Reservation is our constitutional right

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Please contact Government offices = which one. There r many govt ofices in every dist?
i understand the form but what documents / papers etc you mean here. very golmol reply drrajpalsingh ji.

Please contact Government offices located at district Headquarters at Faridabad Mini Secretariat and fill up the necessary application form supported by necessary papers/documents.
 
Please contact Government offices = which one. There r many govt ofices in every dist?
i understand the form but what documents / papers etc you mean here. very golmol reply drrajpalsingh ji.

Friend,

First take the trouble to visit Mini Secretariat of your district and find out from inquiry office located there, the location of the concerned officials' rooms.

Hope you will get the right one but you are supposed to go there if you really need the certificate.

Thanks and best wishes.
 
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हम हरियाणा के जाटों को आरक्षण देने के लिए हर कदम से उनके साथ हैं
 
भाई राजपालजी यह जांघु नमक गोत्र तो हमारे मारवाड़ में खूब पाई जाती है आप यमुना नगर में कहाँ से आकार बसे हैं अवगत कराएं
 
मार्च, 2013 में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा : सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि केंद्र सरकार जाट आरक्षण पर अभी तक कोई तत्परता नहीं दिखा रही है, इसलिए जाट समाज को आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता शेष नहीं बचा है। इसी कारण जाट समाज को मार्च, 2013 में केंद्र सरकार के विरोध में मजबूर होकर आंदोलन करना होगा, जिसके लिए 17 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे चौधरी छोटूराम धर्मशाला, रोहतक में कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आगामी आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा तथा आंदोलन के लिए रूपरेखा इसी बैठक में तय कर दी जाएगी। इस संबंध में हमने लिखित रूप में प्रधानमंत्री महोदय को पहले ही सूचित कर दिया है कि हमें यह आंदोलन भी मजबूर होकर करना पड़ रहा है जिसकी जिम्मेवारी पूर्णतया केंद्र सरकार की होगी क्योंकि तत्कालीन गृहमंत्री श्री पी. चिदंबरम ने मार्च, 2011 में ही हमें विश्वास दिलाया था कि जाट समाज के आरक्षण की मांग पूर्णतया सवैंधानिक और न्यायपूर्ण है तथा इसे जल्दी ही केंद्र स्तर पर लागू किया जाएगा, लेकिन पूरे दो साल बीतने के बावजूद तथा संबंधित कागजात राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग, सामाजिक न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को समय पर सौंपे जाने के बावजूद भी अभी तक कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है। सांगवान ने कहा कि पहले हमारी मांग थी कि जाट समाज को पहले केंद्र स्तर पर आरक्षण दिया जाए, लेकिन राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने अपने एक आदेश के तहत बतलाया कि केंद्र में आरक्षण लेने से पहले राज्य स्तर पर आरक्षण लागू करना अनिवार्य है, लेकिन वह भी हरियाणा सरकार ने 24 जनवरी से राज्य स्तर पर लागू कर दिया है, फिर देरी किस बात की।
सांगवान ने आगे बतलाया कि जाट समाज अपने इस आरक्षण के अधिकार के लिए पूर्णतया जागरूक हो चुका है और यह अच्छी तरह समझ चुका है कि समाज के साथ इस संबंध में पूरा भेदभाव किया गया है क्योंकि किसी राज्य में जाटों को आरक्षण दे दिया तो कहीं छोड़ दिया, जिसका कोई भी आधार नहीं है। जाट समाज किसी भी कीमत पर इस अन्याय को सहन नहीं करेगा और आने वाला आंदोलन आठ प्रदेशों के जाट मिलकर चलाएंगे। इस सभी का पूरा खुलासा भी बैठक में कर दिया जाएगा।
उनके साथ रघुबीर सिंह बूरा, सूबेदार बलवान सिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार ओमप्रकाश, संतलाल, जगत मिताथल, जोगेंद्र तालू, राजसिंह कार्यवाहक अध्यक्ष जाटू खाप 84, राजसिंह घणघस, सूबेदार कलीराम, धर्मपाल अटेला, सतपाल बिलावल, रणसिंह सांगवान, मास्टर टेकचंद व प्रवीण नैन आदि उपस्थित थे।
 
