Rs. 5 lac awardee Jat gangster

भूरा को पकड़वा दो, एनकाउंटर नहीं करेंगे
अब असलाह रिकवरी के हल्ले से टेंशन में अफसर
मोस्ट वांटेड के साथियों अब यही भरोसा दे रही पुलिस
बागपत। दस लाख के इनामी अमित सरनावली उर्फ भूरा को पकड़ने के लिए एक के बाद एक नये- नये हथकंडे आजमा रही पुलिस ने अब एक और तरकीब पर काम शुरू किया। मोस्ट वांटेड के परिजनों, रिश्तेदारों और पुराने साथियों पर दबाव बढ़ाने के साथ ही उन्हें यह भरोसा दिया जा रहा यदि उन्होंने किसी भी तरह उसे पकड़वा दिया, तो उसका एनकाउंटर नहीं होगा।
15 दिसंबर की सुबह बागपत में देहरादून पुलिस की कस्टडी से दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर छुड़ाए भूरा का अभी तक कोई सटीक सुराग नहीं मिला। 17 दिन की नाकामी के बाद पुलिस अब कुछ बैकफुट पर नजर आ रही है। पुलिस सूत्रों ने कहादिल्ली पुलिस भी यह मान चुकी है कि भूरा सर्विलांस के जाल में फंसने वाला नहीं है, उसे तिकड़म के जरिये ही पकड़ा जा सकता है। इसके लिए ही दिल्ली के उस विधायक पर दबाव बनाया था, जिसके बारे में जानकारी थी भूरा को छुड़ाने की योजना उसके दफ्तर पर बनाई।
इससे भी बात नहीं बनी तो यूपी और दिल्ली पुलिस ने भूरा के रिश्तेदारों, परिजनों और जेल से बाहर चल रहे भूरा के पुराने साथियों पर दबाव और बढ़ा दिया। भूरा का परिवार शुरू से आशंका जता रहा है कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है।
पुलिस सूत्रों ने बताया इन लोगों से भी पुलिस ने कहा यदि भूरा जल्द ही पकड़ा जाता है तो उसका एनकाउंटर नहीं किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद यह तीर निशाने पर लग सकता है। भूरा पहले भी दो बार पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। तब भी उसे ऐसे तिकड़म से ही पकड़ा था।
दूसरी ओर पुलिस सूत्रों ने कहा भूरा के दुश्मन बताए जा रहे कुछ ऐसे भी अपराधी हैं जो उसका सुराग इसी शर्त पर देने को तैयार हैं पुलिस उसे फिर से गिरफ्तार करने के बजाय उसका एनकाउंटर करें, लेकिन ये बदमाश कोई खास जानकारी नहीं दे पाए हैं।
असलाह बरामद नहीं : एसपी
एसपी जितेंद्र शाही का कहना है कि देहरादून पुलिस से लूटे गए एके-47 और एसएलआर अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं। भूरा के बारे में भी खास जानकारी नहीं मिली है। दिल्ली में प्रिंस और सद्दाम के अलावा उसका कोई साथी भी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस की टीमें रात-दिन भूरा की तलाश में लगी हैं।
सद्दाम और प्रिंस के रिमांड की तैयारी
दिल्ली में पकड़े सद्दाम और प्रिंस से बी वारंट पर पूछताछ करने के लिए बागपत पुलिस की टीम बृहस्पतिवार को दिल्ली रवाना हुई। वहां इन दोनों के रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दी, यदि यह मंजूर हो जाती है तो तीन जनवरी को पुलिस दोनों से पूछताछ करेगी।
फरारी के 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
देहरादून। दस लाख रुपये के इनामी अमित उर्फ भूरा की गिरफ्तारी 15 दिन बाद भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
15 दिसंबर को बागपत में भूरा की फरारी के बाद से ही शासन इस मामले पर सख्त रवैया बनाए हुए है। दून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय रौतेला को तत्काल हटाने के साथ ही कई अधिकारियों को दूसरे राज्यों में अभियान के लिए भेज दिया गया था। इनामी राशि भी एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई, लेकिन पुलिस इसके बाद भी भूरा का सुराग नहीं तलाश सकी है। सवालों पर आला अधिकारी ‘जल्द कामयाबी मिलेगी’ का जुमला उछाल देते हैं।
