मार्च, 2013 में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा : सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि केंद्र सरकार जाट आरक्षण पर अभी तक कोई तत्परता नहीं दिखा रही है, इसलिए जाट समाज को आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता शेष नहीं बचा है। इसी कारण जाट समाज को मार्च, 2013 में केंद्र सरकार के विरोध में मजबूर होकर आंदोलन करना होगा, जिसके लिए 17 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे चौधरी छोटूराम धर्मशाला, रोहतक में कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आगामी आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा तथा आंदोलन के लिए रूपरेखा इसी बैठक में तय कर दी जाएगी। इस संबंध में हमने लिखित रूप में प्रधानमंत्री महोदय को पहले ही सूचित कर दिया है कि हमें यह आंदोलन भी मजबूर होकर करना पड़ रहा है जिसकी जिम्मेवारी पूर्णतया केंद्र सरकार की होगी क्योंकि तत्कालीन गृहमंत्री श्री पी. चिदंबरम ने मार्च, 2011 में ही हमें विश्वास दिलाया था कि जाट समाज के आरक्षण की मांग पूर्णतया सवैंधानिक और न्यायपूर्ण है तथा इसे जल्दी ही केंद्र स्तर पर लागू किया जाएगा, लेकिन पूरे दो साल बीतने के बावजूद तथा संबंधित कागजात राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग, सामाजिक न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को समय पर सौंपे जाने के बावजूद भी अभी तक कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है। सांगवान ने कहा कि पहले हमारी मांग थी कि जाट समाज को पहले केंद्र स्तर पर आरक्षण दिया जाए, लेकिन राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने अपने एक आदेश के तहत बतलाया कि केंद्र में आरक्षण लेने से पहले राज्य स्तर पर आरक्षण लागू करना अनिवार्य है, लेकिन वह भी हरियाणा सरकार ने 24 जनवरी से राज्य स्तर पर लागू कर दिया है, फिर देरी किस बात की।
सांगवान ने आगे बतलाया कि जाट समाज अपने इस आरक्षण के अधिकार के लिए पूर्णतया जागरूक हो चुका है और यह अच्छी तरह समझ चुका है कि समाज के साथ इस संबंध में पूरा भेदभाव किया गया है क्योंकि किसी राज्य में जाटों को आरक्षण दे दिया तो कहीं छोड़ दिया, जिसका कोई भी आधार नहीं है। जाट समाज किसी भी कीमत पर इस अन्याय को सहन नहीं करेगा और आने वाला आंदोलन आठ प्रदेशों के जाट मिलकर चलाएंगे। इस सभी का पूरा खुलासा भी बैठक में कर दिया जाएगा।
उनके साथ रघुबीर सिंह बूरा, सूबेदार बलवान सिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार ओमप्रकाश, संतलाल, जगत मिताथल, जोगेंद्र तालू, राजसिंह कार्यवाहक अध्यक्ष जाटू खाप 84, राजसिंह घणघस, सूबेदार कलीराम, धर्मपाल अटेला, सतपाल बिलावल, रणसिंह सांगवान, मास्टर टेकचंद व प्रवीण नैन आदि उपस्थित थे।