aryasatyadev
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एक बै अपना रामफल दारू घनी पीवन लाग गया, एक रात दारू ख़तम करके मंदिर के बाहर बैठा था, जी कर रया था और पीवन का पर पिसे ख़तम हो गे थे. इतने में मंदिर का पुजारी आया अर्र बोल्या के भाई तू आडे क्यूँ बैठा सै अपने घर क्यूँ ना जाता,
रामफल : मै बहुत बड़ा ज्ञानी सून अर्र इस्से इस्से कम कर के दिखा दिया करूँ के किस्से ने ना करे होंगे.
पुजारी: भाई तू के कर सके से
रामफल : मै अपने दांत अपनी आँख के ला सकूं सूं
पुजारी : दिखा
रामफल : २० रप्पैये की शर्त ला ले
पुजारी मान गया, रामफल ने झट दे सी अपने नकली दांत काढे अर्र आँख के ला दिए........ अर्र बोल्या अक दे २० रप्पैये.
फेर थोडी हान में उसने सोचा अक इतने पिसां में ते दारु ना आवे, उसने फेर कही मंदिर के पुजारी ते अक एक और कमाल दिखाऊँगा, जे फेर २० राप्पैये की शर्त लावे ते ......... पुजारी बोल्या के दिखावेगा.....
रामफल : में अपनी आँख दांत के ला सकूँ सून,
पुजारी: यो ते इब दिखाया इ ना था.
रामफल: न मन्ने दांत आँख के ला के दिखाए थे, इब आँख दांत के ला के दिखाऊँगा
पुजारी बोल्या ठीक सै
रामफल काना भी था, मेरे बटे नै झट दे सी शीशे की आँख काढी अर्र दांत गेल्यान ला के दिखा दी अर्र बोल्या ल्या २० रप्पैये....
फेर उसने थोडी हान में सोचा अक इन ४० रप्पैयाँ में ते बात ना बने जै २० और मिल ज्यां ते एक अद्धा आ ज्यागा
उसने फेर पुजारी ते रुका मारया एक पुजारी एक और कमल दिखाऊँगा...... पुजारी बोल्या अक के....... रामफल बोल्या अक में तेरे ऊपर मुतुन्गा अर्र तू भिजेगा भी कोन्या.... पर शर्त लानी पड़ेगी २० राप्पैये की
पुजारी बिचारा डर रह्या था बोल्या ना भाई इब २० राप्पैये ना दयून, यो ते न्यू इ दिखा
रामफल बोल्या "बैठ ते फेर" पुजारी बैठ गया अर्र रामफल ने उसपे मूतना शुरू करया, दारु पीके भरया बैठा इ था, घाना इ काड दिया....
पुजारी भीज गया आर बोल्या रे तन्ने यो के करया,
रामफल : तन्ने के शर्त लायी थी :rock:rock:rock:rock:rock:rock
रामफल : मै बहुत बड़ा ज्ञानी सून अर्र इस्से इस्से कम कर के दिखा दिया करूँ के किस्से ने ना करे होंगे.
पुजारी: भाई तू के कर सके से
रामफल : मै अपने दांत अपनी आँख के ला सकूं सूं
पुजारी : दिखा
रामफल : २० रप्पैये की शर्त ला ले
पुजारी मान गया, रामफल ने झट दे सी अपने नकली दांत काढे अर्र आँख के ला दिए........ अर्र बोल्या अक दे २० रप्पैये.
फेर थोडी हान में उसने सोचा अक इतने पिसां में ते दारु ना आवे, उसने फेर कही मंदिर के पुजारी ते अक एक और कमाल दिखाऊँगा, जे फेर २० राप्पैये की शर्त लावे ते ......... पुजारी बोल्या के दिखावेगा.....
रामफल : में अपनी आँख दांत के ला सकूँ सून,
पुजारी: यो ते इब दिखाया इ ना था.
रामफल: न मन्ने दांत आँख के ला के दिखाए थे, इब आँख दांत के ला के दिखाऊँगा
पुजारी बोल्या ठीक सै
रामफल काना भी था, मेरे बटे नै झट दे सी शीशे की आँख काढी अर्र दांत गेल्यान ला के दिखा दी अर्र बोल्या ल्या २० रप्पैये....
फेर उसने थोडी हान में सोचा अक इन ४० रप्पैयाँ में ते बात ना बने जै २० और मिल ज्यां ते एक अद्धा आ ज्यागा
उसने फेर पुजारी ते रुका मारया एक पुजारी एक और कमल दिखाऊँगा...... पुजारी बोल्या अक के....... रामफल बोल्या अक में तेरे ऊपर मुतुन्गा अर्र तू भिजेगा भी कोन्या.... पर शर्त लानी पड़ेगी २० राप्पैये की
पुजारी बिचारा डर रह्या था बोल्या ना भाई इब २० राप्पैये ना दयून, यो ते न्यू इ दिखा
रामफल बोल्या "बैठ ते फेर" पुजारी बैठ गया अर्र रामफल ने उसपे मूतना शुरू करया, दारु पीके भरया बैठा इ था, घाना इ काड दिया....
पुजारी भीज गया आर बोल्या रे तन्ने यो के करया,
रामफल : तन्ने के शर्त लायी थी :rock:rock:rock:rock:rock:rock