Shaheed-e-Azam Bhagat Singh Sandhu

raka

Active member
Bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg


इतिहासकारों के बीच आज भी इस बात को लेकर विवाद है कि क्या भगत सिंह को बचाया जा सकता था? क्या उन्हें गांधी ने मार डाला? क्या वाकई बापू और अन्य बड़े नेता भगत सिंह के इंकलाबी तेवर और लोकप्रियता से डर गए थे? दरअसल शहीदे आजम की मौत अपने पीछे एक ऐसा सवाल छोड़ गई है जिसे सुलझाया नहीं जा सका है। और शायद जिसे कभी सुलझाया जा भी नहीं सकेगा।
लाहौर षड्यंत्र केस में 23 मार्च 1931 को जब 23 वर्षीय भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को सूली पर लटकाया गया तो इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनी गई। ब्रिटिश हुकूमत के इस कुकृत्य की जहां तत्कालीन भारतीय नेताओं ने जमकर आलोचना की, वहीं देश-विदेश के तमाम अखबारों ने भी इसे सुर्खियां बनाया। फांसी 24 मार्च को दी जानी थी। लेकिन जनविद्रोह के डर से ब्रिटिश हुक्मरानों ने तिथि चुपके से बदलकर 23 मार्च कर दी।
बिपिन चंद्र द्वारा लिखी गई भगत सिंह की जीवनी 'मैं नास्तिक क्यों हूं' में इस घटना पर तत्कालीन नेताओं और अखबारों द्वारा व्यक्त की गई तीखी टिप्पणियां सिलसिलेवार ढंग से दर्ज हैं।
-'..यह काफी दुखद और आश्चर्यजनक घटना है कि भगत सिंह और उसके साथियों को समय से एक दिन पूर्व ही फांसी दे दी गई। 24 मार्च को कलकत्ता से कराची जाते हुए रास्ते में हमें यह दुखद समाचार मिला। भगत सिंह युवाओं में नई जागरूकता का प्रतीक बन गया है।' [सुभाष चंद्र बोस]
-'मैंने भगत सिंह को कई बार लाहौर में एक विद्यार्थी के रूप में देखा। मैं उसकी विशेषताओं को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उसकी देशभक्ति और भारत के लिए उसका अगाध प्रेम अतुलनीय है। लेकिन इस युवक ने अपने असाधारण साहस का दुरुपयोग किया। मैं भगत और उसके साथी देशभक्तों को पूरा सम्मान देता हूं। साथ ही देश के युवाओं को आगाह करता हूं कि वे उसके मार्ग पर न चलें।' [महात्मा गांधी]
-'हम सबके लाड़ले भगत सिंह को नहीं बचा सके। उसका साहस और बलिदान भारत के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।' [जवाहर लाल नेहरू]
-'अंग्रेजी कानून के अनुसार भगत सिंह को सांडर्स हत्याकांड में दोषी नहीं ठहराया जा सकता था। फिर भी उसे फांसी दे दी गई।' [वल्लभ भाई पटेल]
-'भगत सिंह ऐसे किसी अपराध का आरोपी नहीं था जिसके लिए उसे फांसी दे दी जाती। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं।' [प्रसिद्ध वकील और केंद्रीय विधानसभा सदस्य डीबी रंगाचेरियार]
-'भगत सिंह एक किंवदंती बन गया है। देश के सबसे अच्छे फूल के चले जाने से हर कोई दुखी है। हालांकि भगत सिंह नहीं रहा लेकिन 'क्रांति अमर रहे' और 'भगत सिंह अमर रहे' जैसे नारे अब भी हर कहीं सुनाई देते हैं।' [अंग्रेजी अखबार द पीपुल]
-'पूरे देश के दिल में हमेशा भगत सिंह की मौत का दर्द रहेगा।' [उर्दू अखबार रियासत]
-'राजगुरु, सुखदेव और भगत सिंह की मौत से पूरे देश पर दुख का काला साया छा गया है।' [आनंद बाजार पत्रिका]
-'जिस व्यक्ति ने वायसराय को इन नौजवानों को फांसी पर लटकाने की सलाह दी, वह देश का गद्दार और शैतान था।' [पंजाब केसरी]
 
Bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg


देश के सच्चे सपूत भगत सिन्ह को शत शत नमन और श्रधन्जलि!
हम आज भी आपको याद करते है और चाह्ते है कि देश का हर सपूत आपके नक्शे कदमो पर चले!
वन्दे मातरम​
 
Bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg




देश के सच्चे सपूत भगत सिन्ह को शत शत नमन और श्रधन्जलि!
हम आज भी आपको याद करते है और चाह्ते है कि देश का हर सपूत आपके नक्शे कदमो पर चले!

वन्दे मातरम​
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
icon14.gif
 
Inqlab !

A few of his favorite verses -


वतन की आबरू का पस देखें कौन करता है,
सुना है आज मकतल में हमारा इन्तिहाँ होगा.
शहीदों की चिताओं पर जुडेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मिटने वालो का यही बाकी निशाँ होगा.
कभी ये भी दिन आएगा जब अपना राज देखेंगे,
जब अपनी ही जमीन होगी और अपना आस्मां होगा.

