जरुरी काम है लेकिन रोजाना भूल जाता हूँ,
मुझे उससे मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ।
उस की गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ।
बस इतनी बात पर लोगों को मैं अच्छा नहीं लगता,
मैं नेकी कर तो देता हूँ पर जताना भूल जाता हूँ।
शरारत ले के आँखों में, वो उस का देखना तौबा तौबा,
मैं नज़रों पर जमी नज़रें झुकाना भूल जाता हूँ।
मोहब्बत कब हुई, सब याद है मुझे क्योंकि,
मैं गलती करके गलती को भूलना भूल जाता हूँ।।