sher bna sikari

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hoodarajesh

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एक शेर नै आपनी झूठी बड़ाई आछी लागा करती .
एक दिन आपनी शेरनी गेल्या घुमण लाग रहा .
एक गधा चरता दिखाई दिया . शेर बोल्या शेरनी तै
-- बता मेरी आँख लाल सै .
शेरनी बोली जी कोन्या .
शेर नै छो मैं आके एक थपड मारा और बोल्या -- कह
मेरी सासु की की मेरी आँख लाल सै , शेरनी डरती हुई बोली --जी
हां लाल सै . फेर बोल्या -- मेरे मुंह पै तने गुस्सा नज़र आवे सै नै .
शेरनी फेर डरती डरती बोली -- जी हां आवे सै . फेर बोल्या मेरा मुह
गुसे मैं तने भयानक दिखे सै नै . वा बोली जी ना दीखता . शेर नै
उसके फेर थपड मारा कह मेरी सासु की की भयानक दिखे सै . शेरनी
नै डरती नै फेर हाँ मैं हाँ मिला दी की जी हां दिखे सै . इब शेर बोल्या
-- तू देख मैं इस गधे का शिकार कर कै लाऊ सु .
शेर नै गधे पै भाज कै पाछे तै झपट्टा मारा . गधे नै भी आपने पाछली
लात शेर के जबड़े पै खीच कै मारी . शेर का सारा ए हुलिया बिगड़ गया .
और एक तरफ पडा पडा सुबकन लाग रहा . इब शेरनी आई उस धोरे
और बोली -- इब तेरी आँख भी लाल सै . तेरे मुंह पै गुस्सा भी दिखे सै .
और तेरे थोबडे की तै तू बुझे ए मतना वो तै घणा ए भयानक दिखे सै
 
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