shaadi/byah ke lokgeet

बारात चडते टेम पे यो गीत गाया जा सै -
चार चकुठा चौतरा माली बाग़ लगा रया
चढ़ जा रे (दादा's name ) तावला तू क्यूँ देर लगा रया
चार चकुठा चौतरा माली बाग़ लगा रया
चढ़ जा रे (tau 's name ) तावला तू क्यूँ देर लगा रया
 
गीत तो घंखरे ख़तम हो लिए. थोड़े सिटने याद सें वो लिखूं सुं. यो भाभी ने खिजान खातर गया करें, बाना बीठाये पाचे
वाह वाह ठठेरे आ रे सें-२
फलां (भाई का नाम) रे तू इस बोलनी ने ले बदला, ठठेरे आ रे सें
फलां रे तू इस चलनी ने ले बदला, ठठेरे आ रे सें
फलां रे तू इस लांबी ने ले बदला ठठेरे आ रे सें
फलां रे तू इस पतली ने ले बदला ठठेरे आ रे सें एंड so -on
आज बदला ले काल बदला ले धोबी पे धुआ ले, छान पे सुखा ले, हम परदेसी लोग फेर नहीं आने के -2
 
यो सीटना जीजा/फ्रेंड्स ने दिया करें-
तन्ने हो फलां (नाम) तसले क जुड़ द्यूं-२
पोतड़े धुवौं सारी रात मेरा दिल ऐसा लगा
औरां पे धुवौं आधी-आधी रातां , तेरे पे धुवौं सारी रात मेरा दिल ऐसा लगा.
तन्ने हो फलां चाक्की क जुड़ द्यूं-२
पीसना पीसुअं सारी रात, मेरा दिल ऐसा लगा
औरां पे पीसाउन आधी आधी रातां, तेरे पे पीसाउन सारी रात, मेरा दिल ऐसा लगा, and so on
 
यो गीत खोडिये पै गाये करें
कोए भी एक जणी टोकणी ले कै उसमे कै बोल्ले करे (बेटा )
अर कोए बूढी- ठेरी उसकी माँ होगी

बेटा (टोकणी मै कै ) :- ऐ री माँ
माँ :- के बेटा
बेटा :- के तो मेरा ब्याह करवा दे न तो मै फलाने की बहू नै ले कै भाज ज्यांगा
सारी गीताँ आली मिल कै गाये करें फेर :- वा तै भूंडी घनी रै मेरे लाल तेरी अर उसकी ना बनती
वा तै लपरो घनी रै मेरे लाल तेरी अर उसकी ना बनती

(फेर घर के सारे आदमियाँ के नाम एक एक कर कै इसकी बहू - उसकी बहू नै ले कै)

विशेष :- टोकणी पीतल की होए करती पहलम पानी भर कै ल्याण के काम आये करती )
खोड़िया बरात जाए पाछे बीरबान्नी मिल कै करे करें (सारी पड़ोसन, भुआ हर, चाची-ताई, फुल मस्ती )
 
"बन्ना और बन्नी का गीत"

अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली

बहना के घर में ये पहली ख़ुशी है
पहली ख़ुशी बड़ी देर से मिली है
सपना पूरा हुआ, मन की आशा फली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली

दिन रंग भरे आएँगे, होगी हर रात दिवाली
संग ले के चली अपने घर, अब दिया जलाने वाली
प्यारे भैया ने पाई दुल्हन साँचे में ढली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली
 
बिदाई के समय गया जाने वाला एक गीत

मत करो मन को उदास
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।

दादस अपनी को मैं दादी कहूँगी
मेरी अम्मा दादी ना आवैगी याद,
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।

सासू को अपनी अम्मा कहूँगी
मेरी अम्मा तुम ना आओगी याद,
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।

ससुरे को अपने बापू कहूँगी
बापू ना आएँगे याद ,
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।

नणदिया को अपनी बहना कहूँगी
मेरी अम्मा बहना न आएगी याद ,
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।

देवर को अपने भैया कहूँगी
भैया ना आएँगे याद,
मेरी अम्मा फिर से मिलूँगी ।
 
भाई सुभाष सिवाच, ये सारे तेरे गीत ते हिंदी के सें ,जट्टू कोणी |
 
भाई सुभाष सिवाच, ये सारे तेरे गीत ते हिंदी के सें ,जट्टू कोणी |

रवि जी, हरियाणवी टच तो नहीं है इनमे पर एक बात है कि गीत ने जिस भी बोली ने गाया जा, गाते वक़्त उसी बोली का असर आ जा l
 
