खाक मुझ में कोई कमाल रखा है,
मेरे दाता, मेरे भोले नाथ मुझे तो तूने संभाल रखा है...
मेरे ऐबों पे डाल के पर्दा,मुझे अच्छों में डाल रखा है...
मेरा नाता अपने से जोड़ के,तूने मेरी हर मुसीबत को टाल रखा है...
मैं तो कब का मिट गया होता, मेरे मालिक बस तेरी रहमतों ने मुझे संभाल रखा है.