Shayri (Part 1)

Status
Not open for further replies.
वोह हमें कहते हैं की बदल गए हो तुम उसके जाने के बाद ....
.......................रंग टूटे पत्तों का अक्सर बदल ही जाता है |​
 
कुछ ऐसे रोये हम तेरे बाद इन काली रातों में ,,
आँखे खुले तो आंसू काले ,,बंद तो सपने काले |​
 
मत तलाश कर मेरी ज़ात मे ऐब
फ़क़त इतना कह दे के मे तेरे काबिल नहीं रहा ...!!!​
 
मुझे भी सीखा दो भूल जाने का हुनर ,

मुझ से अब रातों को उठ कर रोया नहीं जाता |
 
Anjan hai anjan hi rehne do,Teri yaadon me pal pal marne do,Q badnam karte ho mera naam le kar,Ab to es naam ko Benaam hi rehne do……
 
[h=6]इस दुनिया में वफ़ा करने वालो की कमी नहीं है "फ़राज़ "
बस प्यार ही उस से हो जाता है जो बेवफा हो ...!!
[/h]

 
अब ना मैं वो हूँ , ना बाकी हैं ज़माने मेरे

फिर भी मशहूर हैं गलियों मैं फ़साने मेरे !!
 
हौसले मिटने न दें अरमाँ बिखर जाने के बाद
मंजिलें मिलती है कब तूफां से डर जाने के बाद
कौन समझेगा कभी उस तैरने वाले का ग़म
डूब जाये जो समंदर पार कर जाने के बाद
आग से जो खेलते है वो समझते है कहाँ
बस्तियाँ फिर से नहीं बसती उजड़ जाने के बाद
ज़लज़ले सब कुछ मिटा जाते है पल भर में मगर
ज़ख्म मिटते है कहाँ सदियों गुज़र जाने के बाद
आशियाने को न जाने लग गई किसकी नज़र
फिर नहीं आया परिंदा लौटकर जाने के बाद
आज तक कोई समझ पाया न यह राज़े-हयात
आदमी आखिर कहाँ जाता है मर जाने के बाद
प्यार से जितनी भी कट जाए वही है ज़िंदगी
याद कब करती है दुनिया कूच कर जाने के बाद !!
 
बात ऊँची थी, मगर बात जरा कुछ कम आंकी
उसने जज्बात की औकात जरा कुछ कम आंकी
वो फ़रिश्ता कह कर मुझे जलील करता रहा
में इंसान हूँ, मेरी जात जरा कम आंकी
 
इक लफ्ज़े मोहब्बत का अदना ये फ़साना है
सिमटे तो दिले आशिक़ फैले तो ज़माना है
आँखों में नमी सी है चुप चुप से वो बैठे है
नाज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है
यह इश्क नहीं आसान इतना ही समझ लीजिए
इक आग का दरिया और डूब के जाना है
दिल संगे मलामत का हर चंद निशाना ह
दिल फिर भी मेरा दिल है दिल ही तो ज़माना है
आंसू तो बहोत से हैं आँखों में जिगर लेकिन
बिंध जाये तो मोती है रह जाये तो दाना है
 
हुस्न को दिल में छुपा कर देखो
मोहब्बत की शमा जला कर देखो

क्या खबर की कोई नगीना मिल जाये
जरा नफ़रत की कोई दीवार गिरा कर देखो
 
"यह बात तुम भी कभी तो समझो ,
हमारी चुप में भी गुफ्तुगू है .” ​
 
538968_264706596976872_608035457_n.jpg
 
Kisi ka dard jub had se guzar jata hai,

Kisi ka dard jub had se guzar jata hai ?

Samunder ka pani bhi ankho me utar aata hai,

Koi bana leta hai rait per ghar,

Aur kisi ka sab kuch lehro me bikhar jata hai.
​
​
 
Tune Mujhko Poori Tarah Thukraya Nahi Hai
Tu Bhool Gayi Tere Dil Ne Bhulaya Nahi Hai
Jab Bhi Jee Chahe Aa Jana Hum Tere Hee Hai
Dil Mein Abb Tak Koi Basaya Nahi Hai
 
"बिछुड़ के तुझ से,रही खुद से भी पहचान नहीं,
तेरी आदत की सज़ा जीना भी आसान नहीं......."​
 
वजूदे-ज़िन्दगी तो दर-ब-दर था,
मेरा कोई ठिकाना था न घर था,
मुझे मालिक ने जो चाहा बनाया,
मैं जब दुनिया में आया बेखबर था !
 
अपने गुनाहों का हमें बक्श रहा था वो सवाब !
उसकी हर आह का अन्दाज़ एक दुआ-सा भी था !!
 
Status
Not open for further replies.
Back
Top