुठे मोड़ मोड़ के...:rock:rock
नुए दुसरे गाम के खाती धोरे एक भैंस थी ....वा भी कती दोकके न दिया करती ..उं थी वा खारकी झोटी ...
ते दोनु मानस अपने जुगाड़ ने जहाजगढ़ के मेले मैं बेचन चल पडे...एर वा कह्य करे ने के ढेढ़ ने ढेढ़ गंगाजी के घाट पे तोह लिया करे...ते मेले मैं डाक्की आपस मैं फेट गए...एर दोनु कसायियाँ ने आपस मैं बदला कर लिया भैंस एर बलध का, एर सुत्तम सूट हो लिए अपने गाम केन्या.
जब खाती रामलू आला बलध ले के खाती के गाम मैं के लिकद्या ते कुछ जाट बैठे थे ते वे बोले यो ते रामलू आला जुगाड़ से...ते खाती बोल्या भाई के दिक्कत से इस जुगाड़ मैं.....चौधरी बोले यो ते नाथ घालते ए बैठ जया से...तो खाती बोल्या- भाई बोल दियो नई ते वो भी इससे ए दोकके काढे गा गुठे मोड़ मोड़ के...:rock:rock