एक और सीटना साईं जो जीजा और उसके दोस्तां ने दिया करें -
तन्ने हो फलां खावन की चतुराई
तन्ने हो फलां खावन की चतुराई
जणू भैंस चाट पर आई हो बेसां के-२
तन्ने हो फलां बोलन की चतुराई
तन्ने हो फलां बोलन की चतुराई
जणू तोता रट लगाई, हो बेसां के
जणू तोता रट लगाई हो बेसां के
तन्ने हो फलां चालन की चतुराई -२
जणू फांडी ?? आई, हो बेसां के
 
kati sahi kahi. full masti for sure.
यो गीत खोडिये पै गाये करें
कोए भी एक जणी टोकणी ले कै उसमे कै बोल्ले करे (बेटा )
अर कोए बूढी- ठेरी उसकी माँ होगी

बेटा (टोकणी मै कै ) :- ऐ री माँ
माँ :- के बेटा
बेटा :- के तो मेरा ब्याह करवा दे न तो मै फलाने की बहू नै ले कै भाज ज्यांगा
सारी गीताँ आली मिल कै गाये करें फेर :- वा तै भूंडी घनी रै मेरे लाल तेरी अर उसकी ना बनती
वा तै लपरो घनी रै मेरे लाल तेरी अर उसकी ना बनती

(फेर घर के सारे आदमियाँ के नाम एक एक कर कै इसकी बहू - उसकी बहू नै ले कै)

विशेष :- टोकणी पीतल की होए करती पहलम पानी भर कै ल्याण के काम आये करती )
खोड़िया बरात जाए पाछे बीरबान्नी मिल कै करे करें (सारी पड़ोसन, भुआ हर, चाची-ताई, फुल मस्ती )
 
भात का गीत

फलानं (गाँव का नाम) गाम के मेरे भातड़िए ।
बीरा सारे भाती आ जइयो
मेरै एक न आइयो भावजिया ।
बोब्बो सारे भाती रहै गये
तेरी पीछै से आ गई भावजिया ।
बीरा सारे गहणे ले आइयो
मेरै एक न लाइयो गुँठड़िया
बोब्बो सारे गहणे भूल आया
मेरी जेब मैं आ गई गुँठड़िया ।
बीरा सारे कपड़े लत्ते ले आइयो
मेरै एक न लाइयो धोतरिया ।
बोब्बो सारे कपड़े लत्ते भूल आया
मेरी गठड़ी मैं आ गई धोतरिया ।
बीरा सारे बासन ले आइयो
मेरै एक न लाइयो बाटड़िया ।
 
एक और टप्पा याद आया सै इसे गीत का -
फलां हो तन्ने सौवन की चतुराई
जणू सूरी लेट लगे हो बेसं के
 
एक और टप्पा याद आया सै इसे गीत का -
फलां हो तन्नेसौवन की चतुराई
जणू सूरी लेट लगे हो बेसं[
QUOTE=malikdahiyag;321955]एक और सीटना साईं जो जीजा और उसके दोस्तां ने दिया करें -
तन्ने हो फलां खावन की चतुराई
तन्ने हो फलां खावन की चतुराई
जणू भैंस चाट पर आई हो बेसां के-२
तन्ने हो फलां बोलन की चतुराई
तन्ने हो फलां बोलन की चतुराई
जणू तोता रट लगाई, हो बेसां के
जणू तोता रट लगाई हो बेसां के
तन्ने हो फलां चालन की चतुराई -२
जणू फांडी ?? आई, हो बेसां के[/QUOTE]
 
यो गीत चाक पूजती हाण गाये करें, इसमे बीरबानी एक-दूसरे नै छेड़े करें

जैसे :- (कोए घणी काली हो तो उसकी ताहीं )
मन्ने भूरी बताएं
मन्ने भूरी बताएं
भूरी फलाणे (उसके बटेऊ का नाम) के रै
मेरा भाई बावरिया

कोए घणी तेज़-तर्रार हो तो उसकी ताहीं

मन्ने चम्भो बताएं
मन्ने चाळी बताएं
चाळी फलाणे के रै
मेरा भाई बावरिया
 
Ek aur bani-
meri hari hari choodiyon ki bahein bhari
dadi dede ne suhag lado kab ki khedi
tai dede ne suhag lado kab ki khedi
e suhag dega ram jodi gajab bani
e tere mathe pe sindoor maang motiyan bhari
chachi dede ne suhag lado kab ki khedi
mami dede ne suhag lado kab ki khedi-2
 
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