Shayari (Part 2)

मेरा छदम सच.........
एक आप है कितने अच्छे हो!
एक आप है कि कितने सुंदर हो!

एक आप है कि कितने सच्चे हो!
और एक हम है कि झूठ पर झूठ बोले जा रहे है!......... हा हा हा
 
चमन में सुबह का मंज़र बड़ा दिलचस्प होता है,
जब लिपट जाता हूं मां से तो बेटी मुस्कुराती है,
हमें ऐ ज़िन्दगी तुझ पर हमेशा से रश्क होता है,
झंझाबातों से ख़ूब घिरी है, फिर भी मुस्कुराती है..............
 
सिमटते जा रहें हैं दिल और जज्बात के रिश्ते |
सौदा करने में जो माहिर है बस वही धनवान है ||
 
कागज़ के नोटों से आखिर किस-किस को खरीदोगे |
किस्मत परखने के लिए आज भी सिक्का हीं उछाला जाता है ||
 
आंखें खुली थी आये थे वो भी नज़र मुझे,,,
फिर क्या हुआ नहीं है कुछ इसकी खबर मुझे,,,
उनका ख्याल दिल मैं तसवुर निगाह में,,,
रोशन वही चिराग हैं यादों की राह में,,,
वो छोड़ के गए थे इसी मोड़ पर मुझे,,,
फिर क्या हुआ नहीं है कुछ इसकी खबर मुझे,,,
अब तो मुझे अंधेरों से उल्फत सी हो गई,,,
आँखों को इंतज़ार की आदत सी हो गई,,,
तकना है उनकी राह यूँही उम्र भर मुझे,,,
फिर क्या हुआ नहीं है कुछ इसकी खबर मुझे....



 
अजीब शख्स था कैसा मिजाज रखता था |
साथ रह कर भी इख्तिलाफ रखता था ||

मैं क्यों न दाद दूं उसके फन का |
मेरे हर सवाल का पहले से जवाब रखता था ||
 
तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई और वजह होगी |
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं ||
 
अजीब शख्स था कैसा मिजाज रखता था |
साथ रह कर भी इख्तिलाफ रखता था ||

मैं क्यों न दाद दूं उसके फन का |
मेरे हर सवाल का पहले से जवाब रखता था ||


सवालों का जवाब जरुर आता होगा
गर तारीफ़ हो तो गरुर आता होगा !
मह्फ़िल की जान होते है कुछ लोग
जिन्हे मदहोशी नहीं शरुर आता होगा !!
 
Jab bhi teri yaadon ko aas paas pata hoon,,,
Khud ko had darjaa udas paata hoon,,,
Tujhe to mil gai khushiyan jahan bhar kii,,,
Main ab bhi dil main vahi pyaas paata hoon....

 
ऐ उम्र कुछ कहा मैंने, पर शायद तूने सुना नहीं,
तू छीन सकती है बचपन मेरा,पर बचपना नहीं.....

हॅप्पी चिलड्रन डे
 
देखकर उसको तेरा यू पलट जाना
नफरत बता रही है, तूने मुहब्बत गजब की थी |
 
Tum bahut khoobsoorat ho, ye eik khuli si bat hai
dunia jhoot bole, magar mai nahi bolta, kyoonki mai jat hun

ghuma fira ke baat karne ki meri addat Konya chori
shaddi karle, ghani khush rahgee, arr isme koi lag lepat nu

tere babbu ne mai dekh langa, tu bas haan karde,
umar bhar raakhunga tanne poore thaat maa

Bilkul jhoot naa bol ra chori, kyonki mai pakka jat sun.

RK^2
 
उठ कर तों आ गए हैं 'फैज़' तेरी बज़्म से मगर,
दिल ही जानता है की किस दिल से आये हैं !
 
'मर ना जाए थकान से तू साहेब
सर पर माज़ी उठाये फिरता है !
 
चन्दा मामा हमें बताओ,
किस नम्बर की कार तुम्हारी।
पन्द्रह-पन्द्रह दिन ना आते,
कैसी है सरकार तुम्हारी।

पन्द्रह दिन तक इवन नम्बर,
पन्द्रह दिन तक नम्बर ऑड,
इवन-ऑड वहाँ भी चलता,
या तुम करते रहते फ्रॉड।

डीज़ल से क्या चलते तारे,
सीएनजी किट नहीं वहाँ पर।
दूषित है वातास वहाँ क्या,
धूल-धुआँ कैसा है ऊपर।

सूरज पर क्या पावर-कट है,
पावर-हाउस हुआ क्या फेल।
लो-बोल्टेज की धूप यहाँ है,
राम भरोसे अपनी रेल।

कौन-कौन से दल हैं नभ में,
भ्रष्टाचार वहाँ पर कैसा।
अच्छे दिन हैं कहो वहाँ पर,
या फिर सब कुछ धरती जैसा।

कृष्ण-पक्ष है, शुक्ल-पक्ष है,
पन्द्रह-पन्द्रह दिन का शासन।
क्या विपक्ष की संख्या कम है,
ठग-बन्धन का चलता शासन।

हमने तो सोचा था पहले,
मामा के घर हम जाऐंगे।
वातावरण वहाँ जब दूषित,
अब हम वहाँ नहीं आऐंगे।
 
जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है |
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है ||
 
ऐ मेरी होने वाली बीवी.
चाहे जितने भी वैलेंटाइन डे मनाले तू अपने आशिक के साथ,
आखिर मे रखना तुझे करवा चौथ का व्रत मेरी लंबी उम्र के लिए ही है
 
मै तो फना हो गय| एक झलक देखकर....ना जाने हर
रोज़ आईने पर क्या गुजरती होगी....


Tum bahut khoobsoorat ho, ye eik khuli si bat hai
dunia jhoot bole, magar mai nahi bolta, kyoonki mai jat hun

ghuma fira ke baat karne ki meri addat Konya chori
shaddi karle, ghani khush rahgee, arr isme koi lag lepat nu

tere babbu ne mai dekh langa, tu bas haan karde,
umar bhar raakhunga tanne poore thaat maa

Bilkul jhoot naa bol ra chori, kyonki mai pakka jat sun.

RK^2
 
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