ravinderjeet
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दिल के क़िस्से कहाँ नहीं होते हाँ,
वो सब से बयाँ नहीं होते....!!
वो सब से बयाँ नहीं होते....!!
दिल के क़िस्से कहाँ नहीं होते हाँ,
वो सब से बयाँ नहीं होते....!!
दिल जो टूटा तो कई हाथ दुआँ को उठे...
ऐसे माहौल में अब किसको पराया समझूँ..."
अफसाना नहीं बस इतना सुनो
उसने छोड़ दिया, हम बिखर गए
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