Shayri (Continued)

Dil dharakta hai tujhe dekhun to,
Saans bhi meri rukne lagti hai…
Pyar itna hai mere dilmey sanam,
Rooh bhi meri khinch ne lagti hai…!
Chain milta hai jab mei dekhun tujhe,
Warna ya saans rukne lagti hai…!!!
 
Kabhi saath chale nahin uske, lekin uske bina jeena mushkil hai,
Uski zaroorath nahin hai, lekin uske bina zindagi adhoori hai,
Aansun nahin bahaathe, lekin uski yadonme dil rotha hai,
Kya karun main, mujhe kyun aisa ajeeb sa mehsoos hota hai!!!
 
जब कोई ख्याल दिल से टकराता है |
दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ||
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है |
कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ||
 
आँसू टपक पड़े बेरोजगारी के उस एहसास पर ग़ालिब |
जब माँ ने कहा बेटा खाली बैठा है मटर ही छील ले ||
 
वो एहसास नहीं हू मै, जो लफ्जो में बया हो जाऊ |
महसूस कर मुझे फिर देख, कैसे में फ़ना हो जाऊ ||
 
मैं क़तरा होकर भी तूफां से जंग लेता हूं !
मेरा बचना समंदर की जिम्मेदारी है !!
दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत !
यह एक चिराग कई आंधियों पर भारी है !!
 
हर शख्स उनकी आँख में सोना बना रहा |
मैं ही था इक जो सिर्फ खिलौना बना रहा ||
 
तुम उसी के नहीं होते जिसे अपना कह लो।
वो किसी का नहीं रहता जो तुम्हारा हो जाये।
 
जिन्दगी की उलझने शरारतों को कम कर देती हैं।
और लोग समझते हैं कि हम बडे हो गए॥
 
मुझे समझाया ना करो के अब तो हो चुकी मुझ को |
मोहब्बत मशवरा होती तो तुम से पूछ कर करते ||
 
ए-ग़मे जिंदगी ,कुछ तो दे मशवरा ,
तू गई उस्स पार, और में वहीं खड़ा |
 
उल्फ़त का मज़ा जब कि वो भी हो बेक़रार,
दोनों तरफ हो आग बराबर लगी हुई।।
 
उल्फ़त थी हमसे तो कह दिया होता
अजनबी ना रहते हम दोनों उम्र भर.
 
अगर इजाजत हो तो एक सवाल पूंछू तुमसे ...??
वो जो इश्क हमने सिखाया था , अब किससे करते हो ..??
 
कल वो सामने था तो ख़ामोशी न तोड़ी गई,

आज उससे हर बात कह जाने का मन करता है...!!!
 
क्या उम्मीद करे हम उन से जिनको वफ़ा मालूम नहीं|
ग़म देना मालूम तो है लेकिन ग़म की दवा मालूम नहीं||
 
गर प्यासे हो तो अपने साथ रखो अपने बादल भी
ये दुनिया है, विरासत में कुआँ कोई नहीं देगा.....
 
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