बहरूपिए तथाकथित जाट नेताओं से जाट समाज सावधान रहे: सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि कुछ तथाकथित जाट संगठन जाट समाज को हरियाणा सरकार द्वारा दिए गए जाट आरक्षण के बारे में सरेआम बहका रहे हैं। वे कह रहे हैं कि पांच जातियों को दस प्रतिशत आरक्षण दिया है, जिसमें से जाट समाज के हिस्से में केवल दो प्रतिशत आएगा। ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि यदि हम 27 प्रतिशत में जाते, जिसको 11 प्रतिशत व 16 प्रतिशत में बांटा हुआ है अर्थात हमें 11 प्रतिशत में जाना था, जिसमें पहले से पांच जातियां हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 12 प्रतिशत से अधिक है, जबकि मौजूदा 10 प्रतिशत में जाटों को छोडकर दृसरी जातियों की संख्या दो प्रतिशत भी नहीं है। ऐसे लोगों का उद्देश्य केवल जाट समाज को दुष्प्रचार करके बहकाना है। यदि ये लोग हरियाणा सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण से संतुष्ट नहीं हैं तो इन्होंने हरियाणा सरकार के विरोध में आंदोलन करना चाहिए। लेकिन बडे आश्चर्य की बात है कि इन तथाकथित नेताओं में से कुछ नेता आरक्षण पर हरियाणा सरकार का विरोध करते हैं लेकिन वही नेता फिर मुख्यमंत्री के निवास पर पहुंचकर उनका आरक्षण देने के लिए धन्यवाद देते हैं। ऐसे बहुरूपियों से समाज को बचना होगा।
सांगवान ने कहा कि ये लोग काफी दिनों से इसी प्रकार दुष्प्रचार करके समाज को बहकाने का प्रयास करते आए हैं, जिनको समय आने पर समाज अच्छी तरह समझ जाएगा और एक दिन इनको समाज की लताड़ झेलनी पडेगी। अब हमारी संघर्ष समिति का हरियाणा सरकार से हिसाब-किताब पूरा हो चुका है और अब हर हालात में केंद्र सरकार से हम समाज के लिए आरक्षण लेकर रहेंगे। किसी भी जाट भाई को इसमें कोई भी संदेह नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त हमारा किसी के भी आरक्षण से कोई विरोध नहीं है। हम समाज में भाईचारा बनाए रखना चाहते हैं।
 
Thanks Sir (Dr. Rajpal Singh) for throwing light on the development which I think missed my attention in the past few days!

However, what is also needed is reservation at the centre.
 
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अब तो हरियाणे के जाट भी पिछड़े हो गए है॥ तो सभी राज्यों के लोगों ने मिलकर, जाटो को केन्द्रीय सूची भी लाने की संयुक्त कोशिश करनी चाहिये ... इस समय कांग्रेस पर दबाब बनाया जा सकता है॥
 
ye jaat kaum ki help nahi h..........kuch chmcha type logo ka propgandaha h........ congressi orr bagri type khoon !!!
 
दिल्ली 13 फ़रवरी 2013, याद रखना इस बार फिर से आपको बाटने के कोशिश की जाएगी मगर सिर्फ आपको एक नाम याद रखना है "अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति", कई जाट नेता दल्ले आपको तोडने बाटने की कोशिश करेंगे किन्तु आपको एक रहना है यह लडाई इस बात पर निर्भर करती है के आप देश के जाट कितने एक जुट हो। बजट सेशन पार्लियामेंट का शुरू होगा सारे नेता वहाँ होंगे सरकार को केंद्र में जाट आरक्षण देना ही होगा।
आपकी एक जुटता का सबसे बड़ा उधाहरण यही है के आपने अभी 2012 के 5 राज्यों के विधान सभा चुनाव में कोंग्रेस व् उसके सहयोगियों को कैसे जमीन में धांस दिया यह इस बात को दर्शाता है के जाट "जाट आरक्षण" मुद्दे पर एक है और एक रहेगा।

P.s. just shared this post, not endorsing it.
 
अब जाट आरक्षण की जंग केंद्र के साथ, फैसला 17 फरवरी को : सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह संागवान ने पत्रकारों को बताया कि जाट आरक्षण का मसला हरियाणा सरकार से चुकता हो चुका है, अब आगे की जंग केंद्र सरकार के साथ लडऩी होगी और आंदोलन के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं। अब यह जंग आठ प्रदेशों के जाट, जिनका केंद्र में आरक्षण नहीं है, मिलकर लड़ेंगे, जिसका फैसला
17 फरवरी, रविवार सुबह 11 बजे चौ. छोटूराम धर्मशाला, रोहतक की मीटिंग में लिया जाएगा। सांगवान ने यह बात दोहराते हुए कहा कि जब राज्य सरकार ने तीन साल तक हमारी बात नहीं सुनी, तो हमें मजबूर होकर मार्च, 2011 में आंदोलन करना पड़ा था। अब केंद्र सरकार भी हमारे सवैंधानिक अधिकार की बात को सुन नहीं रही है तो आंदोलन करने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं रहा। इसकी जिम्मेवारी पूर्णतया केंद्र सरकार की होगी और आम आदमी को आंदोलन के कारण होने वाली तकलीफों की जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की होगी। इस बारे में हमने माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और सामाजिक न्याय मंत्री को पहले ही लिखित रूप में सूचित कर दिया है।

 
, जिसका फैसला 17 फरवरी, रविवार सुबह 11 बजे चौ. छोटूराम धर्मशाला, रोहतक की मीटिंग में लिया जाएगा।

kahi orr bhi toh lyu batlan ki jaghah ..............kay koi jagah hi nahi milte haryane m 20 manasa n batlane k:stupid:
 
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