दून के नए कप्तान पुष्पक ज्योति को तैनाती के साथ भूरा की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह चार दिन पूर्व नोएडा से लौट आए। बुधवार को गढ़वाल रेंज के उप महानिरीक्षक संजय गुंज्याल भी दून आ गए।
पुलिस को कामयाबी न मिलने पर दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई का संकेत दिया तो पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने मातहतों पर दबाव बनाया। लेकिन, काफी माथापच्ची के बावजूद कोई नतीजा फिलहाल निकलता नहीं दिख रहा।
बागपत। पहले भूरा की गिरफ्तारी का शोर मचा। फिर एके-47 और एसएलआर बरामद हो जाने का। दिल्ली पुलिस हैरान है कि यह कैसे और क्यों हो रहा है? दोनों बार हल्ला यूपी से मचा है। दोनों बार ही गुड वर्क दिल्ली पुलिस का बताया गया। नतीजा यह है कि भूरा को पकड़ने के लिए संयुक्त ऑपरेशन चला रही तीन राज्यों की पुलिस का आपसी तालमेल और बिगड़ गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस के अधिकारी अब इस शोर के पीछे यूपी पुलिस का हाथ मानने लगे हैं। उत्तराखंड पुलिस भी हैरान है कि ऐसा क्यों हो रहा है ?
दिल्ली पुलिस ने किसी भी स्तर पर ऐसी जानकारी नहीं दी है कि देहरादून पुलिस से लूटे गए असलाह बरामद कर लिए गए हैं। संयुक्त ऑपरेशन में लगी पुलिस टीमों के सामने सूचनाओं के आदान-प्रदान के दौरान भी ऐसी कोई बात नहीं रखी गई है। इसके बावजूद चार दिन से बागपत में यह शोर मचा हुआ है कि दिल्ली में असलाह बरामद हो चुके हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बागपत के पुलिस अफसरों से पूछा है कि ऐसा कैसे हुआ है?
उधर, उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली पुलिस से पूछा है कि इस जानकारी में कितनी हकीकत है? पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस को बताया है कि अभी ऐसा कुछ नहीं हुआ है। जैसे ही असलाह बरामद होगा या भूरा केस से संबंधित कोई अपराधी पकड़ा जाएगा, या फिर कोई सुराग भी मिलेगा, तो उसे साझा किया जाएगा।
बागपत (ब्यूरो)। भूरा को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की साजिश के आरोप में जेल गए बॉबी से पूछताछ के लिए कोर्ट से 12 घंटे का रिमांड मिल गया है। पुलिस ने बॉबी के साथ इसी आरोप में रंछाड़ गांव के प्रधान के पति और छपरौली के पूर्व विधायक स्वर्गीय कटार सिंह के पौत्र समरपाल को गिरफ्तार किया था, लेकिन रिमांड सिर्फ बॉबी का मांगा।
समर पाल के पक्ष में गांव के सैकड़ों लोगों ने कलक्ट्रेट में हंगामा किया था। बॉबी भूरा का रिश्तेदार भी है। उसके भाई संजय की शादी भूरा की चचेरी बहन से हुई है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस सूत्रों ने बताया था उसने चोरी छुपे भूरा की बहन से लव मैरिज की, अगले ही दिन भूरा के परिवार ने पुलिस केे इस दावे को झूठा बताया था। उन्होंने कहा भूरा को पकड़ने के लिए पुलिस ने झूठी कहानी बनाई।
जांच अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया बॉबी को शुक्रवार को मेरठ जेल से लाया जाएगा।
 
सर जी, पशिचमी ऊ. प्र में तो एक लाख से जयादा के कई बदमाश हैं. ये तो बस एक झलक भर हैं उनके कारनामो की. लिस्ट बनें लगे तो कई रजिस्टर तो नाम नाम लिखाण में भर जगे. अररर ज्यादातर जाट ही हैं यहाँ तो हर गाम में एक दो हिस्ट्रीशीटर हैं :cool:
 
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