:) :)
 
Bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg
Bharat ke sachhey sapuut ko hamari taraf se shat shat naman...Leking Gandhiji Ki pratikriya ke hisab se lagta hai ki ...VARUN GANDHI Thik hi chal raha hai...:)
 
Saheedon ki chitaon par lagagen Har Vars Male, Vatan Par marane walon Ka Yahi Baki Nishaan Hoga.

Mahan Viron ko Shardasuman arpit .
 
bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg
bharat ke sachhey sapuut ko hamari taraf se shat shat naman...leking gandhiji ki pratikriya ke hisab se lagta hai ki ...varun gandhi thik hi chal raha hai...:)

महात्मा गाँधी जी पता नही भगत सिंह जैसे कितने देस्भक्तो की
चिताओ पर रोटी सेक कर रास्ट्रपिता बने थे . महात्मा गाँधी जी
चाहते तो कई बच सकते थे . जब मोहमद अली जिन्ना जिद करके
पाकिस्तान अलग ले गया तो गाँधी जी को क्या जरुरत पड़ गई थी
उनको ५५ करोड़ दिलाने की . और जब दिला भी दिए तो पाकिस्तान
में कोण सा उनको मानते है . उनके नोटों पर गाँधी जी के तो क्या
जिन्ना के फोटो भी नही छपते .
 
It takes knowledge to appreciate efforts and initiatives taken by our Hero Bhagat Singh, but it takes courage and will power to implement his initiatives and to keep the fire burning!

Nevertheless, appreciation is the firt step on the way to implementation.:)

Some of my Favourite lines of Bhagat Singh:
Waqt aane pe bata denge tujhe hai Aasmaan
Hum abhi se kya batayein kya hamare Dil mei hai !!
 
Inqlaab Jindabaad:)Kash aise Veer iss yug mein bhi hon


Shaeed Bhagat Singh aur unke sathiyo ko sath sath naman.His sacrifice is a inspiration to aeach & every Indian & let us pledge to keep our freedom intact by staying united & being progressive.

Rahi Behan iss yug mein Inqlaabiyo ki baat , khoon bhi wahi hain , mitti bhi wahi hain , waqt nahi hain ..... hum sabme ek krantikari hain ,apne andar dekho abhi cause nahi hain...waqt aane par har ghar mein ek krantikari hooga!!!!

Long Live Indomitable spirit of India.
 
शहीद - ऐ - आज़म भगत सिंह को मेरा सत् सत् नमन
बड़े दुःख की बात हैं लोग ९ जन और २३ मार्च को भूल जाते हैं पर उन्हें १४ नवम्बर और २ अक्टूबर याद रह जाती हैं | उप्पर से इस रास्ट्रपिता की ये टिपणी| इनको शायद इस बात का इल्म नहीं था के ये जज्बा ये जूनून तो जाटों की रगों में बहता हैं , जिस दिन जाट की रगों में जज्बा जूनून बहना बंद हो जायेगा उस दिन ये मुल्क फेर गुलाम हो जाएगा | ये मुल्क उनके अहिंषा के नारों से आजाद नहीं हुआ , पर ये बदकिस्मती कहिये की आज़ादी के बाद स्यासत की डोर उनके हाथों में चली गई और आज हमारे देश का ये हाल हैं | आज हमारे और हमारे देश के भाग्य की तारीख देश के ये गद्दार मुकरर करते हैं | देसी कहावत स " आंधी पिस्से और कुत्ते खां" यो हाल हो रया स आज देश का |

-'मैंने भगत सिंह को कई बार लाहौर में एक विद्यार्थी के रूप में देखा। मैं उसकी विशेषताओं को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उसकी देशभक्ति और भारत के लिए उसका अगाध प्रेम अतुलनीय है। लेकिन इस युवक ने अपने असाधारण साहस का दुरुपयोग किया। मैं भगत और उसके साथी देशभक्तों को पूरा सम्मान देता हूं। साथ ही देश के युवाओं को आगाह करता हूं कि वे उसके मार्ग पर न चलें।' [महात्मा गांधी]
 
Bhagatsingh1_fix-1_1237732813_m.jpg



merrey khyaal sei sh. bhagat singh aur unke saathiyon ko phaansi dena hi britania sarkaar ko sabsey mehenga saabit hua tha, alsi jaagrukta tou inn loggon key challey jaaney key baad hi aayi thi, woh keheten hai na jettey ji tou koi bhi kar ley, inhone tou shahedd hone key baad bhi desh ko azaadi dilwai thi

waise rakesh bhai saab aapki bina izzazat key maine yeh pic. download kar li hai, shayad inko har roz kai baar dekh kar hum mei bhi inkey kuch gunn aa jaye aur desh ki kabhi sewa kar paaye
 
Bhaghat/Sukhdev/Rajguru

Salute to such fearless patriots, who were matchless in idealism and exceptional in valor and self-sacrifice.
 
Back
Top