बेशक तोहफे में गुलाब और बालियां मत देना..
खुदा ना खस्ता अगर बिछड़ जाओ, उस लड़की को गालियां मत देना..
उसकी तस्वीर को फिर इज्जत से रद्द (डिलीट)कर देना..
लड़कों को दिखाकर तालियां मत देना...
वह कभी तो तुम्हारी थी,
उसके जेहन में भी ये ख्याल आते होंगे..
उसने भी मोहब्बत की थी तुमसे
ऐसे थोड़े ना इतने साल काटे होंगे
और कुछ ऐसे मैंने उसकी मोहब्बत का अंदाजा लगाया था...
टूट गए सारे बटन मेरे कमीज के, छोड़कर उसे जो तूने लगाया था।।
खुदा ना खस्ता अगर बिछड़ जाओ, उस लड़की को गालियां मत देना..
उसकी तस्वीर को फिर इज्जत से रद्द (डिलीट)कर देना..
लड़कों को दिखाकर तालियां मत देना...
वह कभी तो तुम्हारी थी,
उसके जेहन में भी ये ख्याल आते होंगे..
उसने भी मोहब्बत की थी तुमसे
ऐसे थोड़े ना इतने साल काटे होंगे
और कुछ ऐसे मैंने उसकी मोहब्बत का अंदाजा लगाया था...
टूट गए सारे बटन मेरे कमीज के, छोड़कर उसे जो तूने लगाया था।।