ravindersura
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जाटों सावधान !!!
अब जाटों को एक विशेष जाति बता कर जाटों को दिये गए आरक्षण के हक पर हमला किया जाएगा !
जिन लोगो ने कभी इस जातिवाद का बीज बोया था आज वहीं लोग इस पर रो रहे हैं | जब तक खुद को मलाई खाने को मिलती रही तो ठीक था , अब जब शोषित वर्ग जागरूक होने लगा तो जातिवाद जहर हैं की दुहाई देते हैं | वैसे आरक्षण देने का सबसे पहला पैमाना सामाजिक पिछड़ापन हैं जिस मे यह जातीया कहीं भी खरी नहीं उतरती और बात कर रहे हैं जाति आधार पर आरक्षण लेने की |
वैसे हरियाणा पहला ऐसा प्रदेश हैं जहा स्वर्ण जातीयों को भी 'आर्थिक पिछड़ा वर्ग' के तहत आरक्षण दिया गया हैं | एक तरफ तो यह लोग कहते हैं की आरक्षण आर्थिक आधार पर हो और जब इन लोगो को उसी आधार पर आरक्षण दे दिया गया हैं तो कहते की हमे जाति आधार पर दो | अब जातिवाद के जहर का क्या हुआ ?
जातिवाद मे विशास न रखने वाले क्या बता सकते हैं की यह विशेष जाति कौन सी हैं ? और विशेष कैसे हैं ? चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व चौधरी बिरेन्द्र सिंह पर एक विशेष जाति को तवज्जो देने से जात-पात की खाई को गहरा करने का इल्जाम लगा रहे हैं | ऐसे लोगो से सवाल हैं की आप लोगो ने सदियो से इस खाई को गहरा किया , एक विशेष जाति ने सदियो से धर्म के नाम से व्रण व्यवस्था के नाम से मलाई खाई , उसको पाटने का काम कैसे हो ? उसका हिसाब कैसे हो ? उसकी दुहाई कहा लगाई जाए जरा वो और बता दे ?
पिछली सरकार मे विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा क्या ब्राह्मण समाज से नहीं थे ? मंत्री शिवचरण शर्मा क्या ब्राह्मण समाज से नहीं थे ?
पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मे तो वहीं बन गई की " सनम हम तो लुट गए तेरे प्यार मे " और जिनके प्यार मे लुटे उन्होने ने ही लूट लिया |
अब जाटों को एक विशेष जाति बता कर जाटों को दिये गए आरक्षण के हक पर हमला किया जाएगा !
जिन लोगो ने कभी इस जातिवाद का बीज बोया था आज वहीं लोग इस पर रो रहे हैं | जब तक खुद को मलाई खाने को मिलती रही तो ठीक था , अब जब शोषित वर्ग जागरूक होने लगा तो जातिवाद जहर हैं की दुहाई देते हैं | वैसे आरक्षण देने का सबसे पहला पैमाना सामाजिक पिछड़ापन हैं जिस मे यह जातीया कहीं भी खरी नहीं उतरती और बात कर रहे हैं जाति आधार पर आरक्षण लेने की |
वैसे हरियाणा पहला ऐसा प्रदेश हैं जहा स्वर्ण जातीयों को भी 'आर्थिक पिछड़ा वर्ग' के तहत आरक्षण दिया गया हैं | एक तरफ तो यह लोग कहते हैं की आरक्षण आर्थिक आधार पर हो और जब इन लोगो को उसी आधार पर आरक्षण दे दिया गया हैं तो कहते की हमे जाति आधार पर दो | अब जातिवाद के जहर का क्या हुआ ?
जातिवाद मे विशास न रखने वाले क्या बता सकते हैं की यह विशेष जाति कौन सी हैं ? और विशेष कैसे हैं ? चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व चौधरी बिरेन्द्र सिंह पर एक विशेष जाति को तवज्जो देने से जात-पात की खाई को गहरा करने का इल्जाम लगा रहे हैं | ऐसे लोगो से सवाल हैं की आप लोगो ने सदियो से इस खाई को गहरा किया , एक विशेष जाति ने सदियो से धर्म के नाम से व्रण व्यवस्था के नाम से मलाई खाई , उसको पाटने का काम कैसे हो ? उसका हिसाब कैसे हो ? उसकी दुहाई कहा लगाई जाए जरा वो और बता दे ?
पिछली सरकार मे विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा क्या ब्राह्मण समाज से नहीं थे ? मंत्री शिवचरण शर्मा क्या ब्राह्मण समाज से नहीं थे ?
पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मे तो वहीं बन गई की " सनम हम तो लुट गए तेरे प्यार मे " और जिनके प्यार मे लुटे उन्होने ने ही लूट लिया |