Shayri (Part 1)

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फकत अहसास के अंदाज़ बदल जाते हैं "फ़राज़"
वरना आँचल भी उसी धागे से बनता है और कफ़न भी.....

अहसास e अंदाज़ to bayan hota h dil ke ristee se.....dhaago ke riste to bante hai,bigadte hai
 
लगता है कोई खास बात है दुश्मन में
आज फ़िर मेरे दिल ने बगावत कर दी
lagta hai dil ne aaj dushman se dosti kar li hai...
tauba ye kya kiya hamne...kyn ye muhabbat kar li hai....
 
lagta hai dil ne aaj dushman se dosti kar li hai...
tauba ye kya kiya hamne...kyn ye muhabbat kar li hai....


दुश्मन ने तो दिल की ये हालत कर दी
दीवानगी मेरी जमाने में उजागर कर दी
 
उसने मिलने की भी अजीब शर्त रख्ही थी.....
सूखे पत्तों पे चल के आओ....कोई आहट भी न हो !!
 
निशब्द हूँ आज अपने अहसास को जलाकर
जिसे रखा था आज तक इस जहाँ से छुपाकर
कुछ और नहीं चंद कोरे कागज़ के टुकड़े थे
जिन्हें तुमने छुआ था कभी
और आज बन राख मेरी आँखों के आगे मुस्कुरा रहे हैं मुझपर!
सोचता हूँ चलूँ इन्हें गंगा मैं बहा दूं
मगर ये अहेसान्फरामोश दिल अब भी अपनी धुन मैं है
कहता है समेट ले इस राख को
अब तुझे किसी का डर नहीं है
दाग सफ़ेद कागज़ पर लग सकता था
मगर अब काली राख, किसी की नज़र नहीं है
जो चाहे आकार देना इसे और गुनगुना लेना!
नासमझ
अहसास भी कभी किसी चीज का मोहताज़ होता है
यही तो है वो, जो जिन्दगी में ख़ास होता है
बाकी सब तो गरम तवे पर पानी की बूँद के सामान है!
जिन्दगी है तो गम हैं
ख़ुशी है फिर क्यों आँख नम हैं
दिन है रात है, छाँव और धूप है
जो जिन्दा है वो अहसास है
मरा तो बस रंग रूप है
और फिर भी गंगा मैं बहाना है तो बहा दे
बुलंदकर अपने स्वर को और सबको बता दे
की तुमने उसे नहीं-
उसके रंग रूप को चाहा था
" और ये अहसास उसी वक़्त विलुप्त हो जाएगा "
 
Umar ki raah mein raste badal jaate hain.....
Waqt ki Aandhi mein Insaan Badal Jaate hain...
Sochta hoon kaam kar kar ke record thod doon...

Lekin salary dekhte hee Iraade badal jaate haain...​
 
उसने मिलने की भी अजीब शर्त रख्ही थी.....
सूखे पत्तों पे चल के आओ....कोई आहट भी न हो !!

Par ham to dhoome thate aaye
ar usne bhaja ke le gaye...........

Moral - choriya ki saari baat manan ki na hoti
 
जब तुम साथ थे ,​
तुम ही सब जज्बात थे ,​

तो लगा नहीं कभी ,
की तुम कभी नहीं होगी साथ ,
मैं सारे जहाँ को भुलाते गया ,
ठुकराते गया ,
आज न तुम हो ...
न सारा जहाँ ....
और हम पता नहीं कहाँ ............​

 
तुम पूछो और मैं ना बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं
इक ज़रा-सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं​
 
मत पूछो वक़्त ने क्या-क्या जख्म दिए है
अब तो हंवाओ के छूने से भी दर्द होता है​
 
रोज तनहा अकेले ख़ुशी से जी लेते थे ,
आज फिर उनकी याद ने रुला दिया ,​
रोज भूल जाता हूँ उनको में , ​
पर उनकी यादें पूछती हैं ,कब भुला दिया ?​
 
रोज तनहा अकेले ख़ुशी से जी लेते थे ,
आज फिर उनकी याद ने रुला दिया ,​

रोज भूल जाता हूँ उनको में , ​

पर उनकी यादें पूछती हैं ,कब भुला दिया ?​


लाख ये चाहा कि भूल जाऊं उसे......
हौसले अपनी जगह.....बेबसी अपनी जगह
 
चाँद तन्हा ,आसमां तन्हा
दिल मिला ,कहाँ कहाँ तन्हा

तू वहां तन्हा ,में यहाँ तन्हा ,
आज तो तन्हाई भी तन्हा |​
 
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